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गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019
मंगलवार, 26 फ़रवरी 2019
पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना के 12 लड़ाकू विमान ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है
नई दिल्ली.
पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के 3.30 बजे मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकी गुटों पर कार्रवाई की। 12 मिराज विमानों ने 1000 किलो बम बरसाए। इसमें कई आतंकी कैंप तबाह हुए हैं। वायुसेना के सूत्रों ने इस हमले का दावा किया है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली।
भारत की कार्रवाई पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर एक ट्वीट किया कि भारतीय वायुसेना ने मुजफ्फराबाद सेक्टर से घुसपैठ की कोशिश की।
कार्रवाई उम्मीद से परे
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भारत की कार्रवाई पर कहा, "अगर यह बात सच है तो यह छोटा हमला नहीं है। यह हमारी उम्मीद से परे है।"ट्रम्प ने कहा था भारत बड़ी कार्रवाई करेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 23 फरवरी को दिए बयान में कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच बेहद खराब हालात हैं। अमेरिकी प्रशासन दोनों देशों के संपर्क में है। उम्मीद है ये दुश्मनी जल्द खत्म होगी।
रविवार, 24 फ़रवरी 2019
कारेली नाडी का होगा विकास,अतिक्रमण हटाने के निर्देश
जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक राशि डोगरा डूडी ने किया निरीक्षण।
बाड़मेर, 21 फरवरी। कारेली नाडी को पिकनिक स्थल के रूप मंे विकसित किया जाएगा। इसको लेकर जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक राशि डोगरा डूडी ने गुरूवार को कारेली नाडी का अवलोकन कर संबंधित विभागीय अधिकारियांे को आवश्यक निर्देश दिए।
जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक राशि डोगरा डूडी ने संबंधित विभागीय अधिकारियांे एवं कार्मिकांे से कारेली नाडी के क्षेत्रफल, उपलब्ध जमीन एवं प्रस्तावित कार्य योजना की जानकारी ली। उन्हांेने कारेली नाडी का मौका मुआयना करने के साथ प्रस्तावित कार्य योजना की क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियांे को आवश्यक निर्देश दिए। जिला कलक्टर गुप्ता ने कारेली नाडी के आसपास के क्षेत्र मंे किए गए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
उन्हांेने नगर परिषद के आयुक्त पवन मीणा को कारेली नाडी परिसर की तारबंदी अथवा चारदीवारी करवाने के लिए कहा। जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक राशि डोगरा डूडी ने पुलिस फायरिंग रेंज की जमीन का निरीक्षण करने के साथ भविष्य मंे अतिक्रमणांे की रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। इस दौरान बाड़मेर उपखंड अधिकारी नीरज मिश्र, आयुक्त पवन मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता सूराराम चौधरी, आरआई देवपुरी समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कारेली नाडी का होगा विकास,अतिक्रमण हटाने के निर्देशशुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019
10वीं बोर्ड परीक्षा : केन्द्र में स्टाफ भी नहीं ले जा सकेगा मोबाइल, नकल रोकने के लिए बोर्ड ने उठाया कदम
संदिग्ध परीक्षा केन्द्रों पर लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
संदिग्ध परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। हर केन्द्र पर औसतन 16 से 20 कैमरे लगेंगे। वहीं, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, झुंझुनूं, सीकर में वीडियोग्राफी की जाएगी। दसवीं की परीक्षा 14 से 27 मार्च और 12वीं की 7 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेंगी।
प्रतियोगिता : डिफेंस पर आइडिया बता जीतें इनाम, 28 तक करें आवेदन
अगर आपके पास कोई आइडिया है तो आपके पास 10 लाख रुपए जीतने का मौका है। यह मौका आपको डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) दे रहा है। डीआरडीओ प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। इसका नाम डेयर टू ड्रीम है। इसके लिए डीआरडीओ ने आवेदन मांगे हैं। 28 फरवरी तक वेबसाइट drdo.gov.in पर आवेदन करना होंगे। वेबसाइट पर चुनौतियों की एक लिस्ट दी होगी। उनमें से एक चैलेंज को चुनना और उसका हल सुझाना होगा। इसके लिए व्यक्तिगत और स्टार्टअप, दो श्रेणियों में आवेदन कर सकते हैं। स्टार्टअप कैटेगरी में विजेता को 10 लाख व व्यक्तिगत श्रेणी में विजेता को 5 लाख रु. दिए जाएंगे।
धमाके की रात......
अब चूँकि वह दुनिया भर के आतंकियों कि हिटलिस्ट में है इसलिए उसकी सुरक्षा-ब्यवस्था भी उतनी ही चाक-चौबन्द है क्योंकि सुरक्षा ऐजेंसियाँ भी उस निर्भीक, निडर और स्वतंत्र भारत के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण ब्यक्ति के महत्व को बख़ूबी समझती हैं.....
रात 3 बज चुके थे मगर यह ब्यक्ति तो निरंतर माथे पर चिंतन की रेखाओं और हृदय में आक्रोश के साथ बस टहले ही जा रहा था जैसे बहुत सारे विकल्पों को बार बार सोच सोच कर क्रम से जमाता...और फिर सारे क्रम को बिखरा कर पुनः नये क्रम में सजाने लगाता....मगर यह क्रम जैसे बार बार बिगड़ जा रहे थे....
चारों तरफ लगे सुरक्षा-कैमरे निरंतर निरंतर अपना काम कर रहे थे...और काम कर रहे थे उन कैमरों पर निगाह रखने वाले वो अफ़सर...जो हर 20 मिनट में अपने ऊपर के अधिकारी को रिपोर्ट भेज रहे थे....नतीजा यह हुआ...कि साढ़े तीन बजते बजते आई बी चीफ, सी बी आई चीफ, सुरक्षा सलाहकार और कई महत्वपुर्ण ऐजेंसियों के चीफ एक एक करके गार्डेन के एक कोने में जमा हो गये थे...जबकि उन्हे इसके लिए कोई आदेश नहीं मिला था.....इधर तमतमाये चेहरे के साथ टहलना जारी रहा...उधर उन अधिकारियों के चेहरे बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी.....
अंततः....बीतती हुई रात्रि के पौने चार बजने वाले थे .....सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल धीमी गति से आगे बढ़े और उन्हे धीरे से पुकारा......आग्नेय नेत्रों से उन्होने डोभाल को घूरा और फिर थोड़ा चौंकते-से हुए बाकी अधिकारियों की ओर देखा ......वो एक क्षण-मात्र के लिए रुके और उन सभी को पीछे आने का इशारा करते हुए अंदर की ओर बढ़ गये....लगभग डेढ़ घंटे की गंभीर मीटिंग के बाद अधिकारी-गण एक एक कर के वहाँ से विदा हुए तो सबसे अंतिम में डोभाल बाहर निकले....इस बीच उन्होने केवल पानी ही पिया था....और फिर सुबह की नित्यक्रिया करते हुए वह अगले दिन के तय कार्यक्रम में प्रस्तुत हो गये....उनके तमतमाये चेहरे ने अब धीर-गंभीरता ओढ़ ली थी...जो अगले दिनों के लगभग प्रत्येक कार्यक्रम में दिखी।
(प्रधानमंत्री-आवास के एक अधिकारी का अपने सीनियर को दी गयी रिपोर्ट)
अब अगर आपको लगता है कि यह ब्यक्ति इस घटना के पीछे के दोषियों को यूँ ही छोड़ देगा तो आपको स्वयं के लिए अवश्य किसी मनोचिकित्सक की आवश्यकता है।
हम तो बस इतना ही कहेंगे कि.....
हम आपके साथ हैं प्रधानमंत्री जी
साभार 🇮🇳🇮🇳
देशभर में 2022 तक 9 लाख कक्षाओं में होगा डिजिटल ब्लैकबोर्ड : जावड़ेकर
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बुधवार को ऑपरेशन डिजिटल ब्लैकबोर्ड लांच किया। इसके तहत 2022 तक देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षण के लिए नौ लाख ब्लैकबोर्ड को डिजिटल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। ऑपरेशन डिजिटल ब्लैकबोर्ड लांच के अवसर पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, करीब 60-70 साल पहले ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड शुरू किया गया था क्योंकि उस समय उसकी जरूरत थी। लेकिन बाद के वर्षों में देश में प्रगति हुई और अब हमें ऑपरेशन डिजिटल ब्लैकबोर्ड की आवश्यकता है।
पिछले साल मंत्रालय ने स्कूलों/कॉलेजों में डिजिटल ब्लैकबोर्ड की जरूरत का पता लगाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला की अगुवाई में एक समिति का गठन किया था।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए डिजिटल मॉडल की आवश्यकता पर जोर देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि समिति ने 9-12 तक की कक्षाओं में सात लाख और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में दो लाख डिजिटल ब्लैकबोर्ड की जरूरत का आकलन किया। उन्होंने कहा कि सरकार 2022 तक इन सभी कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड की सुविधाएं प्रदान करने के लिए काम करेंगी।
आर्थिक कमजोरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू, सिर्फ इन्हें ही मिलेगा लाभ
10 Percent Reservation: शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण लागू नहीं...
जयपुर।
प्रदेश में मंगलवार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण (10 Percent Reservation) लागू हो गया। राज्य सरकार ने केन्द्र का पैटर्न अपनाते हुए सालाना 8 लाख रुपए से कम आय वाले परिवारों को इसके दायरे में रखा है। पात्रता में आवास और भूमि संबंधी शर्त भी जोड़ी गई हैं। कार्मिक विभाग ने मंगलवार रात इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी। सरकार ने नौकरियों में तो आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के लिए नियम जारी नहीं किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने कहा, अभी इसके नियम नहीं बने हैं।
इन्हें मिलेगा लाभ
- सालाना आय 8 लाख से कम हो।
- शहर में 100 वर्ग गज या बड़ा प्लॉट, नगरीय निकायों की सीमा से बाहर 200 वर्ग गज या बड़ा प्लॉट नहीं हो।
- हजार वर्ग फीट या उससे बड़ा फ्लैट नहीं हो, पांच एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि नहीं हो।
क्रीमीलेयर की सीमा ढाई से बढ़ाकर 8 लाख की
ढाई नहीं अब 8 लाख तक सालाना आय वालों को पिछड़ा वर्ग व अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण मिल सकेगा। सरकार ने 2008 के आरक्षण कानून और 2017 के अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण कानून में संशोधन कर दिया। 2008 के कानून में सीमा साढ़े चार लाख करने का प्रावधान था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा था.
बुधवार, 13 फ़रवरी 2019
अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों की जन्म पत्रिका बनवाकर देगी सरकार
जन्म प्रमाण पत्र की तर्ज पर हर बच्चे की बनेगी जन्म कुंडली
पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जयपुर शहर के पांच अस्पतालों में शुरू होगी योजना
जयपुर. राज्य सरकार अब निजी और सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों की जन्म पत्रिका बनाकर देगी। जन्म प्रमाण पत्र की तर्ज पर शुरू होने वाली इस योजना से पहले चरण में जयपुर शहर के पांच अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही राशि के अनुसार बच्चों को नामकरण के लिए नामावली भी सुझाई जाएगी। इस योजना के लिए जगदगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। जन्म पत्रिका का प्रारूप भी तैयार हो चुका है। अब केवल इस योजना के नाम को अंतिम रूप दिया जाना है।
कुंडली के लिए सरकारी में 51 और निजी अस्पतालों में 101 रुपए लिए जाएंगे
संस्कृत शिक्षा और संस्कृत भाषा को प्रोत्साहन देने की राज्य सरकार की योजना के तहत इसकी शुरूआत की जाएगी। पिछले दिनों संस्कृत शिक्षा विभाग की बैठक में इस योजना पर मंथन भी हो चुका है। सरकार का मानना है कि इस योजना से करीब 3 हजार व्यक्तियों को स्वरोजगार भी मिल सकेगा। जन्म पत्रिका के लिए पिता का नाम, माता का नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जन्म दिनांक, जन्म समय और जन्म का स्थान बताना होगा। योजना को दूसरे चरण में पूरे राजस्थान में लागू किया जाएगा।
संस्कृत विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले चरण में जयपुर के 5 बड़े सरकारी चिकित्सालयों में निशुल्क कुंडली बनाई जाएगी। इसमें जनाना अस्पताल, महिला चिकित्सालय, कांवटिया अस्पताल, जयपुरिया अस्पताल और सेटेलाइट अस्पताल सेठी कॉलोनी शामिल हैं। दूसरे चरण में समस्त निजी और सरकारी अस्पतालों को इससे जोड़ा जाएगा। राजकीय चिकित्सालयों में इस कुंडली के लिए 51 रुपए और निजी अस्पतालों में 101 रुपए लिए जाएंगे। योजना के तीसरे चरण में मेडिकल एस्ट्रोलॉजी के माध्यम से गंभीर बीमारियों का ज्योतिष के जरिए निदान भी किया जाएगा।
इसलिए चलाई जा रही योजना
ज्योतिष पिंड और ब्रह्मांड का विज्ञान है। इसमें भूगोल, अंतरिक्ष के साथ साथ कृषि, पर्यावरण, जनजीवन, प्राकृतिक घटनाओं आदि का भी वैज्ञानिक साहित्य विद्यमान है। बालक के जन्म के समय की खगोलीय ग्रह-नक्षत्रादि की स्थिति से बालक के संपूर्ण जीवन की स्वास्थ्य, सुख, आयु, आजीविका, सामाजिकता आदि का तो ज्ञान होता ही है, उसके पूर्वजन्म और अग्रिमजन्म तक का विचार भी कुंडली से संभव है।
यह हो सकता है योजना का नाम : राजस्थान शिशु भाग्य दर्शन योजना, राजस्थान शिशु सौभाग्य योजना, राजस्थान बाल भाग्य दर्शन योजना, राजस्थान आयुष्मान शिशु दर्शन योजना, राजस्थान नवजात सौभाग्य दर्शन योजना, राजीव गांधी जन्मपत्री-नामकरण योजना।
^ विश्व में ज्ञान का प्राचीनतम स्रोत वेदों का एक अंग ज्योतिष है। ज्योतिष ग्रहों की चाल के साथ ही मनुष्य के अच्छे पूरे समय का भी निर्धारण करता है। इसलिए यह विद्या पूर्ण विज्ञान है। सरकार इस अमरविद्या के प्रसार की महत्वपूर्ण योजना बना रही है। इस योजना से निश्चित ही ज्योतिष हर किसी को सहजता से सुलभ हो सकेगी। - शास्त्री कोसलेंद्रदास, सहायक आचार्य, संस्कृत विश्वविद्यालय
राजस्थान पीटीईटी फोर्म भरने के लिए योग्यता, प्रवेश प्रक्रिया व आवश्यक डोक्युमेन्ट
1.) फॉर्म भरने की शुरआती तिथि :- 14 / 02/201 9
2.) फॉर्म भरने की अंतिम तिथि:- -15/ 02/201 9
3.) प्रवेश पत्र उपलब्ध दिनांक-अप्रैल 18, 2018 के अंतिम सप्ताह
4.) एग्जाम डेट:- 12 मई 2019
राजस्थान पीटीईटी (Year BA B.ed/ B.Sc B.ed) परीक्षा 2019 के महत्वपूर्ण बिंदु: –
1.) परीक्षा श्रेणी: – Entrance Exam 2019
2.) प्रवेश परीक्षा का स्तर: – राज्य स्तर
3.) परीक्षा मोड: – ऑफ़लाइन
4.) परीक्षा की अवधि: – 3 घंटे
5.) कुल परीक्षा मार्क्स : – 600 अंक
6.) परीक्षा नकारात्मक मार्किंग: नहीं
7.) फॉर्म आवेदन मोड: – ऑनलाइन
राजस्थान पीटीईटी करने के लिए योगयता:-
4Year BA B.ed/ B.Sc B.ed Course:- अगर आप 12th pass or 12th Appearing हे| तो आप B.ed करने के लिए पीटीईटी का एग्जाम दे सकते हैं।
राजस्थान पीटीईटी चयन प्रक्रिया: –
पीटीईटी सिलेक्शन एग्जाम देने के बाद मेरिट लिस्ट के द्वारा आपको कॉलेज आवंटित होगी
राजस्थान पीटीईटी आवेदन शुल्क:-
1.) एक पेपर आवेदन शुल्क 400 / –
राजस्थान पीटीईटी ऑनलाइन फॉर्म के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स: –
1.) ईमेल आईडी और व्यक्तिगत मोबाइल नंबर
2.) जन्म प्रमाण पत्र (10 वीं कक्षा मार्क शीट)
3.) 12th मार्कशीट
4.) पहचान पत्र या पता प्रमाण (आधार कार्ड / वोट आईडी आदि)
5.) पासवर्ड आकार की फोटोग्राफ, हस्ताक्षर
6.) जाति प्रमाणपत्र
मंगलवार, 12 फ़रवरी 2019
परिणाम के इंतजार में लाखों अभ्यर्थी, अटकी हुई हैं ये भर्तियां
अटकी हुई हैं ये भर्तियां
एलडीसी 2018
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से एलडीसी भर्ती परीक्षा-2018 चार चरणों में करवाई गई। 12 अगस्त 2018 से शुरू हुई परीक्षा 16 सितम्बर तक चली। प्रदेश के 16 जिलों में परीक्षा के कुल 985 परीक्षा केंद्र बनाए गए। कुल 13 लाख 85 हजार 711 अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। कुल 11,255 पदों के लिए यह भर्ती परीक्षा ली गई थी।
प्रधानाध्यापक भर्ती परीक्षा
सीनियर सैकण्डरी स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के लिए भर्ती परीक्षा 2 सितम्बर को 2018 हुई थी। इसमें कार्यरत शिक्षकों ने परीक्षा दी थी। प्रदेश में कुल 1200 पदों के लिए यह परीक्षा हुई थी। आरपीएससी ने यह भर्ती परीक्षा करवाई थी।
जेल प्रहरी भर्ती-2018
जेल प्रहरी-2018 में 600 पदों के लिए तीन माह पहले भर्ती परीक्षा ली गई थी। इसमें प्रदेशभर से लाखों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी अभ्यर्थी परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
द्वितीय श्रेणी शिक्षक
आरपीएससी ने विस चुनाव की आचार संहिता के दौरान ही द्वितीय श्रेणी शिक्षक के पदों के लिए भर्ती परीक्षा करवाई। प्रदेशभर में कुल नौ हजार पदों के लिए करीब नौ लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। यह भर्ती परीक्षा 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक हुई। इनमें से दो दिन दो अलग-अलग ग्रुपों में सामान्य ज्ञान की परीक्षा हुई। जबकि बाकी दिन विषयवार परीक्षा हुई थी।
इनमें भर्तियों में नियुक्ति बाकी
पशुधन सहायक भर्ती परीक्षा का परिणाम तो जारी कर दिया, मगर अभ्यर्थी अब नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। वहीं पीटीआई भर्ती परीक्षा का भी कुछ दिन पहले परिणाम जारी किया गया गया है, मगर अभी नियुक्ति होना बाकी है।
परीक्षा के बाद लम्बी होती है प्रक्रिया
- प्रदेश में सरकार पहले तो भर्ती अपने कार्यकाल के अंतिम साल में निकालती हैं। जो भर्तियां निकलती हैं, उनकी प्रक्रिया भी लम्बे समय तक चलती रहती है। परीक्षा हो जाए तो परिणाम जारी नहीं होता। वासु, अभ्यर्थी
- परिणाम का लाखों अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं। एलडीसी सहित अन्य परीक्षाओं के परिणाम के लिए चयन बोर्ड के अध्यक्ष से भी वार्ता की है। परिणाम इसी माह जारी किए जाने चाहिए। उपेन यादव, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ.
CBSE Board Exam 2019 : तीन दिन में शुरू हो रही परीक्षा के लिए नए नियम जारी
Central Board of Secondary Education (CBSE) की कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी, 2019 से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार, इस साल 28 लाख स्टुडेंट्स परीक्षा में शामिल होंगे। CBSE ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर स्टुडेंट्स के लिए एडमिट कार्ड, समय आदि को लेकर जरूरी नए नियम जारी किए हैं।
ये हैं जरुरी नियम :
-स्कूल यूनिफॉर्म
नियमित स्टुडेंट्स के लिए अनिवार्य है कि ष्टक्चस्श्व क्चशड्डह्म्स्र श्व3ड्डद्वह्य २०१९ में शामिल होने के लिए स्कूल यूनिफॉर्म में परीक्षा केंद्र पहुंचे। नवीनतम जानकारी के अनुसार, CBSE ने उससे संबद्ध स्कूलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे कड़ाई से स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर स्टुडेंट्स को बताएं। ष्टक्चस्श्व के अनुसार, अगर कोई स्टुडेंट बिना यूनिफॉर्म के परीक्षा केंद्र पहुंचा तो उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।
-एडमिट कार्ड पर अभिभावकों के हस्ताक्षर
स्टुडेंट और प्रिंसिपल के हस्ताक्षर के अलावा, सीबीएसई ने एडमिट कार्ड पर माता-पिता के हस्ताक्ष के लिए अलग से कॉलम बनाया है। इस साल, केंद्रीय बोर्ड ने स्टुडेंट्स को निर्देश दिए हैं कि वे अपने एडमिट कार्ड पर अभिभावकों के भी हस्ताक्षर करवा कर लाएं। अगर किसी स्टुडेंट के एडमिट कार्ड पर अभिभावकों के हस्ताक्षर नहीं हुए तो उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। इसके अलावा, स्टुडेंट्स इस बात को भी सुनिश्चित करलें की उनके एडमिट कार्ड पर आवश्यक मोहर लगी हुई है।
-10 बजे बाद नहीं मिलेगी एंट्री
किसी भी स्टुडेंट को परीक्षा केंद्र में सुबह 10 बजे बाद किसी भी हालत प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र में एंट्री के लिए स्टुडेंट्स 10 बजे तक वहां पहुंच जाएं।
-परीक्षा केंद्र में इन चीजों को ले जा सकेंगे स्टुडेंट्स
स्टुडेंट्स पारदर्शी बैग में कलम और आवश्यक वस्तुओं को ले जा सकेंगे। इसके अलावा, परीक्षा केंद्र के अंदर स्टुडेंट्स अपने स्कूल पहचान पत्र और सीबीएसई एडमिट कार्ड ही ले जा सकेंगे। मधुमेह से पीडि़त छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्रों में स्नैक्स ले जाने की अनुमति होगी। स्टुडेंट्स को इस बात का ध्यान रखना होगा कि परीक्षा केंद्र के अंदर वे लिखित सामग्री, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच आदि नहीं ले जा सकेंगे
48 मेगा-पिक्सल वाला फोन सिर्फ 10000 ₹ में
नई दिल्ली: दुनिया के पहले 48 मेगापिक्सल कैमरे वाले स्मार्टफोन Redmi Note 7 को भारत में इसी महीने लॉन्च किया जा सकता है। इससे पहले ख़बर आई थी कि इस हैंडसेट को 12 फरवरी को पेश किया जाएगा। हालांकि कंपनी की तरफ से इसके लॉन्चिंग तारीख का अभी कई ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन कंपनी Note 7 को लगातार टीज कर रही है जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि शाओमी अपने अगली लॉन्चिंग में इस स्मार्टफोन को जरूर पेश करेगा। कंपनी ने इस हैंडसेट को पिछले महीने ही चीन में लॉ़न्च किया है और इसे अब तक तीन बार फ्लैश सेल के लिए भी उपलब्ध करा दिया गया है।
Redmi Note 7 स्पेसिफिकेशंस
Redmi Note 7 में 6.3 इंच का डिस्प्ले दिया गया है और इसमें वॉटरड्रॉप नॉच डिजाइन है। इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। स्मार्टफोन में क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है। फोन में पावर के लिए 4,000mAh की बैटरी दी गई है। कंपनी का दावा है कि इसकी बैटरी डेढ़ दिन चलती है। इतना ही नहीं फोन में Type-C USB चार्जिंग ऑप्शन भी दिया गया है। फोन में क्वॉलकॉम क्विक चार्ज 4.0 सपॉर्ट करता है। इसमें हेडफोन जैक फीचर भी दिया गया है।
Redmi Note 7 कैमरा और कीमत
Redmi Note 7 के रियर में दो कैमरे दिए गए हैं, जिसमें पहला कैमरा f/1.8 अपर्चर के साथ 48 मेगापिक्सल और दूसरा 5 मेगापिक्सल का है। वहीं फ्रंट में सेल्फी व वीडियो कॉलिंग के लिए 13 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। चीन में Redmi Note 7 के 3GB रैम और 32GB स्टोरेज की कीमत 999 युआन (10,999 रुपये) और 4GB रैम व 64GB स्टोरेज की कीमत 1,199 युआन (12,400 रुपये )रखी गयी है, जबकि 6GB रैम और 64GB स्टोरेज की कीमत 1,399 युआन (14,500 रुपये)रखी गयी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इस फोन की कीमत 9,999 रुपये से लेकर 14,000 रुपये के बीच रखी जा सकती है। मालूम हो Honor View 20 को भारत में 46,100 रुपये की शुरुआती कीमत में पहले ही पेश किया जा चुका है, जो 48 मेगापिक्सल रियर कैमरे के साथ आता है। अब भारतीय बाजार में Redmi Note 7 के आने के बाद View 20 को कड़ी टक्कर मिल सकती है।
दो अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित होगी रूमादेवी, हस्तशिल्प क्षेत्र में नवाचार कर प्राप्त की ख्याति
ASO NEWS Barmer |
-विश्व महिला दिवस पर आगामी 8 मार्च को पूना में मिलेगा i woman global Award 2019
बता दे कि बाड़मेर कि प्राचीन समय से बाड़मेर के दूर दराज गांवों में होने वाली कशीदाकारी को अन्तर्राष्ट्रीय फैशन शो में विशेष स्थान दिलाने में रूमा देवी की अहम भूमिका रही है.अब ग्रामीण विकास एंव चेतना संस्थान बाड़मेर की अध्यक्ष व हस्तशिल्पी रूमादेवी को दो अंतरराष्ट्रीय पुरूस्कारों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त होगा।
संस्थान सचिव विक्रमसिंह ने बताया कि विश्व की 50 सबसे प्रभावी नवप्रवतको [50 Most impactful innovators ( global listings) ] की सूची में रूमादेवी के नाम की घोषणा हुई हैं।
यह अवार्ड अगले सोमवार 18 फरवरी को मुंबई के ताज होटल में आयोजित वर्ल्ड सी. एस. आर. कांग्रेस में प्रदान किया जाएगा, जिसमें अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका व एशिया महाद्वीप के लगभग 130 देशों के उल्लेखनीय कार्य करने वाली सीएसआर कंपनी समूह व सामाजिक क्षेत्र के प्रभावशाली व्यक्तित्व भाग ले रहे हैं।
वहीं विश्व महिला दिवस पर आगामी 8 मार्च को पूना में i woman global Award 2019 प्रदान किया जाएगा।अमेरिका, स्पेन, मैक्सिको व भारत सहित चार देशों में यह कार्यक्रम एक साथ आयोजित होगा।
सोमवार, 11 फ़रवरी 2019
9008 ऐसे स्कूल, जहां पर सिर्फ एक शिक्षक
ASO NEWS/जयपुर। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की ओर से समय- समय पर अभियान चलाया जाता है। वहीं दूसरी ओर सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट में अलग ही तस्वीर सामने आई है। प्रदेश के 64,278 सरकारी स्कूलों में से 9008 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे हैं। यानी कि इन स्कूलों में आधिकारिक तौर पर केवल एक शिक्षक नियुक्त है।
डाइस 2017-18 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 9008 स्कूलों में एकल शिक्षक हैं। इनमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक के साथ माध्यमिक व उच्च माध्यमिक हर प्रकार के स्कूल शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें 8613 प्राथमिक, 383 उच्च प्राथमिक व 12 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल भी शामिल हैं।
यह स्थिति जनजाति क्षेत्र की ही नहीं है, बल्कि राजधानी जयपुर के शहरी क्षेत्र में भी ऐसे स्कूल हैं। एक शिक्षक होने के कारण महीने में 5-7 दिन इनमें अघोषित अवकाश रहता है। सर्वाधिक एकल शिक्षक वाले स्कूल बाड़मेर जिले में हैं। यहां 1637 स्कूलों में एक ही शिक्षक हैं। वहीं, सबसे कम एकल शिक्षक स्कूल झुंझुनूं में (28) हैं। जयपुर में भी 184 स्कूल एकल शिक्षकों के भरोसे ही चल रहे हैं।
स्कूल में 35 बच्चे, लटका मिला ताला
शहर की वीआइपी सड़क जेएलएनमार्ग से महज सौ मीटर दूर मोतीडूंगरी मंदिर के पास स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल, मोती डूंगरी में केवल एक शिक्षक है। शनिवार को राजस्थान पत्रिका की टीम दोपहर 11.30 बजे पहुंची, तो यहां ताला लटका मिला। स्कूल के मुख्य द्वार के अंदर लगे बोर्ड पर बच्चों की संख्या लिखी थी।
जिसके अनुसार स्कूल में 35 बच्चे हैं। पहली से पांचवी तक कक्षा वाले इस स्कूल में सर्वाधिक बच्चे पहली कक्षा में हैं। आस-पास के दुकानदारों ने बताया कि कभी स्कूल खुलता है, कभी नहीं खुलता। यहां एक ही टीचर है। उनके छुट्टी पर होने के कारण बच्चों की भी छुट्टी हो जाती हैं। यानी कि स्कूल में अघोषित अवकाश ही रहता है।
खुले में चल रहे 167 स्कूल
प्रदेश में आज भी 167 स्कूल ऐसे हैं जिनके पास भवन नहीं है। ये स्कूल सड़क पर या पेड़ के नीचे खुले में चल रहे हैं। वहीं, 563 स्कूलों के पास केवल एक ही कमरा है।
तीन वर्षों में संख्या में नहीं आई ज्यादा कमी
2017-18-------- 9008
2016-17--------- 11461
2015-16--------- 11443
एकल शिक्षक स्कूल वाले टॉप-5 जिले
बाड़मेर -------1637
उदयपुर------- 740
डूंगरपुर------- 475
जालौर -------446
बीकानेर------ 380
साल 2017-18 में
पीटीईटी और प्री बीए-बीएड प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 से
बीकानेर. प्रदेश में शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में सत्र 2019-2020 के लिए बीएड पाठ्यक्रम तथा प्रदेश में विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित चार वर्षीय इन्टीग्रेटेड बीए, बीएड एवं बीएससी बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 फरवरी से शुरू होंगे।
इस वर्ष से राजकीय डूंगर महाविद्यालय बीकानेर को पीटीईटी एवं प्री बीएबीएड/ बीएससी बीएड की प्रवेश की परीक्षाओं के लिए नोडल एजेंसी घोषित किया गया है। इस वर्ष से यह कॉलेज प्रदेश में पीटीईटी एवं प्री बीएबीएड/ बीएससी बीएड की प्रवेश की परीक्षाएं करवाएगा। इससे पहले यह परीक्षाएं अजमेर करवाता था।
राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य व कार्यालय समन्वयक प्रो. एनके व्यास ने बताया कि परीक्षा शुल्क की अंतिम तिथि 15 मार्च व ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 18 मार्च तक रखी गई है। यह प्रवेश परीक्षा 12 मई को आयोजित होगी।
इसके लिए अभ्यर्थी परीक्षा शुल्क राशि 500 रुपए भुगतान ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से डेबिट कार्ड/ क्रेडिट कार्ड/नेट बैंकिंग अथवा ईमित्र से कर सकते हैं। इस दौरान विजय एेरा, सहायक निदेशक राकेश हर्ष, उपप्राचार्य डॉ. सतीश कौशिक, व्याख्याता डॉ. राजेन्द्र पुरोहित आदि शामिल थे।
ये अभ्यर्थी कर सकते हैं आवेदन
प्री टीचर एज्यूकेशन टेस्ट (पीटीईटी) के लिए किसी भी विश्वविद्यालय की स्नातक/ स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण जो राजस्थान राज्य के विश्वविद्यालयों की स्नातक/ स्नातकोत्तर परीक्षा के समतुल्य मानी गई हो एवं पीटीईटी वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशिका में उल्लेखित प्रवेश-अर्हताओं की पूर्ति करने वाले अभ्यर्थी आवेदन के लिए पात्र है।
स्नातक/ स्नातकोत्तर परीक्षा में राज्य सरकार के नियमों के अनुरूप सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत राजस्थान के अनुसूचित जाति/ जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग/ विशेष पिछड़ा वर्ग/ दिव्यांग तथा विधवा/ तलाकशुदा महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य है।
प्री-बीएबीएड/ बीएससी बीएड टेस्ट - माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान से सीनियर सैकेण्डरी परीक्षा अथवा समकक्ष परीक्षा में राज्य सरकार के नियमों के अनुरूप सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत राजस्थान के अनुसूचित जाति/ जनजाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग/ विशेष पिछड़ा वर्ग/ दिव्यांग तथा विधवा/ तलाकशुदा महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य है
शनिवार, 9 फ़रवरी 2019
BARMER : एंटी रोमियो स्क्वायड दल का गठन
#एंटी_रोमियो_स्क्वायड_दल_क
महानिदेशक पुलिस राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार आज दिनांक 09 फरवरी 2019 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से एंटी रोमियो स्क्वायड दल को पुलिस अधीक्षक राशि डोगरा डूडी द्वारा हरी झंडी देकर बाड़मेर शहर में रवाना किया गया उक्त दल को किसी भी प्रकार की महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ छेड़खानी करने की शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित गति से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 7 मार्च से
ASO NEWS
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में अब केवल एक माह का समय शेष बचा है। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए...
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में अब केवल एक माह का समय शेष बचा है। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं व 12वीं की परीक्षा का शेड्यूल घोषित कर दिया।
परीक्षाओं के बीच होली व धुलंडी का त्योहार आएगा। इस बार बोर्ड की उच्च माध्यमिक की परीक्षाएं 7 मार्च को सुबह 8:30 से 11:45 बजे और माध्यमिक कक्षा की परीक्षाएं 14 मार्च को सुबह 8:30 से 11:45 बजे शुरू होगी। इसके बाद अप्रैल में कक्षा 9वीं व 11वीं की परीक्षाएं होगी जिसका कार्यक्रम अभी घोषित होना बाकी है। बोर्ड परीक्षाओं के लिए बोर्ड सहित कुंडला क्षेत्र के स्कूल प्रशासनों ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी। इलाके के नौरंगपुरा, पालड़ी, तेवड़ी, जोधूला, बड़ोदिया, दूदी आमलौदा, घेवता, मैड़ सहित अनेक आसपास के विद्यालयों में इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षक गंभीरता होकर पूर्ण शिक्षण व्यवस्था में जुटे हुए है।
क्षेत्र के शिक्षक अच्छे परिणाम को लेकर विद्यार्थियों की पढ़ाई व्यवस्था को लेकर जुट चुके है। सीबीईओ विराटनगर रामसिंह मीणा ने बताया कि इन दिनों ब्लॉक के विद्यालयाें में शिक्षक सहित विद्यार्थी पूरी तरह से बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जुटे हुए है।
राजस्थान : 26 हजार शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ, रीट पर दायर अपील खारिज
| ASO NEWS |
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2018 (लेवल-वन) मामले में अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में 26 हजार शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इस मामले में गत 19 जनवरी को बहस पूरी हो गई थी। कोर्ट ने इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि इस मामले में खंडपीठ ने 23 अक्टूबर 2018 के आदेश से एकलपीठ के फैसले के आधार पर नियुक्तियां देने पर रोक लगा दी थी।
19 जनवरी को मामले में बहस पूरी हो गई थी
न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व गोवर्धन बाढ़दार की खंडपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए इस मामले में दायर अपील खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने करीब 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति मामले में गत 19 जनवरी को राज्य सरकार सहित अन्य पक्षकारों की बहस सुनकर मामले में फैसला बाद में देना तय किया था।
अदालती आदेश के पालन में राज्य सरकार की ओर से एजी ने शपथ पत्र पेश कर इस भर्ती में आरटेट 2011 व 2012 और रीट 2015 व 2017 के पास हुए अभ्यर्थियों का ब्यौरा दिया था। उन्होंने कहा था कि भर्ती में नॉर्मलाइजेशन करने की जरूरत नहीं है। अपील में हाईकोर्ट के 8 अक्टूबर 2018 के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें रीट के अंकों के आधार पर यह भर्ती आयोजित करने वाली प्रार्थी की याचिका खारिज कर दी थी।
मामले के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने एक्सपर्ट कमेटी की ओर से तय किए उत्तरों के अनुसार ही परिणाम जारी किया था। वहीं प्रार्थियों का कहना था कि रीट-2015 में 14 अंक बोनस के लिए गए और परीक्षा परिणाम 48 फीसदी रहा। जबकि रीट-2017 में परिणाम 35 फीसदी रहा।
यदि रीट के अंकों के आधार पर भर्ती हुई तो वर्ष 2015 में हुई रीट के अभ्यर्थियों को इसका फायदा मिलेगा। इसलिए भर्ती लिखित परीक्षा या स्केलिंग के जरिए हो और अंकों का नार्मेलाइजेशन किया जाए। इस मामले में खंडपीठ ने 23 अक्टूबर 2018 के आदेश से एकलपीठ के फैसले के आधार पर नियुक्तियां देने पर रोक लगा दी थी।
यह कहा गया था याचिका में
अपील में एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2018 (लेवल-वन) की भर्ती केवल रीट के अंकों के जरिए करने को चुनौती देने वाली प्रार्थी की याचिका को खारिज कर दिया था। एकलपीठ के समक्ष दायर याचिका में कहा था कि तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2018 (लेवल-वन) की भर्ती में चयन केवल रीट के अंकों के जरिए ही रखा है।
एनसीटीई की 11 फरवरी 2011 की अधिसूचना के अनुसार रीट के अंकों को केवल भर्ती में वरीयता दी जा सकती है। इससे पहले रीट-2015 में 14 अंक बोनस के लिए गए और परीक्षा परिणाम 48 फीसदी रहा। जबकि रीट-2017 में परिणाम 35 फीसदी रहा। यदि रीट के अंकों के आधार पर भर्ती हुई तो वर्ष 2015 में हुई रीट के अभ्यर्थियों को इसका फायदा मिलेगा। इसलिए भर्ती लिखित परीक्षा या स्कैलिंग के जरिए हो और नॉर्मलाइजेशन किया जाए।
एकलपीठ ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एक्सपर्ट कमेटी ने रीट-2017 के प्रश्नों के विवादका निपटारा कर दिया था और ऐसे में अब इस मामले में दखल देने की जरूरत नहीं है। एकलपीठ के इस आदेश को खंडपीठ में चुनौती देते हुए एकलपीठ के आदेश पर जारी हुए परिणाम के आधार पर नियुक्तियां देने पर रोक लगाने का आग्रह किया गया
शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2019
किसानों के मध्य कालीन एवं दीर्घ कालीन कृषि ऋणों की माफी योजना लागू
प्रथम चरण में 30 नवम्बर, 18 को 2 लाख रुपये तक के बकाया अवधिपार ऋणों को किया जायेगा माफ
सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल जी आंजना ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली प्रदेश की सरकार ने किसानों को एक और राहत देने का निर्णय किया है। इस निर्णय से जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों से मध्य कालीन या दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले ऐसे सीमान्त एवं लघु किसानों को लाभ होगा जो आर्थिक संकट में हैं और अपने ऋण को नहीं चुका पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में ऐसे किसानों को योजना के दायरे में लाया गया है जिनकी ओर 30 नवम्बर, 2018 की स्थिति में 2 लाख रुपये तक का अवधिपार कृषि ऋण बकाया है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि हमारा उद्देश्य छोटे और मझले किसान भाइयों को अधिक से अधिक आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें संकट से बाहर निकालना है। इसके लिये हमने अवधिपार श्रेणी में वर्गीकृत सीमान्त एवं लघु किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण माफी के लिये लागू की गई योजना ‘‘राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना, 2019’’ के साथ-साथ इस योजना का लाभ देने का निर्णय किया है। उन्होंने बताया कि कोई भी पात्र किसान सरकार द्वारा की गई ऋण माफी के लाभ से वंचित नहीं रहे और कोई भी अपात्र किसान किसी पात्र किसान की राशि को नहीं हड़प सके इसके लिये बैंक द्वारा पात्र किसान का आधार आधारित सत्यापन करवाया जायेगा।
श्री आंजना ने बताया कि योजना के दायरे में आने वाले किसान से योजना की पात्रता पूर्ण किये जाने के संबंध में सादे कागज पर स्वप्रमाणित शपथ पत्र लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों के व्यापक हितों के मद्देनजर सरकार द्वारा किसान द्वारा दिये जाने वाले शपथ पत्र को राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, 1998 के तहत स्टाम्प शुल्क से मुक्त कर दिया है।
उन्होंने कहा कि कई किसानों द्वारा सहकारिता के सिद्धान्तों का अनुसरण करते हुये मिल कर कृषि ऋण लिये थे और वे विषम भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों तथा गत सरकार की गलत नीतियों के कारण उनका समय पर चुकारा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे लिये गये संयुक्त कृषि ऋण में सीमान्त एवं लघु श्रेणी के किसान के साथ-साथ अन्य श्रेणी या अपात्र किसान की भागीदारी होने के बावजूद भी 30 नवम्बर, 2018 को अवधिपार होने पर ऋण खाता को योजना के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि किसी विशेष संयोग मात्र से कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित नहीं होना चाहिये।
उन्होंने कहा कि हमारी यह योजना बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। इसके द्वारा किसानों को न केवल अपनी बैंक के पक्ष में रहन रखी हुई जमीन वापिस मिलेगी बल्कि वे भविष्य में अपनी वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु बैंकों से पुनः ऋण प्राप्त करने के लिये पात्र हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा आंकलन है कि इस योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश के किसानों को लगभग 4 लाख बीघा भूमि वापिस मिलेगी।
राजस्थान / सीटेट 7 जुलाई को, एग्जाम के छह सप्ताह में घोषित होगा रिजल्ट
CTET फॉर्म भरने की अंतिम दिनांक 5 मार्च
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 7 जुलाई को ली जाने वाली सीटेट परीक्षा 2019 का परिणाम छह सप्ताह में घोषित कर दिया जाएगा।सीबीएसई द्वारा केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती की पात्रता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इस अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
सीबीएसई ने तय किया है कि इस बार अभ्यर्थियों को परिणाम का अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। परिणाम 6 सप्ताह के भीतर घोषित कर दिया जाएगा। यह जानकारी सीबीएसई ने सीटेट के दिशा-निर्देशों में जारी की है। इन दिनों सीटेट के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। पांच मार्च तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। 8 मार्च को अपराह्न 3.30 बजे तक परीक्षा आवेदन शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा।
दो पेपर होंगे
अभ्यर्थी 25 मार्च को एप्लीकेशन के फाइनल स्टेट को जान सकेंगे। सीटेट की वेबसाइट https://ctet.nic.in पर इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
8 बजे से शुरू होगी परीक्षा केंद्र में एंट्री
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में दो पेपर होंगे। पहले पेपर के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सुबह 8 बजे से प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश पत्रों की जांच सुबह 9 से 9.15 बजे तक कर लिया जाएगा। 9.15 बजे परीक्षा बुकलेट वितरित कर दी जाएंगी और 9.25 बजे अभ्यर्थी बुकलेट को खोल सकेंगे। 9.30 बजे बाद परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी जाएगी।
9.30 बजे से पेपर शुरू हो जाएगा और दोपहर 12 बजे पेपर पूरा हो जाएगा। इधर, दूसरे पेपर के लिए दोपहर 12.30 बजे से परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों को एंट्री दी जाएगी। दो बजे बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 2 बजे पेपर शुरु हो जाएगा और शाम 4.30 बजे पेपर कंप्लीट हो जाएगा।
गुरुवार, 7 फ़रवरी 2019
बाड़मेर भाजपा का जिला स्तरीय सम्मेलन जोधपुर में आज, हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करेंगे शिरकत
भाजपा की लोकसभा चुनाव को लेकर 7 फरवरी को जोधपुर में होगी बाड़मेर जिले के शक्ति केंद्र संयोजक एवं समस्त मंडल अध्यक्ष व मंडल पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी वह वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का होगा सम्मेलन ।
भाजपा की लोकसभा चुनाव तैयारियों को लेकर 7 फरवरी को जोधपुर में बाड़मेर जिले का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा। भाजपा जिला मिडिया प्रमुख भैराराम देवासी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी बाड़मेर की लोकसभा चुनाव को लेकर शक्ति केंद्र संयोजक व समस्त मंडल अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों का सम्मेलन 7 फरवरी गुरुवार को प्रात 11 बजे जोधपुर के होटल अमृतम पैलेस डीपीएस चौराहा डाली बाई सर्कल जैसलमेर बाईपास रोड पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मुख्य सानिध्य एवम जिला संगठन प्रभारी राजेन्द्र गहलोत एवं जिला अध्यक्ष दिलीप पालीवाल के सानिध्य में आयोजित की जायेगी।
सम्मेलन में जिला कार्यकरणी के पदाधिकारी, विधानसभा प्रत्याशी 2018, वर्तमान व पूर्व सांसद, वर्तमान व पूर्व विधायक, पूर्व जिलाध्यक्ष, बोर्डो के पूर्व अध्यक्ष, सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, सभी मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं महामंत्री, सभी शक्ति केंद्र संयोजक, प्रधान, पूर्व प्रधान, मंडल प्रभारी, सभी मोर्चो के जिला अध्यक्ष, प्रकल्प व विभागों के प्रमुख व सयोंजक,नेता प्रतिपक्ष, समस्त पार्षद गण, वरिष्ठ कार्यकर्ता, जिला परिषद सदस्य प्रधान, उपप्रधान, पूर्व प्रधान इस सम्मेलन में भाग लेगे।
केंद्रीय विद्यालय में सत्र 2019 - 20 प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ
KVS Admission 2019-20: ऐडमिशन प्रोसेस शुरू, 1 मार्च से भरें ऑनलाइन फॉर्म
Kendriya Vidyalaya Admission 2019-20 की ऑफिशल नोटिफिकेशन जारी हो गई है। हालांकि एडमिशन के लिए विज्ञापन फरवरी के अंतिम हफ्ते में प्रकाशित किया जाएगा। केन्द्रीय विद्यालय संगठन के विद्यालयों में पहली कक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 1 मार्च 2019 से शुरू होगा। पहली कक्षा में ऑनलाइन पंजीकरण 19 मार्च 2019 शाम 4 बजे तक करवाए जा सकेंगे। केन्द्रीय विद्यालय में ऐडमिशन से जुड़ी महत्वपूर्ण डेट्स की नोटिफिकेशन आप केवीएस की ऑफिशल वेबसाइट kvsangathan.nic.in पर जाकर पढ़ सकते हैं या नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके भी जानकारी हासिल कर सकते हैं। |
UGC नेट 2019 से जुड़ी पूरी जानकारी यहां
UGC NET 2019: 1 मार्च से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, ऐसे कर सकते है अप्लाई
एनटीए की ओर से असिस्टेंट प्रोफैसर औऱ जूनियर रिर्सच फैलोशिप के लिए जाने वाली यूजीसी नेट परीक्षा का शैड्यूल जारी कर दिया गया है। एनटीए की ओर से जारी किए गए नोटिस के मुताबिक यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा जून में आयोजित की जाएगी। यूजीसी नेट जून 2019 परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 1 मार्च 2019 से शुरू हो जाएगी। आवेदन करने की आखिरी 30 मार्च निर्धारित की गई है। पिछले बार की तरह इस बार भी परीक्षा कम्प्यूटर बेस्ड ही होगी। परीक्षा 20, 21, 24, 25, 26, 27 और 28 जून 2019 को आयोजित की जाएगी। नेट परीक्षा का एडमिट कार्ड 15 मई 2019 को जारी कर दिया जाएगा। वहीं नेट परीक्षा में दो पेपर होंगे और दोनों पेपर सिंगल सेशन में ही आयोजित किए जाएंगे
परीक्षा को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को 3 घंटे का समय दिया जाएगा। अगर आप असिस्टेंट प्रोफेसर और जेआरएफ (NET JRF) के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो 1 मार्च को आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया NTA NET की ऑफिशियल वेबसाइट ntanet.nic.in पर शुरू होगी। यूजीसी नेट परीक्षा के पैटर्न में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इस परीक्षा में 2 पेपर ही होंगे। पहला पेपर टीचिंग और रिसर्च एप्टीट्यूड और दूसरा पेपर आपके सब्जेक्ट (जो सब्जेक्ट आपके पास पोस्ट ग्रेजुएशन के समय था) का होता है।
बुधवार, 6 फ़रवरी 2019
लोकसभा चुनाव 2019: वोटर्स लिस्ट में आपका नाम है या नहीं ? ऐसे करें चेक
साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव करीब आ चुके हैं जहां हर व्यक्ति को वोट डालना जरूरी होगा. लेकिन इसके लिए एक वोटर को ये पता होना चाहिए कि उसका नाम वोटर्स लिस्ट में मौजूद है या नहीं? किसी भी चुनाव में वोट डालने के लिए एक वोटर के पास उसका वोटर आईडी होना चाहिए. बिना इसके कोई भी वोटर वोट नहीं डाल सकता है. तो अगर आपको भी ये पता करना है कि इस बार आप कैसे वोट डालेंगे और क्या आपका नाम वोटर्स लिस्ट में है या नहीं. इसके लिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप अपना नाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.
सबसे पहले आपको नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल यानी की www.nvsp.in की वेबासइट खोलनी होगी.
वेबसाइट के टॉप लेफ्ट कॉर्नर पर आपको एक सर्च ऑप्शन दिखेगा. यहां आप अपना नाम सर्च कर सकते हैं.
इसके लिए आपको या तो अपना EPIC नंबर डालना होगा जो आपके इलेक्शन आईडी कार्ड पर लिखा रहता है या खुद से अपनी पूरी जानकारी देनी होगी जैसे नाम, जिला, उम्र आदि.
EPIC नंबर डालने के बाद अपने राज्य का नाम डालें और सर्च बटन पर क्लिक करें.
अगर आपका नाम वोटर्स लिस्ट में मौजूद है तो आपकी पूरी जानकारी पेज पर खुल जाएगी.
लेकिन अगर आपका नाम पेज पर नहीं आता है तो इसका मतलब ये हुआ कि आपका नाम वोटर्स लिस्ट में मौजूद नहीं है और आप इस बार अपने पसंदीदा नेता या किसी पार्टी को वोट नहीं कर पाएंगे.
वहीं पेज न खुलने पर एक बार अपनी दी गई हुई जानकारी को भी दोबारा जांच लें. क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि एक छोटी सी गलती की वजह से आपकी जानकारी पेज पर नहीं खुलती है.
यूजर्स अपना नाम लोकेशन की मदद से खोज सकते हैं. यानी की बस आपको पेज पर दिए गए लोकेशन पर क्लिक करना होगा और आप जहां रहते हैं वहां के निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार आपकी जानकारी सामने आ जाएगी.
मंगलवार, 5 फ़रवरी 2019
सवर्ण आरक्षण के लिए ईडब्ल्यूएस नाम से जुड़ेगा नया कॉलम
नई भर्तियों में सवर्ण आरक्षण के लिए भी होगा स्थान, ईडब्ल्यूएस नाम से जुड़ेगा नया कॉलम
सवर्णों यानी सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा व नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने की कवायद शुरू हो गई है। नई भर्तियों में अब अन्य कालमों के साथ ही ईडब्ल्यूएस यानी इकोनॉमी वीकर सेक्शन का कॉलम भी जुड़ेगा। केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण के लिए मिनिस्ट्री आफ पर्सनल ने इस महीने में जारी होने वाली भर्तियों में इसे लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इधर, राजस्थान लोक सेवा आयोग को अभी राज्य सरकार के ताजा आदेशों का इंतजार है।
भारत सरकार के संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी की ओर से जारी ऑफिस मेमोरंडम के अनुसार अधिसूचित किया गया है कि केंद्र सरकार के पदों और सेवाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा। यह आरक्षण फरवरी या इसके बाद सभी सीधी भर्ती या रिक्तियों के संबंध में अधिसूचित की जाने वाली सेवाओं में प्रभावी होगा। माना जा रहा है कि अब रेलवे भर्ती बोर्ड की आने वाली नई वैकेंसीज के साथ ही यूपीएससी और अन्य सेवाओं में भी बेरोजगारों का इसका फायदा मिलेगा।
आरपीएससी को इंतजार
आयोग के पास वर्तमान में कॉलेज लेक्चरर के 830 पदों पर भर्ती के साथ कुछ अन्य वैकेंसीज भी आई हुई हैं। केंद्र सरकार के ताजा आरक्षण का इन भर्तियों में लाभ मिल पाएगा, इसके बारे में अभी आयोग भी स्पष्ट नहीं है। आयोग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस मामले में राज्य सरकार के आदेश अभी आयोग को प्राप्त नहीं हुए हैं। राज्य सरकार के आदेश के बाद भी आयोग इस मामले में आगे की कार्यवाही करेगा। इधर, राजस्थान कर्मचारी अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की नई भर्तियों में भी इस संबंध में कवायद की जाएगी।
आयोग की भर्तियों में भी अब ईडब्ल्यूएस कॉलम भी जुड़ेगा
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जाने वाली विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में वर्तमान में आरक्षण के कॉलम विद्यमान हैं, निकट भविष्य में उनमें अब एक कॉलम और जुड़ जाएगा। अब तक आयोग की भर्तियों में सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग और क्षैतिज आरक्षण के अंतर्गत नि:शक्त जन, अराजपत्रित कर्मचारी, भूतपूर्व सैनिक, उत्कृष्ट खिलाड़ी और विभागीय मंत्रालयिक कर्मचारी आदि शामिल हैं। इन सभी कैटेगरीज में पुरुषों व महिलाओं का अलग-अलग कोटा तय है। विभिन्न कैटेगरीज में फिर विधवा, परित्यक्ता आदि का कोटा और निर्धारित है। अब नई आरक्षण कैटेगरी ईडब्ल्यूएस भी इन भर्तियों में जुड़ सकेगी।
रविवार, 3 फ़रवरी 2019
बजट 2019 : आयकर छूट की सीमा दोगुनी की गई
| बजट की प्रमुख घोषणाएं |
डेढ़ लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट करने पर साढ़े छह लाख रुपए तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया गया है।
बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर कर (टीडीएस) में छूट 10 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपए की गई है।
अगर 2.40 लाख रुपए तक का किराया मिलता है तो टीडीएस नहीं देना होगा।
कैपिटल गेन्स के तहत निवेश की लिमिट एक घर से बढ़ाकर दो घर कर दी गई है। जीवन में एक बार यह छूट मिलेगी। दो करोड़ रुपए तक का ऐसा निवेश कर सकेंगे।
गरीब लोग अगर 31 मार्च 2020 तक घर बुक करा रहे हैं तो इनकम टैक्स में उन्हें छूट मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा- तीन करोड़ मिडिल क्लास टैक्स पेयर्स, स्मॉल ट्रेडर्स, पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन्स को टैक्स में राहत मिलेगी। इससे सरकार पर 18,500 करोड़ रुपए का भार आएगा।
ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर 3 गुना की गई
ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए की गई है। हर श्रमिक के लिए न्यूनतम पेंशन अब एक हजार रुपए हो चुकी है।
किसानों को सालाना 6000 रुपए नकद देने की योजना
5 एकड़ तक के किसानों के खाते में प्रति वर्ष 6000 रुपए डाले जाएंगे। यह रकम दो-दो हजार रुपए की तीन बराबर किश्तों में दी जाएगी। योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। करीब 12 करोड़ किसानों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
यह योजना 1 दिसंबर 2018 से ही लागू होगी। दो हजार रुपए की पहली किस्त जल्द ही किसानों की सूचियां बनाकर उनके खातों में डाली जाएगी। इस कार्यक्रम का अनुमानित खर्च 75 हजार करोड़ रुपए होगा जो केंद्र सरकार वहन करेगी।
वित्त्त मंत्री ने कहा- 20 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कर रहे हैं। अगले वर्ष के लिए 75 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव रख रहे हैं।
किसानों का फसली खर्च बढ़कर 11.68 लाख करोड़ रुपए हो गया है। सॉइल हेल्थ कार्ड, नीम कोटेड यूरिया जैसी योजनाओं के जरिए हम किसानों की प्रभावी पांच साल से कर रहे हैं।
हमारी सरकार ने तय किया है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने वाले सभी किसानों को 2 फीसदी ब्याज और समय पर कर्ज लौटाने पर तीन फीसदी अतिरिक्त ब्याज माफी का फायदा मिलेगा। इस तरह उन्हें ब्याज में 5 फीसदी की छूट मिलेगी।
दुनिया के मत्स्यपालन में भारत की हिस्सेदारी 6.8 फीसदी है। हमने मछली पालन का एक अलग विभाग बनाने का फैसला किया है।
पशुपालन और मछली पालन करने वाले किसानों को भी क्रेडिट कार्ड के जरिए लिए जाने वाले कर्ज के ब्याज में दो फीसदी ब्याज की छूट दी जाएगी। इस तरह सभी किसानों को एक जैसा दर्जा मिलेगा।
श्रमिकों के लिए पेंशन योजना
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत गैर-संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 3 हजार रुपए की पेंशन हर महीने दी जाएगी। यह 60 साल की उम्र के बाद मिलेगी। इससे के 10 करोड़ कर्मचारियों को फायदा होगा।


