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बुधवार, 30 नवंबर 2016

शिक्षा राज्यमंत्री देवनानी आज बाड़मेर आएंगे


         आचार्य समाचार ओनलाईन
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बाड़मेर/ 30.11.2016
49वां राज्यस्तरीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी मेला में पूरे राजस्थान से आए लगभग 1200 प्रतिभागी विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया चार दिवसीय यह विज्ञान मेला बाड़मेर के राज्यकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्टेशन रोड बाड़मेर में आयोजित किया जा रहा है जहां कई आधुनिक व उन्नत मॉडल प्रदर्शित किए जा रहे हैं मेले का समापन समारोह 1 दिसंबर 2016 को है जिसमें मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री श्रीमान वासुदेव देवनानी होंगे।
                                प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा एवं भाषा विभाग राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) प्रो. वासुदेव देवनानी अपनी एक दिवसीय यात्रा पर एक दिसंबर को बाडमेर आएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रो. देवनानी बुधवार को रात्रि 11.45 बजे जयपुर से प्रस्थान कर एक दिसंबर को प्रातः 9.45 बजे बाडमेर पहुंचेगे। देवनानी एक दिसंबर को प्रातः 11.30 बजे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्टेशन रोड बाडमेर में राज्य स्तरीय विज्ञान मेला समापन समारोह तथा विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के पश्चात् सायं 6 बजे जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

रविवार, 27 नवंबर 2016

Man ki baat : 26th edition by modi

मन की बात: नोटबंदी पर बोले पीएम मोदी- फैसला थोड़ा कड़ा है लेकिन देशहित में जरूरी था
27 Nov. 2016 11:30
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' में 26वीं बार एक बार फिर देश की जनता से रूबरू हुए। खास बात ये है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यक्रम उनके महत्वाकांक्षी नोटबंदी के कदम के बाद आ रहा है ऐसे में देशभर की निगाहें इस पर टिकी थीं।
पूर्व में भी अपने इसी कार्यक्रम में वह भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दे पर किसानों को राहत देने की घोषणा कर चुके हैं। इसके अलावा भी वह कई महत्वपूर्ण घोषणाएं इसी आयोजन में करते रहे हैं।
आगे आप पढ़िए और क्या-क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी
-मैं छोटे दुकानदारों से अपील करता हूं कि वो भी अपने यहां कैशलेस ट्रांजेक्‍शन को बढ़ावा दें। अपने यहां उन्हें ट्रांजेक्‍शन मशीनें रखनी चाहिएं, उन्हें अपने मोबाइल में नई ऐप डाउनलोड करनी चाहिएं
-मैं उन लोगों से अपील करता हूं कि वो देश के बदलाव में साक्षी बनेंगे और खुद के विकास की राह प्रशस्त करें
-हम नहीं चाहते कि आम लोगों को कोई दिक्‍कत हो इसलिए उन्हें राहत देने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं
-नोटबंदी से पहले कई नगर निकायों में सालभर में मात्र 3-4 हजार करोड़ का टैक्स आता लेकिन निर्णय के बाद एक सप्ताह में 13 हजार करोड़ का टैक्स मिला -इस पैसे से नगर पालिकाओं को विकास कार्य करने में मदद मिलेगी
-किसानों की भी इस समय तारीफ करनी चाहिए जो तमाम मुश्किलों को झेलने के बाद भी देश हित में डट कर खड़ा है
-खास बात ये है कि इस बार निर्णय के बाद गेंहू की बुआई भी बढ़ी है
-बैंककर्मी ने अस्पताल जाकर बीमार व्यक्ति को नोट दिए, ये सराहनीय कदम है, इस जज्बे को सलाम करना चाहिए
-दूसरों के खाते में कुछ लोग पैसे डालकर अपने पैसे बचाने में जुटे हैं उनको यह कदम भारी पड़ सकता है
-बुराइयां इतनी हैं कि कुछ लोगों की बुराई की आदत जाती नहीं हैं
- कुछ लोग नोटबंदी के इस मुश्किल दौर में भी लोगों की मदद कर रहे हैं उनकी तारीफ करना चाहिए
- मैं चुनाव के दौरान चाय पर चर्चा करता था ये नहीं पता था कि चाय से शादी हो सकती है, 17 नवंबर को सूरत में एक ऐसी ही शादी हुई जिसमें मेहमानों को सिर्फ चाय भी पिलाई गई
फैसला लेते वक्त इन कठिनाइयों का अंदाजा था लेकिन इसे लेना जरूरी था
-फैसला लेते वक्त इन कठिनाइयों का अंदाजा था लेकिन इसे लेना जरूरी था, जल्द ही इन कठिनाइयों से देश निकलकर रहेगा
-हमें उन लोगों की सराहना करनी चाहिए जो तमाम कठिनाइयों के बीच लोगों की मदद कर रहे हैं, वो चाहे बैंक कर्मी हों या पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी
-नोटबंदी के फैसला थोड़ा कड़ा है लेकिन देशहित में जरूरी था
-50 दिन के बाद हम इसमें राहत पाएंगे, 70 साल से जो बीमारी झेल रहे थे उसके इलाज में थोड़ा समय तो लगेगा
-हर वर्ष की बात मैं जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए चीन से मिलती भारत की सरहद पर गया था
-वहां जवानों की स्थिति पर खूब चर्चा हुई, इससे मुझे एहसास हुआ कि हमें त्यौहारों के अवसर पर जवानों को याद करना चाहिए
-दीवाली पर उनके साथ रहकर लगा जैसे मैं अपने घर में ही हूं
-कश्मीर यात्रा के दौरान कई गांवों के सरपंच हमसे मिले और हालात पर चर्चा की

बुधवार, 23 नवंबर 2016

बगैर ‘R’ अक्षर वाले 2000 रुपये के नोट हैं नकली ? पढ़िये पूरा सच

‘R’ अक्षर वाले 2000 रुपये के नोट को लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। कोई इसे असली बता रहा है तो कोई नकली। कई बैंक बगैर ‘R’ अक्षर वाले नोट नहीं ले रहे हैं। हालांकि अब आरबीआइ ने स्पष्ट किया है कि बाजार में दोनों तरह के नोट असली हैं। एक के सीरियल नंबर के नीचे अंग्रेजी का ‘R’ अक्षर है और दूसरे नोट में ‘R’ नहीं है। इसे लेकर आम लोगों समेत बैंक प्रबंधकों में भी गफ़लत की स्थिति बनी हुई है। यहां तक कि बिना ‘R’ वाले नोट स्वीकार नहीं किए जा रहे।

ताज़ा मामला नेहरू कॉलोनी की इलाहाबाद बैंक शाखा में सामने आया। जहां धर्मपुर निवासी अजय बहुगुणा ने बताया कि उन्हें कहीं से दो हज़ार रुपये के नए नोट मिले। इनमें ऐसे नोट भी थे, जिनमें नोट के ऊपरी हिस्से के सीरियल नंबर व निचले हिस्से सीरियल नंबर के नीचे अंग्रेज़ी का ‘R’ नहीं था। जिसे व्यापारियों ने वापस कर दिया। जिसे बदलवाने के लिए वह इलाहाबाद बैंक गए तो प्रबंधक विपिन सूद ने नोट लेने से इन्कार कर दिया। नोट की सत्यता पर संदेह ज़ाहिर करते हुए उन्होनें नोट लेने से इनक़ार कर दिया। ऐसे कई मामले कुछ अन्य शाखाओं में भी सामने आए।  अब आरबीआइ ने स्पष्ट किया कि दोनों तरह के नोट असली हैं।

हालांकि जैसे ही यह ख़बर RBI तक पहुंची तो महाप्रबंधक सुब्रत दास का ने कहा कि जिन नोटों में R नहीं छपा है, वह नोटों की शुरुआती खेप है। जो नोट बाद में जारी किए गए उन पर R छपा है।  दोनों नोट असली हैं, इन्हें स्वीकार करने से इनक़ार नहीं किया जा सकता। अब आरबीआइ ने स्पष्ट किया कि दोनों तरह के नोट असली हैं।

सोमवार, 21 नवंबर 2016

बैंक की लाइन में सबसे पीछे खड़े हो गए कलेक्टर साहब, नंबर आया तो बदलवाया नोट

बैंक की लाइन में सबसे पीछे खड़े हो गए कलेक्टर साहब, नंबर आया तो बदलवाया नोट

 Pushpendra Singh Rajput  8:24:00 AM  1 Comment  India news #Acharya #samachar #online

New Delhi 18 November 2016: बस्तर के कलेक्टर अमित कटारिया कल से फिर सुर्ख़ियों में हैं । एक दिन पहले  उन्होंने काफी देर आम जनता की तरह बैंक के बाहर लाइन में खड़े होकर पांच-पांच सौ के दो नोटों के बदले सौ-सौ के नोट लिए । भारतीय स्टेट बैंक बस्तर पहुंचे कटारिया ने जनता के बीच खड़े होकर नोटबंदी पर उनकी राय ली । कटारिया के मुताबिक़ अधिकतर लोगों ने उन्हें बताया कि नोटबंदी से कोई ख़ास समस्या नहीं है ।

 कटारिया बैंक पहुँचते ही लाइन में सबसे पीछे खड़े हो गए और जब उनका नंबर आया तो आधार कार्ड की फोटोस्टेट काँपी देकर उन्होंने नोट बदलवाए । अपने पाठकों को बता दें कि अमित कटारिया एक दबंग अधिकारी हैं ये चर्चा में उस समय आये थे जब छत्तीशगढ़ पहुंचे  प्रधानमंत्री की आगवानी के दौरान इन्होंने अपनी आँखों पर से काला चश्मा नहीं उतारा था । स्थानीय जहां भी परेशान होती है वहाँ कटारिया को भेजती है कटारिया सरकार की उम्मीदों पर हमेशा खरे उतरते हैं । अधिकारियों की लापरवाही बर्दास्त नहीं करते हैं ।

कटारिया 2004  बैच के IAS   अधिकारी हैं । भाजपा नेता जो अब विधायक हैं उन्हें अपने आफिस से गेटआउट बोल चुके हैं । बताया जाता है कि कटारिया मात्र एक रूपये तनख्वाह लेते हैं । गुड़गांव के रहने वाले अमित ने इंजीनियरिंग की सर्वोच्च संस्थाओं में से एक आईआईटी दिल्ली से इलेकट्रानिक्स में बीटेक किया है। बीटेक की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें देश विदेश की नामी गिरामी कंपनियों से लाखों के पैकेज पर नौकरी का आफर मिला था, लेकिन वे आईएएस बनना चाहते थे। इसलिए सभी आफर ठुकरा दिया। कटारिया के परिवार का दिल्ली और आसपास रियल स्टेट का कारोबार है। शापिंग माल और कई कांप्लेक्स भी हैं। अमित की पत्नी प्रोफेशनल पायलट हैं। उनसे कई गुना ज्यादा उनकी पत्नी की आमदनी है ।

शनिवार, 19 नवंबर 2016

मिसाल: नोटबंदी से परेशान विदेशियों को लाए घर, खूब किया सत्कार

                                                                    नोटबंदी के कारण परेशान 6 विदेशी नागरिकों और उनके एक साथी का घर पर आदर सत्कार कर पिथौरागढ़ के पाठक परिवार ने अतिथि देवो भव: की उक्ति को साकार किया है।
पोलैंड की युवती एंजिल किस कोसमाला, यूक्रेन की युवती ड्योनिवो ओलगो, रूस निवासी पर्वतारोही टार्जनोव एलकेसी, हैती निवासी फिल्म मेकर मैक्स स्टीफन ऑलीवर फैबलस, लिथीनिया निवासी रोक्स जीसीवीसियश, फ्रांस निवासी लियोनिल मार्टिनेज और उनके साथ मुंबई से आए डाक्यूमेंट्री फिल्म मेकर राहुल हिमांती पांडे 16 नवंबर को पिथौरागढ़ पहुंचे।

इनके पास भारतीय करेंसी का अभाव था। विदेशी करेंसी बदलने के लिए ये लोग बैंकों के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को कूर्मांचल बैंक की शाखा में इनकी मुलाकात थियेटर फॉर एजूकेशन इन मास सोसायटी के सचिव योगेश पाठक से हुई। योगेश ने अपनी मां कविता पाठक, पिता केदार दत्त पाठक से विदेशी मेहमानों को घर पर भोज देने के लिए बात की।

माता-पिता ने इसे अपना सौभाग्य मानते हुए शुक्रवार को घर पर भोजन के लिए विदेशी मेहमानों को घर पर आमंत्रित किया। विदेशी नागरिकों की दिक्कत को देखकर कूर्मांचल बैंक शाखा प्रबंधक पंकज तिवारी ने भी इन लोगों को अपनी तरफ से 1000 रुपए दिए।
शुक्रवार को दोपहर के भोजन के लिए विदेशी मेहमान पाठक परिवार के घर पहुंचे तो योगेश के माता-पिता के साथ ही बड़े भाई दिनेश पाठक, भाभी आशा पाठक, दीदी रेनू पाठक, छोटे आशीष पाठक, मुकुल पाठक ने मेहमानों की आवभगत की। मेहमानों को घी के साथ मडुवे की रोटी, धनियां का नमक, झोली-भात और भटिया (भट का बना विशेष व्यंजन) परोसा गया।

सत्कार देख विदेशी भी हुए अभिभूत
यही नहीं उन्हें दक्षिणा देकर घर से विदा किया गया। स्वागत सत्कार से अभिभूत विदेशी मेहमानों ने दिल से पाठक परिवार का शुक्रिया अदा किया। इन विदेशी मेहमानों के पास इस समय मात्र 4000 रुपये की नई करेंसी, जबकि 120 यूरो और 65 डालर हैं। एक दिसंबर को यह लोग नेपाल जाएंगे। फिलहाल ये लोग यहां रामकृष्ण मिशन के आश्रम में रह रहे हैं।

विदेशी नागरिकों का यह दल मुंबई के डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर राहुल हिमांती पांडे के साथ मानवता पर लघु फिल्म का निर्माण करने के लिए यहां आया है। इन्होंने कुमाऊं के तमाम इलाकों में फिल्मांकन कर लिया है। नेपाल में फिल्मांकन होना है। ये लोग लघु फिल्म के जरिए विश्व को मानवता का संदेश देना चाहते हैं। पाठक परिवार ने जो किया है, उससे बड़ा मानवता का उदाहरण इनके लिए और क्या हो सकता है।

पीएम मोदी के फैसले की सराहना की
विदेशी मेहमानों ने ब्लैक मनी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदम की सराहना की। इन लोगों का कहना था कि भविष्य में इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। भारत तरक्की के रास्ते पर जाएगा।


    मंगलवार, 15 नवंबर 2016

    पेट्रोल और डीजल हुआ सस्ता

    नई दिल्ली: हाल में मिली ताजा जानकारी में पता चला है कि पेट्रोल डीज़ल के भाव में कटौती की गयी है. जिसमे अब पेट्रोल 1 रूपये 46 पैसे व डीजल 1 रूपये 53 पैसे लीटर सस्ता हो गया है. जिसके चलते यह दरे आज आधी से लागु कर दी जाएगी. जिसमे अब लोगो को थोड़ी राहत मिलेगी.
    आपको बता दे की नरेंद्र मोदी की नोटबंदी के बाद यह खबर आने से लोगो में इसका उत्साह देखा जायेगा. जिसमे पेट्रोल 1 रूपये 46 पैसे व डीजल 1 रूपये 53 पैसे लीटर सस्ता कर दिया गया है.

    सोमवार, 14 नवंबर 2016

    "नोट तो बदल गये पर लोग अभी भी परेशान"

    नोट तो बदल गये पर लोग अभी भी परेशान
    ///////// आचार्य समाचार online /////////
    बाड़मेर/13.11.2016
    बाड़मेर शहर में लोग लम्बी लम्बी कतारों में कईं घण्टों तक खड़े रहकर अपने पुराने 500₹ व 1000₹ के नोट बदलकर 2000₹ रूपये के नये नोट पाकर बहुत खुश हुए लेकिन बाज़ार में 100₹ के नोटों की कमी और बैंकों में 500₹ के नये नोट नहीं पहूंचने के कारण लोगों की खुशी धुमिल हो गई क्यों कि.......
    .....अब अगर लोग बाज़ार से  500-1000 रूपये तक का सामान खरीदते तो दुकानदार के पास उनको बाकी के हज़ार रूपये वापिस देने के लिये न तो हज़ार का और न ही पांच सौ का नोट है तथा 100-100 ₹ के इतने नोट नहीं है कि दुकानदार हर ग्राहक को दे सके। अत: नोटों का सिर्फ रंग बदला है स्थिति अब भी वहीं है जहां नोट बदलने से पहले थी। इस कारण ग्राहकों की कमी और नोटों की नमी के कारण मुख्य मार्केट ढाणी बाज़ार से स्टेशन रोड तक आधी से ज्यादा दुकानें बन्द रही।
    आम लोगों की सहूलियत के लिये  सरकार को जल्दी से जल्दी बाड़मेर के सभी बैंकों व एटीएम मशीन में 500₹ के भी नये नोट उपलब्ध कराने चाहिए ।
    ///////// आचार्य समाचार online ///////