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शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017

SBI में है आपका अकाउंट, अब इन खातों में मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं

SBI में है आपका अकाउंट, अब इन खातों में मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं

एसबीआई ने सरकारी नौकरी करने वालों को भी राहत दी है। और ऐसे अकाउंट होल्डर्स को अब न्यूनत्तम बैलेंस नहीं रखना होगा

आचार्य समाचार ओनलाईन April 18, 2017 

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई, SBI)

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने यहां खाता रखने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। SBI ने कई प्रकार के खातों में मिनिमम बैलेंस ना रखने पर वसूलने वाले चार्ज को हटा दिया है। अब ग्राहक इन खातों में मिनिमम बैलेंस नहीं भी रखेंगे तो उन्हें किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। एसबीआई ने ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी है। एसबीआई के ट्वीट के मुताबिक अब छोटी बचत खातों, बेसिक बचत खातों में मंथली एवरेज बैलेंस रखने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन धन अकाउंट योजना के तहत खोले गये खातों में भी न्यूनत्तम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं है। एसबीआई ने सरकारी नौकरी करने वालों को भी राहत दी है। और ऐसे अकाउंट होल्डर्स को अब न्यूनत्तम बैलेंस नहीं रखना होगा। एसबीआई ने सभी कॉरपोरेट सैलरी रखने वालों को भी ये सुविधा दी है।

मिनिमम बैलेंस की क्या है सीमा
बता दें कि SBI ने एक अप्रैल से अपने बैंकिंग नियमों में बदलाव किया है और कई तरह के खातों में मिनिमम बैलेंस ना रखने पर चार्ज लगाया है। एसबीआई का नया नियम देश के 6 मेट्रो शहरों में बचत खातों में 5 हजार रुपये रखने अनिवार्य कर दिये हैं, जबकि शहरी क्षेत्र के खाताधारकों को अपने खाते में 3 हजार रुपये रखने जरुरी होंगे, अर्ध शहरी क्षेत्र के अकाउंट होल्डर्स के लिए ये सीमा 2 हज़ार रुपये हैं, हालांकि ग्रामीण खाताधारकों को थोड़ी राहत दी गई है और उनके लिए हज़ार रुपये ही अपने खाते में रखने जरूरी किये गये हैं। एसबीआई के नये नियमों के मुताबिक ऐसा ना करने पर ग्राहक से 20 से 100 रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है।

कैसे करें अपने खाते की पहचान
बड़ा सवाल ये है कि आप इस बात की पहचान कैसे करेंगे कि आपका खाता किस कैटेगरी में आता है। एसबीआई ने स्मॉल और बेसिक सेविंग्स अकाउंट का मतलब बताते हुए लिखा है कि छोटी बचत खाते ढील दिये गये केवाईसी नियमों के तहत खोले जा सकते हैं। लेकिन इन खातों में अधिकत्तम बैलेंस और अधिकत्तम लेनदेन की सीमा तय की गई है। बेसिक सेविग्स अकाउंट केवाईसी नियमों के तहत खोला गया खाता है। बेसिक सेविंग्स खाताधारी दूसरा सेविंग अकाउंट नहीं खोल सकता है। जबकि सभी तरह के सरकारी नौकरियों में सैलरी पाने के लिए खोले गये खाते कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के तहत आते हैं। जन-धन खातों के पासबुक में ही लिखा होता है कि ये खाते प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गये हैं।

बुधवार, 26 अप्रैल 2017

संपादकीय विशेष : जानवर कौन..... ????

संपादकीय विशेष

*जानवर कौन ????*

मधु एक बकरी थी,

जो  कि माँ बनने वाली थी।

माँ बनने से पहले ही मधू ने भगवान् से दुआएं मांगने शुरू कर दी।
कि "हे भगवान् मुझे बेटी देना बेटा नही"।

पर किस्मत को  ये मन्जूर ना था, मधू ने एक बकरे को  जन्म दिया, उसे देखते ही मधू रोने लगी।

साथ की बकरियां मधू के रोने की वजह जानती थी, पर क्या कहती।
माँ चुप हो  गई और अपने बच्चे को  चाटने लगी।

दिन बीतते चले गए और माँ के दिल मे अपने बच्चे के लिए प्यार उमड़ता चला गया।
धीरे- धीरे माँ अपने बेटे में सारी दुनियाँ को  भूल गई,

और भूल गई भविष्य की उस सच्चाई को  जो  एक दिन सच होनी थी।

मधू रोज अपने बच्चे को चाट कर दिन की शुरूआत करती,
और उसकी रात बच्चे से चिपक कर सो  कर ही होती।

एक दिन बकरी के मालिक के घर बेटे  ने जन्म लिया।

घर में आते मेहमानानो और  पड़ोसियों की भीड़ देख मधू बकरी ने साथी बकरी से पूछा "बहन क्या हुआ आज बहुत भीड़ है इनके घर पर"

ये सुन साथी बकरी ने कहा की "अरे हमारे मालिक के घर बेटा हुआ है,
इसलिए चहल पहल है"
बकरी मालिक के लिए बहुत खुश हुई और उसके बेटे को बहुत दुआएं दी।

फिर मधू अपने बच्चे से चिपक कर सो  गई।

मधू सो  ही रही थी कि तभी उसके पास एक आदमी आया,
सारी बकरियां डर कर सिमट गई,
मधू ने भी अपने बच्चे को  खुद से चिपका लिया।
तभी उस आदमी ने मधू के बेटे को  पकड़ लिया और ले जाने लगा।

मधू बहुत चिल्लाई पर उसकी एक ना सुनी गई,
बच्चे को  बकरियां जहाँ बंधी थी उसके सामने वाले कमरे में ले जाया गया।

बच्चा बहुत चिल्ला रहा था,

बुला रहा था अपनी माँ को , ...

मधू भी रस्सी को  खोलने के लिए पूरे पूरे पाँव रगड़ दिए पर रस्सी ना खुली।
थोडी  देर तक बच्चा चिल्लाया पर उसके बाद बच्चा चुप हो  गया,
अब उसकी आवाज नही आ रही थी।

मधू जान चुकी थी कि उसके बच्चे के साथ क्या हुआ है,
पर वह फिर भी अपने बच्चे के लिए आँख बंद कर दुआएं मांगती रही।

पर अब देर हो  चुकी थी बेटे का सर धड़ से अलग कर दिया गया था।

बेटे का सर मां के सामने पड़ा था, आज भी बेटे की नजर माँ की तरफ थी,

पर आज वह नजरे पथरा चुकी थी,

बेटे का मुंह आज भी खुला था,

पर उसके मुंह से आज माँ के लिए पुकार नही निकल रही थी,

बेटे का कटा सिर सामने पडा था माँ उसे आखरी बार चूम भी नही पा रही थी

इस वजह से एक आँख से दस दस आँसू बह रहे थे।

बेटे को  काट कर उसे पका खा लिया गया।

और माँ देखती रह गई,

साथ में बैठी हर बकरियाँ इस घटना से अवगत थी पर कुछ कर भी क्या सकती थी।

दो  माह बीत चुके थे मधू बेटे के जाने के गम में पहले से आधी हो  चुकी थी,

कि तभी एक दिन मालिक अपने बेटे को  खिलाते हुए बकरियों के सामने आया,

ये देख एक बकरी बोली "ये है वो  बच्चा जिसके होने पर तेरे बच्चे को  काटा गया"

मधू आँखों में आँसू भरे अपने बच्चे की याद में खोई उस मालिक के बच्चे को  देखने लगी

वह बकरी फिर बोली "देख कितना खुश है, अपने बालक को  खिला कर, पर कभी ये नही सोचता कि
हमें भी हमारे बालक प्राण प्रिय होते है, मैं तो  कहूं ..जैसे हम अपने बच्चो के वियोग में तड़प कर जीते है

वैसे ही ये भी जिए, इसका पुत्र भी मरे"
ये सुनते ही मधू उस बकरी पर चिल्लाई .. और  कहा

"उस बेगुनाह बालक ने क्या बिगाड़ा है, जो  उसे मारने की कहती हो ,
वो  तो  अभी धरा पर आया है,

ऐसा ना कहो भगवान् उसे लम्बी उम्र दे,

क्योंकि एक बालक के मरने से जो  पीड़ा होती  है मैं उससे अवगत हूँ, मैं नही चाहती जो पीड़ा मुझे हो रही है ..

वो  किसी और को  हो  ....  ये सुनकर साथी बकरी बोली ..कैसी है तू ❓❓

उसने तेरे बालक को  मारा और तू फिर भी उसी के बालक को  दुआ दे रही है।"

मधू हँसी और कहा "हाँ, क्योकि मेरा दिल एक जानवर का है इंसान का नही।

( कई बार सच समझ नही आता कि .. जानवर असल में है कौन)

शाकाहारी बनों।
हर जीव के बारे में सोचे।।

खाने से पहले बिरयानी
चीख जीव की सुन लेते।

करुणा के वश में होकर
शाकाहार को चुन लेते।।

"प्रेम न बाड़ी उपजे ,
प्रेम न हाठ बिकाये ।
राजा रानी जो चहे ,
शीश देय ले जाये ।।
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मंगलवार, 25 अप्रैल 2017

1 जून 2016 को व उसके बाद जन्मी बालिका को राज्य सरकार देगी 50,000 रूपये

 "मुख्यमंत्री राजश्री योजना" 
1 जून 2016 को व उसके बाद जन्मी बालिका को राज्य सरकार देगी 50,000 रूपये 
योजना का लाभ लेने के लिये भामाशाह कार्ड होना जरूरी है
योजना राशि का भुगतान ओनलाईन सीधे खाते या चेक के माध्यम से होगा।
योजना राशि निम्न किश्तों में दी जायेगी -
1. बालिका के जन्म पर 2500 ₹
2. पहले जन्मदिन पर 2500 ₹
3. राजकीय विद्यालय में प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने पर 4000 ₹
4. राजकीय विद्यालय में कक्षा 6 तक पहूंचने पर 5000 ₹
5. राजकीय विद्यालय में कक्षा 10 तक पहूंचने पर 11000 ₹
6. राजकीय विद्यालय में कक्षा 12वीं पास करने पर 25000 ₹

योजना का लाभ लेने के लिए योग्य प्रार्थी गर्भवती महिला प्रसर्व पूर्व जांच/एएनसी जांच के दौरान भामाशाह कार्ड व उससे जुड़े बैंक खाते का विवरण नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र पर ए.एन.एम./आशा/ आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता या राजकीय चिकित्सा संस्था में उपलब्ध करावें।
सूचना प्रेषक
आचार्य समाचार ओनलाईन द्वारा जनहित में जारी...........✍

शराबबंदी : केन्द्र व राज्य सरकारों की इच्छाशक्ति पर निर्भर

संपादकीय

जब राजस्थान सरकार को रायल्टी के रूप में हजारों करोड़ रूपये पैट्रोल से व भविष्य में रिफाइनरी द्वारा मिल रहे हैं.......
.......फिर भी उसरकार को इतना लालच है पैसों का कि पूरे राजस्थान में विरोध के बावजूद शराब के ठेके खोल रखे हैं।
बिचारे छाबड़ा साहब शराब का विरोध अनशन करते हुए शहीद हो गये....!!!!
शराबी अभी भी जोरशोर से बस पी रहे है.....!!

सरकार को मैं दो सुझाव दूंगा कि
१. सारे ठेके बन्द कर शराब बिक्री व परिवहन पर पूर्णतः रोक लगा दो।
या
२. शराब की दुकानों को पटाखों की दुकानों की तरह आबादी से दूर एक जगह पर एक साथ लगाया जायें
और शराब वहाँ सिर्फ बिक्री ही हो जिसको पीना है वो अपने घर जाकर पीये
और अगर सार्वजनिक जगह पर पीते हुए पाया जाये तो उसे 5000 से 50,000 तक जुर्माना या 1 महिने से 5 महिने तक कारावास में डाला जायें।
✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻
महावीर आचार्य बाड़मेर
संपादक
आचार्य समाचार ओनलाईन

जेएनवीयू जोधपुर यूनिवर्सिटी पर उठ रहे सवाल

🙏🏻🙏🏻आवश्यक सूचना🙏🏻🙏🏻

दुनिया की सबसे घटिया यूनिवर्सिटी जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी जोधपुर (JNVU JODHPUR) जो सबसे लेट परीक्षा करवाती है और सबसे लेट रिजल्ट घोषित करती है।

सत्र् 2016-17 में बी.एड. 1st year का फोर्म भराया jnvuonline.com पर ।
रिजल्ट भी इसी वेबसाइट पर दिया।
😮लेकिन REEVALUATION का फोर्म भरवा रही है jnvu.edu.in पर।

😮जिसकी खबर या विज्ञप्ति किसी अखबार में नहीं दी है। और कोलेज वालों को भी कुछ अतापता नहीं।
😮जबकि jnvu.edu.in और jnvuexam.org कब की बन्द पड़ी है।
®REEVALUTION का मतलब जानबूझकर 1-10 नम्बर कम देना और फिर प्रत्येक विषय के  300 फीस वसूलकर नम्बर दोबारा गिनकर बढा देना। यह विद्यार्थियों को लूटने का तरीका है ईनका।
समस्त बी.एड. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों सजग हो जाओ और जिनके परीक्षा परिणाम में किसी विषय में अपेक्षा या पासिंग नम्बर से कम आये हैं वे REEVALUATION का फोर्म भर दें ।
प्रत्येक विषय के 300 रूपये वसूले जायेंगे।
अन्तिम तिथि है 29.04.2017
जल्दी करो नही तो फेल हो गये तो दो साल व लाखों रूपये खर्च किए वो डूब जायेंगे।

आचार्य समाचार ओनलाईन की स्पेशल रिपोर्ट।

रविवार, 2 अप्रैल 2017

छूट के नाम पर हुई भारी लूट

दिल्ली/02.04.2017

आपको बता दें कि जिन व्यक्तियों ने 10 से 15000 के डिस्काउंट पर गाड़ियां खरीद ली है उन लोगों के लिए एक बड़ी दुखद घटना 31 मार्च के बाद होने वाले सभी रजिस्ट्रेशन पर बीएस-4 पोलूशन किट लगवाना अनिवार्य रहेगा जिसकी अनुमानित कीमत 17000 से 20000 के आसपास आएगी कंपनी ने अपना स्टॉक ग्राहकों के साथ एक बहुत बड़ी साजिश के लिए सावधान तो इस प्रकार की खबर मीडिया में चल रही है कि छूट बाली गाड़ियों में अब किट लगबानी पड़ सकती है। जिसकी कीमत 17000 से 20000 होती है।