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बुधवार, 28 फ़रवरी 2018
सोमवार, 26 फ़रवरी 2018
रक्तदान जागरूकता अभियान के पोस्टर का हुआ विमोचन
रक्तदान जागरूकता अभियान के पोस्टर का हुआ विमोचन
रक्तदान जागरूकता को लेकर होगा कई कार्यक्रमों का आयोजन
बाड़मेर । 26.02.2018
जिले में रक्तदान जागरूकता को लेकर बाड़मेर जिला स्तर पर ब्लड डोनर्स सोसायटी, बाड़मेर पिछले लम्बे समय से रक्तदान शिविर एवं आपातकालीन रक्तदान उपलब्ध करवाने को लेकर सतत एवं सकारात्मक कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सोमवार को जिला कलेक्टर शिवप्रसाद एम. नकाते एवम अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश विश्नोई ने रक्तदान जारूकता अभियान के ‘‘रक्तदान को जानें ’’ पोस्टर का विमोचन कर रक्तदान जागरूकता अभियान का आगाज किया ।
पोस्टर के चिमोचन के दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि रक्तदान के प्रति आमजन में जागरूकता लाना अच्छी पहल है । जो एक पुण्य एवं मानवता का कार्य है । वहीं ब्लड डोनर्स सोसायटी, बाड़मेर के भीमराज कड़ेला ने जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर को अभियान के बारे में जानकारी दी ।
ब्लड डोनर्स सोसायटी, बाड़मेर के मुकेश बोहरा अमन ने बताया कि रक्तदान जागरुकता अभियान में भावी व आम नागरिकों को ‘रक्तदान को जानें‘ कार्यक्रम के तहत रक्तदान के प्रति जागरुक कर रक्तदान के प्रति फैली भ्रान्तियों को दूर करने का प्रयास किया जायेगा। जिसमें एक टीम के रुप में स्कूलों, काॅलेजों व मुख्य जगहों पर रक्तदान के जागरुकता कार्यक्रम चलाकर सामान्य जानकारी दी जायेगी तथा रक्तदान जागरुकता को लेकर विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का रोचकता एवं सहजता के साथ आयोजन कर भावी नागरिकों को रक्तदान की महत्ता समझाई जायेगी। पोस्टर विमोचन के दौरान अजयनाथ, मुकेश बोहरा, राजा हरीश, प्रवीण सिंह राजपुरोहित उपस्थित रहे. ।
सोमवार, 5 फ़रवरी 2018
अब जल्द ही बाड़मेर में भी मिलेगी FM की सुविधा , बस उद्घाटन करने का है इंतजार
अब जल्द ही बाड़मेर में भी मिलेगी FM की सुविधा , बस उद्घाटन करने का है इंतजार
BARMER, RAJASTHAN, INDIA
- चार करोड़ की लागत से चौहटन की पहाड़ी पर एफएम ट्रांसमीटर लगकर तैयार
- रिफाइनरी के साथ पीएम के हाथों ओपनिंग की थी चर्चा, अब जल्द उद्घाटन की उम्मीद
चौहटन. सुदूर सीमावर्ती मरुधरा के धोरों पर बैठ एफम के सुर लहरियों का आनन्द अब जल्द ही बाशिन्दों को भी नसीब होगा। यह न केवल देश के बाशिंदों को बल्कि सीमा पार भी लोगों को रोमांचित करेंगे। इसको लेकर चौहटन की ऊंची पहाड़ी पर दूरदर्शन टॉवर के साथ एंटीना व उसके पास ही हॉल में ट्रांसमीटर बनकर तैयार हो चुका है। अब बस किसी जनप्रतिनिधि के बटन दबाने का ही इंतजार है। हालांकि पिछले दिनों रिफाइनरी शुभारम्भ करने पचपदरा आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों इसके शुभारंभ की चर्चा थी, लेकिन किसी कारणवश यह संभव नहीं हो पाया। अब जल्द उद्घाटन की उम्मीद है। ऐसे में यहां के खेत-खलिहानों में एफएम की धुन सुनाई देगी। केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय की ओर से करीब चार करोड़ की लागत से चौहटन की पहाड़ी पर एफएम ट्रांसमीटर स्थापित किया गया है।
प्रदेश में एफएम के चहेतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रेडियो के बाद मोबाइल आने से घर हो या प्रतिष्ठान, रेल या बस का सफर या खेतों और खलिहानों में काम के दौरान भी इसे आसानी से सुनने की सुविधा होने से एफएम के चहेतों की संख्या में भी खासा इजाफा होगा।
सरहदी बाशिंदों की जरूरत
जिले में एफएम की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। गीतों और समाचारों की आवश्यकता के साथ ही सीमा पार से दुष्प्रचार रोकने को लेकर भी एफएम खासा कारगर साबित होगा। हालांकि टॉवर और ट्रांसमीटर का काम काफी पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक इसकी शुरूआत में देरी हो रही है। फिलहाल यह दूरदर्शन के अधीन है, जल्द ही इसे आकाशवाणी को सुपुर्द किया जाएगा।
जिले में एफएम की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। गीतों और समाचारों की आवश्यकता के साथ ही सीमा पार से दुष्प्रचार रोकने को लेकर भी एफएम खासा कारगर साबित होगा। हालांकि टॉवर और ट्रांसमीटर का काम काफी पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक इसकी शुरूआत में देरी हो रही है। फिलहाल यह दूरदर्शन के अधीन है, जल्द ही इसे आकाशवाणी को सुपुर्द किया जाएगा।
क्या है एफएम
रेडियो की तकनीकी भाषा में मीडियम वेव, शॉर्ट वेव व फ्रिक्वेंन्सी मॉडयूलेशन (एफएम) पर सभी प्रकार के प्रसारण होते हैं। सम्प्रेषण के लिए देश के भीतर मीडियम वेव व देश के बाहर शॉर्ट वेव को प्रयोग में लिया जाता है। एक सीमित दायरे में फ्रिक्वेंसी मॉडयूलेशन सेवा को प्रयोग में लिया जाता है। इसकी खासियत है कि आंधी, तूफान, बरसात में भी सेवाएं प्रभावित नहीं होती। आवाज भी स्पष्ट सुनाई देती है। चौहटन एफएम के लिए तैयार ट्रांसमीटर दस किलोवॉट का लगाया गया है। इसकी क्षमता और फ्रिक्वेंसी लंबी दूरी तक होने से सरहद व उसके पार भी सुनाई दे सकेगी।
शनिवार, 3 फ़रवरी 2018
अब बाड़मेर से दिल्ली के लिए भी मिलेगी हवाई विमान सेवा
- उत्तरलाई-दिल्ली विमान सेवा की तैयारी
- जूम एयरवेज ने दिखाई है उत्तरलाई-दिल्ली सेवा में रुचि
- जूम एयरवेज ने दिखाई है उत्तरलाई-दिल्ली सेवा में रुचि
बाड़मेर.उत्तरलाई से दिल्ली के बीच हवाईसफर दीपावली तक शुरू होगा। जूम एयरवेज ने उड़ान योजना में रुचि दिखाई है। तेल कंपनी के लिए सप्ताह में एक बार पहले से ही उत्तरलाई-दिल्ली के रूट पर जूम के विमान पहले से ही आ रहे है।
उड़ान योजना में देश के छोटे शहरों को जोडऩे की योजना में अब बाड़मेर भी जुड़ जाएगा इसके लिए जूम एयरवेज ने रुचि लेते हुए उत्तरलाई-बाड़मेर रूट को पसंद किया है।
उड़ान योजना में देश के छोटे शहरों को जोडऩे की योजना में अब बाड़मेर भी जुड़ जाएगा इसके लिए जूम एयरवेज ने रुचि लेते हुए उत्तरलाई-बाड़मेर रूट को पसंद किया है।
बाड़मेर से तेल कंपनियों की ओर से 33 प्रतिशत तक यात्रीभार देने का एमओयू किया गया है। तेल कंपनी के लिए एयरवेज पहले से ही सप्ताह में एक बार विशेष सेवाओं के लिए पहुंचती है। एेसे में यह एमओयू होने से कंपनी को भी नियमित लोगों के दिल्ली आने जाने की सुविधा मिलेगी।
ढाई घंटे में पहुंचेंगे दिल्ली- उत्तरलाई से दिल्ली की दूरी अब करीब 2.30 घंटे में ही तय हो जाएगी। अभी रेल सेवा से दिल्ली पहुंचने में करीब 14 घंटे लग जाते है। दूरियों को लेकर ही कंपनियों व अन्य कार्यों से जुड़े लोग बाड़मेर आना पसंद नहीं करते है।
ढाई घंटे में पहुंचेंगे दिल्ली- उत्तरलाई से दिल्ली की दूरी अब करीब 2.30 घंटे में ही तय हो जाएगी। अभी रेल सेवा से दिल्ली पहुंचने में करीब 14 घंटे लग जाते है। दूरियों को लेकर ही कंपनियों व अन्य कार्यों से जुड़े लोग बाड़मेर आना पसंद नहीं करते है।
वीक एण्ड पर जा सकेंगे दिल्ली- तेल कंपनियों में काम कर रहे इंजीनियर्स और अधिकारी जिनका निवास दिल्ली में है उनके लिए तो यह विमान सेवा लाभदायक होगी। वे वीक एण्ड पर दिल्ली पहुंच जाएंगे। रेल में लंबी दूरी होने से अब तक महीनेभर में ही प्लान करते रहे है।
सेना से जुड़े लोगों के लिए भी लाभदायक- उत्तरलाई एयरफोर्स, जालिपा आर्मी कैण्ट और बीएसएफ से जुड़े लोगों के लिए भी इस सेवा काफी फायदेमंद होनी है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्र के बड़ी संख्या में यहां रह रहे अधिकारी और अन्य लोगों को कम छुट्टी मिलती है और उसमें यात्रा में दो तीन दिन बीत जाते है। एेसे में अब विमान सुविधा मिलने पर उनके लिए बड़ी सहूलियत होती है।
जैसलमेर से जाते है कई लोग- पिछले दिनों जैसलमेर से उड़ान के तहत विमान सेवा शुरू की गई है। बाड़मेर से कई लोग अभी जैसलमेर से दिल्ली की यात्रा कर रहे है। इनके लिए दिल्ली जाने में पांच से सात घंटे लग जाते है। उत्तरलाई से सेवा शुरू होने पर सहूलियत होगी।
12 सीट का होगा विमान- बताया जा रहा है कि शुरुआती दौर में 12 सीट का विमान शुरू किया जाएगा। दिन में एक बार इस विमान की उड़ान होगी। इसमें चार सीट कंपनी की ओर से बुक रहेगी और आठ सीट आम आदमी को मिल पाएगी। सफल रहने पर पचास सीट के विमान की सुविधा भी मिल सकती है।
12 सीट का होगा विमान- बताया जा रहा है कि शुरुआती दौर में 12 सीट का विमान शुरू किया जाएगा। दिन में एक बार इस विमान की उड़ान होगी। इसमें चार सीट कंपनी की ओर से बुक रहेगी और आठ सीट आम आदमी को मिल पाएगी। सफल रहने पर पचास सीट के विमान की सुविधा भी मिल सकती है।


