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गुरुवार, 29 मार्च 2018

बाड़मेर : भगवान महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा, आकर्षण का क्रेंद्र रही झकियाँ

बाड़मेर / 29.03.2018
जैन धर्म के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर की जयंती पर जैन समाज के तत्वावधान में शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जैन समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शोभायात्रा में बैंड-बाजे के साथ झांकी निकली जिसमें महिलाओं और बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। शोभायात्रा शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरी।

सुबह धर्म ध्वज फहराया गया। इसके उपरांत न्याति नोहरा से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान महावीर की प्रतिमा से सुसज्जित रथ शामिल थे। शोभायात्रा में ऊठ घोडो व बाइको पर सवार युवक जैन धर्म का ध्वज लिए हुए थे। महिलाएं सिर पर कलश धारण किये चल रही थी। महिलाएं व युवतियां अपने अपने मंडल की पोशाक में थी। इस दौरान भगवान महावीर के जयकारे भी गूंज रहे थे । शोभायात्रा में शामिल बैंड धार्मिक धुन बजाते चल रहे थे। जिससे वातावरण धर्ममय बना हुआ था। वहीं ट्रैक्टर ट्रालीयो में सुसज्जित दर्जनों झकियाँ आकर्षण का क्रेंद्र रही। शोभायात्रा में बड़ी महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे शामिल थे. शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से होती हुई आराधना भवन पहुंचकर धर्मसभा मे परिवर्तित हुई। शोभायात्रा में पुलिस प्रशासन की व्यवस्था चाक चौबंद रही।

शनिवार, 24 मार्च 2018

बाइकर्स रैली के साथ राजस्थान दिवस समारोह का आगाज

बाइकर्स रैली के साथ राजस्थान दिवस समारोह का आगाज
 बाड़मेर, 24 मार्च 2018
बाड़मेर जिले में सात दिवसीय राजस्थान दिवस समारोह का बाइकर्स रैली के साथ  आगाज हुआ। जिला मुख्यालय पर भगवान महावीर टाउन हाल से जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने बाइकर्स रैली को हरी झंडी मुनाबाव के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने इस तरह के प्रयास को बाड़मेर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन के विकास के लिए यथा संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बिश्नोई, सीमा सुरक्षा बल के कमाडेंट शाम कपूर, रावत त्रिभुवनसिंह, जिला परिवहन अधिकारी डी.डी.मेघानी, उद्यमी पुरूषोतम खत्री, ओमप्रकाश मेहता, आजादसिंह राठौड़, ओम जोशी, जीतेन्द्र मालू समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बाइकर्स रैली में 50 बाइकर्स शामिल रहे। बाइकर्स रैली में शामिल प्रतिभागियों ने किराडू में प्राचीन मन्दिरों के ऐतिहासिक महत्व को विस्तार से जाना। उन्होंने फोटोग्राफी करने के साथ किराडू के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके उपरांत बाइकर्स दल ने रेडाणा के रण में प्राकृतिक विरासत को जाना। उनको बताया गया है यहां पर करीब 7 किलोमीटर के दायरे में पानी भरा हुआ रहता है। यहां हजारों की संख्या प्रवासी पक्षी आते हैं। यह इलाका पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके उपरांत तामलोर में सरपंच हिन्दू सिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने बाइकर्स दल की अगवानी की।
 बाइकर्स रैली में शामिल लोगों ने भारत पाक अन्तरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंच कर मुनाबाव स्थित कान्फ्रेंस हाल, तारबदी,रेलवे स्टेशन, भारत पाक के मध्य चलने वाली थार एक्सप्रेस के साथ सीमा सुरक्षा बल की कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान सीमा सुरक्षा बल की 151 वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी रविन्द्र ठाकुर ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से किए जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताते हुए बीएसएफ की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। इसके बाद बाइकर्स रैली में शामिल प्रतिभागियों ने बिजराड में हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने चौहटन एवं ढोक में रेतीले धोरों के विहगम दृश्यों को देखा।
बाइकर्स रैली के प्रति दिखा उत्साहः बाड़मेर जिले मंे पर्यटन को बढावा देने के लिए निकाली गई बाइकर्स रैली को लेकर आमजन मंे खासा उत्साह दिखा। इसमंे जैसलमेर एवं बाड़मेर जिले के बाषिंदांे के साथ सेना, सीमा सुरक्षा बल एवं वायुसेना के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस रैली को लेकर ग्रामीण इलाकांे मंे उत्साह देखा गया।
मैत्री क्रिकेट मैच रविवार कोः राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य जिला प्रषासन एवं मीडियाकर्मियांे के मध्य आदर्ष स्टेडियम मंे रविवार को प्रातः 7 बजे से मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन होगा।
व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसारः राजस्थान दिवस समारोह के दौरान आगामी 30 मार्च तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमांे का वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रषासन की ओर से बाड़मेर जिला मुख्यालय पर होर्डिग्स लगाने के साथ विभिन्न स्थानांे पर पेम्पलेट वितरण एवं आमंत्रण पत्रांे के जरिए आमजन को अधिकाधिक भागीदारी सुनिष्चित करने का अनुरोध किया गया है।

शुक्रवार, 23 मार्च 2018

समाज की बेटी को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार


दिल्ली / 23.3.2018 
दिल्ली में घरेलू व शहरी मामलात मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान के कोटा निवासी रेखा शर्मा व शमशेर आलम को केंद्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा स्वच्छता एक्सीलेंसी अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। 


यह अवार्ड इन्हें स्वच्छ भारत अभियान के तहत महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा व सम्मान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने पर दिया गया है । पूरे राजस्थान में से सिर्फ दो महिलाओं का ही चयन हुआ है ।
उनके पति हितेश आचार्य बताते हैं कि  राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए पुरस्कार मिलने पर परिवार व समाज के लोगों द्वारा बधाइयां दी जा रही है। आचार्य समाचार ऑनलाइन के चीफ महावीर आचार्य ने  उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं व बधाई दी। 

बुधवार, 14 मार्च 2018

दुनिया के जाने माने वैज्ञानिक स्टीफ़न हॉकिंग का निधन

दुनिया के जाने माने वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है.

वो एक ऐसी बीमारी से पीड़ित थे, जिसके चलते उनके शरीर के कई हिस्सों पर लकवा मार गया था. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और विज्ञान के क्षेत्र में नई खोज जारी रखी.
हॉकिंग ने सापेक्षता (रिलेटिविटी), ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी को समझने में अहम भूमिका निभाई थी.


स्टीफन हॉकिंग की ज़िंदगी पर एक नज़र
* साल 1942 में 8 जनवरी को स्टीफ़न का जन्म इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड में हुआ था
* साल 1959 में वो नेचुरल साइंस की पढ़ाई करने ऑक्सफ़ोर्ड पहुंचे और इसके बाद कैम्ब्रिज में पीएचडी के लिए गए
* साल 1963 में पता चला कि वो मोटर न्यूरॉन बीमारी से पीड़ित हैं और ऐसा कहा गया कि वो महज़ दो साल जी पाएंगे
* साल 1988 में उनकी किताब ए ब्रीफ़ हिस्टरी ऑफ़ टाइम आई जिसकी एक करोड़ से ज़्यादा प्रतियां बिकीं
* साल 2014 में उनके जीवन पर द थ्योरी ऑफ़ एवरीथिंग बनी जिसमें एडी रेडमैन ने हॉकिंग का किरदार अदा किया था

परिवार ने जताया दुख

 ब्रिटिश वैज्ञानिक ने विज्ञान के क्षेत्र से जुड़ी कई जानी-मानी किताबें लिखी हैं, जिनमें ए ब्रीफ़ हिस्टरी ऑफ़ टाइम सबसे ज़्यादा मशहूर हुईं.
उनके बच्चों- लुसी, रॉबर्ट और टिम ने कहा, ''हमें ये जानकारी देते हुए बेहद दुख हो रहा है कि हमारे पिता का आज निधन हो गया है. वो बेहतरीन वैज्ञानिक और असाधारण इंसान थे जिनका काम और विरासत आने वाले कई साल तक जीवित रहेंगे.''
बच्चों ने स्टीफ़न हॉकिंग की 'हिम्मत और निरंतरता' की तारीफ़ की और कहा कि 'प्रतिभा और मज़ाकिया अंदाज़' ने दुनिया भर के लोगों को प्रेरित किया.
''उन्होंने एक बार कहा था- जिन लोगों से आप प्यार करते हैं, अगर वो नहीं हैं तो ये दुनिया फिर किस काम की है. हम उन्हें हमेशा ताउम्र मिस करेंगे.''

हमेशा व्हील चेयर पर रहने वाले हॉकिंग किसी भी आम इंसान से इतर दिखते थे.
विश्व प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक और बेस्टसेलर रही किताब 'ए ब्रीफ़ हिस्ट्री ऑफ टाइम' के लेखक स्टीफ़न हॉकिंग ने शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हु्ए यह साबित किया था कि अगर इच्छा शक्ति हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है.
अपनी खोज के बारे में हॉकिंग ने कहा था, ''मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैंने ब्रह्माण्ड को समझने में अपनी भूमिका निभाई. इसके रहस्य लोगों के खोले और इस पर किये गये शोध में अपना योगदान दे पाया. मुझे गर्व होता है जब लोगों की भीड़ मेरे काम को जानना चाहती है.''

हॉकिंग की पहली फ़ेसबुक पोस्ट

साल 2014 में जब हॉकिंग फ़ेसबुक पर पहली बार आए तब उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में अपने प्रशंसकों को 'जिज्ञासु' बनने की नसीहत दी थी.
हॉकिंग ने अपनी पोस्ट में लिखा था, ''मैं हमेशा से ही सृष्टि की रचना पर हैरान रहा हूं. समय और अंतरिक्ष हमेशा के लिए रहस्य बने रह सकते हैं, लेकिन इससे मेरी कोशिशें नहीं रुकी हैं.
  • एक-दूसरे से हमारे संबंध अनंत रूप से बढ़े हैं. अब मेरे पास मौका है और मैं इस यात्रा को आपके साथ बांटने के लिए उत्सुक हूं. जिज्ञासु बनें. मैं जानता हूं कि मैं हमेशा जिज्ञासु बना रहूंगा."

रविवार, 11 मार्च 2018

कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों का विदाई समारोह आयोजित

महावीर स्कूल में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को दी गई विदाई.....

बाड़मेर/11.03.2018

स्थानीय महावीर विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों का विदाई समारोह प्रबंधक श्री जीवराज शर्मा के आतिथ्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम प्रभारी महावीर आचार्य ने बताया कि कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों द्वारा कक्षा दसवीं के छात्र छात्राओं को तिलक लगाकर व माला पहनाकर विदाई दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक लुणाराम व सहव्यवस्थापक राहुल शर्मा ने बच्चों को नियमित रुप से अध्ययन करते हुए परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का प्रेशर न लेते हुए अपने लक्ष्य को साधने की बात कही। कक्षा 10 व 8  की प्री बोर्ड में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर  सम्मानित किया गया ।




इस दौरान हरीश गुप्ता, मांगीलाल, खेताराम, संगीत आचार्य, रजनी आचार्य, तपेश सहित समस्त स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित रहे। अध्यापक किशोर कुमार द्वारा बच्चों का मोटिवेशनल स्लोगन द्वारा हौसला बढ़ाया गया।

शुक्रवार, 9 मार्च 2018

सरकार ने अगर ये बिल पास कर दिया तो सड़कों से गायब हो जाएगी मोटरसाइकिल, नहीं चला सकेंगे आप BIKE


नई दिल्ली/09.03.2018
आचार्य समाचार Online/Mahaveer

चलने व बैठने में अटपटी और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने वाली मोटर बाइक्स अब देश की सड़कों से गायब हो जाएंगी। इसको लेकर अब एक नया कानून प्रभाव में आने वाला है। सबसे अहम बात यह है कि मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़ा यह कानून जबलपुर शहर से शुरू हुई एक पहल पर बनेगा।


इसी पहल के तहत भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सोमवार को राज्य सभा में एक बिल पेश करेंगे। यदि यह बिल पास हो गया तो मोटर व्हीकल एक्ट में एक नया प्रॉवधान प्रभावशील हो जाएगा।
इसके तहत मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन करने वाले वाहन निर्माताओं पर 100 करोड़ रुपए तक का जुर्माने और सजा का भी प्रॉवधान है। उल्लेखनी है कि जबलपुर के आनंद नगर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता ज्ञान प्रकाश ने सन् 2008 में एमपी हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कई मोटर साइकिलों में पीछे बैठने वाले व्यक्ति की सुरक्षा समेत कुछ अन्य जरूरी व्यवस्थाएं नहीं है।

यह मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 123 का खुला उल्लंघन है। एमपी हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों को सही पाया और 25 नवंबर 2008 को मोटर साइकिलों की ब्रिकी पर रोक लगा दी थी। प्रदेश भर में 5 दिसंबर 2008 तक मोटर बाइक्स की ब्रिकी प्रतिबंधित रही। एमपी हाईकोर्ट द्वारा मोटर साइकिलों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाए जाने से पूरे देश में हड़कम्प मच गया था। इसके बाद मोटर साइकिल निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटकाया। मोटर साइकिल निर्माताओं की याचिका पर 5 दिसंबर 2008 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्णय पर स्टे दे दिया। इससे मोटर साइकिल निर्माताओं को राहत मिली और प्रदेश में मोटर साइकिलों का विक्रय फिर से प्रारंभ हो सका था। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 23 फरवरी को मोटर साइकिल निर्माताओं की याचिका को खारिज कर दिया है। मोटर साइकिल निर्माताओं की याचिका निरस्त होते ही हर पूरे देश में हलचल मच गई है। यह आशंका बलवती हो गई कि मोटर व्हीकल एक्ट के मानक पूरे नहीं करने वाली मोटर साइकिलों पर मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में प्रतिबंध लग सकता है।

याचिका कर्ता ज्ञान प्रकाश के अनुसार याचिका लगाने के पूर्व उन्होंने सन् 2007-08 में तत्कालीन केन्द्रीय परिवहन मंत्री और परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखा था, जिसमें मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन से अवगत कराया गया था। उचित सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटकाया। ज्ञान प्रकाश के अनुसार जानकारों के अनुसार मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 123 के तहत मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने वाले के लिए पकडऩे को हैंडल, समुचित बैलेंस बनाने योग्य फुट रेस्ट और पहियों में कपड़े आदि फंसने से बचाने के लिए पहियों को आधा ढकने की व्यवस्था आदि होना जरुरी है। फिलहाल जितनी भी मोटर साइकिलें बाजार में आ रही हैं किसी में इनका पालन नहीं नजर आ रहा। रेसिंग और स्टायलिश बाइक्स तो और घातक हैं। महिलाओं के लिए इनमें पीछे बैठ पाना मुश्किल होता है। इस तरह की बाइक्स में हादसों का भी खतरा अधिक रहता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए एमपी हाईकोर्ट ने 25 नवंबर 2008 को मोटर साइकिलों की ब्रिकी पर रोक लगा दी थी।

सामाजिक कार्यकर्ता ज्ञान प्रकाश के अनुसार मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 123 से संबंधित बिल लोकसभा में पास हो चुका है।
मोटर साइकिल निर्माताओं की याचिका खारिज होने के बाद अब इसमें कार्रवाई और आगे बढ़ेगी। केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सोमवार को इस बिल को राज्य सभा के समक्ष पेश कर सकते हैं। यहां से बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति के समक्ष जाएगा। ज्ञान प्रकाश के अनुसार यदि यह बिल पास हो गया तो सड़कों पर रेसिंग बाइक्स और स्पोट्र्स बाइक्स का संचालन बंद हो जाएगा। इस तरह की बाइक्स केवल खेल मैदानों में या प्रतियोगिताओं में नजर आएंगी। वहीं बाइक्स के निर्माण में आवश्यक प्रॉवधानों का उल्लंघन करने वाले वाहन निर्माताओं पर 100 करोड़ रुपए अर्थदंड लगेगा। उन्हें डेढ़ साल तक की सजा भी हो सकती है।