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शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

जीवन मंे संतुलन जरूरी,लालच एवं जरूरत के फर्क को समझें : गुप्ता

-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे हुआ प्रतियोगिताआंे का आयोजन।

बाड़मेर, 20 सितंबर।

जीवन मंे संतुलन जरूरी है। इसके लिए नीड और ग्रीड यानि जरूरत और लालच के फर्क को समझना होगा। जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने शुक्रवार को एमबीसी राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय मंे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। इधर, शनिवार को तीन दिवसीय कार्यक्रमांे का समापन जिला मुख्यालय पर भगवान महावीर टाउन हॉल मंे होगा।

इस दौरान जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने कहा कि विश्व के कई देश विकास को नागरिकांे की खुशी से नापते है। उन्हांेने भूटान का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपनी प्रगति एवं विकास को खुशी से नापता है। इसलिए अमेरिका जैसे देश भले ही पंूजी एवं हथियारांे मंे बड़े हो, लेकिन वहां के लोग सुखी नहीं है। जबकि भूटान मंे उनकी अपेक्षा कई गुना सुखी है। 


उन्हांेने कहा कि महात्मा गांधी अपने विकास के कांस्पेप्ट मंे पंूजी से ज्यादा खुशी को महत्व देते थे। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, यूआईटी सचिव अंजूम ताहिर सम्मा, डॉ. हुकमाराम सुथार, एसोशिएट प्रोफेसर मुकेश पचौरी, एडीईओ राजेश्वरी चौधरी, डा. रामेश्वरी चौधरी समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी एवं कालेज स्टाफ उपस्थित रहा। इस दौरान भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक की भूमिका सोहनराज परमार, सरिता लीलड एवं गणेण कुमार रहे। इसी तरह राजकीय महाविद्यालय मंे गांधी के सपनांे का भारत विषयक चित्रकला प्रतियोगिता मंे 115 विद्यार्थियांे ने भाग लिया। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, यूआईटी सचिव अंजुम ताहिर सम्मा, एडीईओ राजेश्वरी चौधरी, डा. आदर्श किशोर, प्रो. केशाराम उपस्थित रहे। निर्णायक की भूमिका डा.रामेश्वरी चौधरी, प्रो.प्रेमलता ओझा, डा. अरूणा ने निभाई।


समापन समारोह आजः बाड़मेर जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रमांे का समापन शनिवार को दोपहर 1 बजे भगवान महावीर टाउन हॉल मंे अस्पृश्यता निवारण विषयक संगोष्ठी के साथ होगा। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप मंे राजस्व मंत्री हरीश चौधरी शिरकत करेंगे। संगोष्ठी मंे एम.आर.गढवीर, डॉ हुकमाराम सुथार, नींबसिंह पंवार, कानराज पूनिया, अधिवक्ता धनराज जोशी समेत विभिन्न वक्ता विचार व्यक्त करेंगे। इस दौरान महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य मंे आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताआंे के विजेताआंे को सम्मानित किया जाएगा।





विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजितः राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे गांधी के सपनांे का भारत विषयक चित्रकला प्रतियोगिता हुई। इसी तरह गांधी अतीत ही नहीं भविष्य भी है विषयक निबंधक एवं सदभावना एवं विकास विषयक भाषण प्रतियोगिता एमबीसी राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे आयोजन हुआ। तीनांे प्रतियोगिताआंे मंे 17 पंचायत समितियांे के 250 से अधिक प्रतिभागियांे ने शिरकत करते हुए प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चित्रकला प्रतियोगिता मंे पनोनियो का तला विद्यालय की प्रमिला, द्वितीय राउमावि सिवाना के प्रवीण कुमार तथा तृतीय एमबीसी महिला महाविद्यालय की सोनु मुजाल्दे तथा चतुर्थ स्थान पर राउमावि सिवाना के अनिल कुमार रहे। इसी तरह निबंध प्रतियोगिता मंे राउमावि बिसासर की अंजलि प्रथम, राउमावि हड़वेचा के जसवंतसिंह एवं राउमावि संतरा की छात्रा अनिता द्वितीय तथा राउमावि बबुगुलेरिया की छात्रा सुमन चौधरी तृतीय स्थान पर रही। जबकि विद्यालय स्तरीय भाषण प्रतियोगिता मंे राउमावि भेडाना का केवाराम प्रथम, राउमावि बायतू का गोमाराम एवं पनानियो का तला विद्यालय का जुंझाराम द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर राउमावि मालगोदाम रोड़ की छात्रा अरूणा रही। इसमंे सांत्वना पुरस्कार के लिए राउमावि बीसूकला की निरमा एवं राउमावि राणीगांव का लेखराज का चयन किया गया। इसी तरह महाविद्यालय स्तरीय भाषण प्रतियोगिता मंे जयश्री छंगाणी, भावना वैष्णव, सुमन परिहार क्रमशः प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय रही। जबकि सांत्वना पुरस्कार के लिए दिव्या राजपुरोहित एवं भावना जांगिड़ का चयन किया गया।


प्रदर्शनी को लेकर दिखा उत्साहः 

सूचना केन्द्र मंे चल रही तीन दिवसीय प्रदर्शनी मोहन से महात्मा को देखने के लिए आमजन मंे खासा उत्साह देखा गया। शुक्रवार को विभिन्न स्थानांे से आए आमजन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी शनिवार को भी आमजन के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।

गुरुवार, 19 सितंबर 2019

बाड़मेर : 6000 बच्चों ने मिलकर बनाई महात्मा गांधी की आकृति

ऐतिहासिक पल,छह हजार बच्चांे ने बनाई राष्ट्रपिता की आकृति



- महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे तीन दिवसीय कार्यक्रमांे की शुरूआत।

बाड़मेर,19 सितंबर। बाड़मेर जिला मुख्यालय पर गुरूवार को छह हजार बच्चांे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आकृति बनाकर इतिहास रचा। इस दौरान गांधी संदेश यात्रा के आयोजन के साथ सूचना केन्द्र मंे मोहन से महात्मा प्रदर्शनी की शुरूआत हुई। यह प्रदर्शनी 21 सितंबर तक आमजन के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।
राजकीय महाविद्यालय मंे विभिन्न विद्यालयांे के 6 हजार विद्यार्थियांे, नर्सिग स्टूडेंटस, एनसीसी कैडेटस, स्काउटस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आकृति बनाई। इस दौरान बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने ऐतिहासिक आयोजन के लिए आयोजनकर्ताआंे को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने महज एक लाठी के सहारे भारत को अंग्रेजांे से मुक्त कराया। उन्हांेने महात्मा गांधी के उच्च विचारांे को जीवन मंे उतारने का आहवान किया। 

इस दौरान जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, जिला परिषद सदस्य फतेह मोहम्मद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा, यूआईटी सचिव अंजुम ताहिर सम्मा, उपखंड अधिकारी नीरज मिश्र, कार्यक्रम संयोजक महावीर बोहरा, सह संयोजक अमित बोहरा, आजादसिंह, रामेश्वरी चौधरी, प्रो.पांचाराम चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.कमलेश चौधरी, एसीएफ उदाराम सियोल, महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक प्रहलादसिंह राजपुरोहित एनसीसी के प्रभारी अधिकारी आदर्श किशोर समेत विभिन्न जन प्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान सामूहिक रूप से रघुपति राघव राजाराम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन एसोशिएट प्रोफेसर मुकेश पचौरी ने किया।




ऐतिहासिक गांधी संदेश यात्राः राष्ट्रपति महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर गुरूवार को राजकीय महाविद्यालय से अहिंसा चौराहे तक गांधी संदेश यात्रा निकाली गई। राजकीय महाविद्यालय से शुरू हुई गांधी संदेश यात्रा मंे हजारांे लोगांे ने शिरकत की। इसमंे विद्यार्थियांे के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआंे, आशा सहयोगिनियांे, एनसीसी कैडेटस, स्काउटस, नर्सिग स्टूडेंटस ने गांधी संदेश यात्रा मंे शामिल होने के साथ आमजन को गांधीजी के आदर्शाें को आत्मसात करने का संदेश दिया। राजकीय महाविद्यालय से अहिंसा चौराहे तक करीब दो किमी लंबी गांधी संदेश यात्रा को लेकर आमजन मंे खासा उत्साह देखा गया।


गांधी बने बच्चे रहे आकर्षण का केन्द्रः महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे गुरूवार को आयोजित कार्यक्रमांे के दौरान गांधी के रूप धरे बच्चे विशेष आकर्षक का केन्द्र रहे। आमजन उनके साथ फोटो खिंचवाने को लेकर भी खासे उत्सुक देखे गए।
मोहन से महात्मा प्रदर्शनी की शुरूआतः जिला मुख्यालय पर सूचना केन्द्र मंे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर आधारित मोहन से महात्मा प्रदर्शनी का स्वतंत्रता सेनानियांे एवं शहीदांे के परिजनांे ने फीता काटकर उदघाटन किया। इसके उपरांत स्वतंत्रता सेनानियांे एवं शहीदांे के परिजनांे, जन प्रतिनिधियांे एवं प्रशासनिक अधिकारियांे ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियांे के परिजनांे मनोहरलाल, कमलेश एवं शहीदांे के परिजन किरण कंवर, टीमू देवी, उच्छब कंवर, रैना देवी का बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल पी.एस.गंगवार एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियांे ने शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। इससे पहले बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियांे ने सेल्फी प्वाइंट पर स्वतंत्रता सेनानियांे एवं शहीदांे के परिजनांे के साथ फोटो खिंचवाई। इस दौरान जिला परिषद फतेह मोहम्मद, नगर परिषद के उप सभापति प्रीतमदास, यूआईटी सचिव अंजुम ताहिर सम्मा, कार्यक्रम संयोजक महावीर बोहरा, सह संयोजक अमित बोहरा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक जसवंत गौड़, एसोशिएट प्रोफेसर मुकेश पचौरी, डा. रामेश्वरी चौधरी समेत विभिन्न जन प्रतिनिधिगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


आज होगा विभिन्न कार्यक्रमांे का आयोजनः महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे शुक्रवार को प्रातः 10 बजे राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे गांधी के सपनांे का भारत विषयक चित्रकला प्रतियोगिता एवं प्रातः 11 बजे गांधी अतीत ही नहीं भविष्य भी है विषयक निबंधक प्रतियोगिता का आयोजन एमबीसी राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे होगा। इसी तरह दोपहर 12 बजे सदभावना एवं विकास विषयक भाषण प्रतियोगिता एमबीसी राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे आयोजित होगी।

बुधवार, 18 सितंबर 2019

बाड़मेर की प्राचीन कुंभलगढ़ 10 किलोमीटर रेस जीती

कुंभलगढ़ फोर्ट पर बाड़मेर का परचम -प्राची ने जीती 10 किमी दौड़।


बाड़मेर, 17 सितंबर।

बाड़मेर जिले की प्राची द्विवेदी ने कुंभलगढ़ फोर्ट पर आयोजित हाफ मेराथान मंे अपना परचम फहराते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
जीटी हैल्थकेयर एवं एनीवड़ी केन रन इंडिया की ओर से आयोजित द ग्रेट वाल आफ कुंभलगढ़ हाफ मेराथन मंे 1500 से ज्यादा धावकांे ने अपना पंजीकरण कराया। इस दौड़ का मार्ग अत्यंत कठिन था। इसमंे अनेक ढलान एवं चढाइयां शामिल थी। बाड़मेर जिले की प्राची द्विवेदी ने सभी बाधाआंे को पार करते हुए सबसे कम समय मंे 10 किमी की दौड़ को पूर्ण करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर बाड़मेर जिले का नाम रोशन किया। प्राची द्विवेदी ने अपने अब तक के सफर का श्रेय राजस्थान दिवस पर आयोजित बाड़मेर मेराथन को देते हुए कहा कि इस रेस की जीत ने उसके जज्बे को जगाया। वह निरंतर प्रयास के कारण अब तक 10 मेराथन जीत चुकी है। उसके मुताबिक दौड़ना उसके जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। कंुभलगढ़ दौड़ जीतने पर अनेक स्थानीय लोगांे ने उसका सम्मान किया। प्राची केन्द्रीय विद्यालय जालीपा की कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा है।




         

गुरुवार, 5 सितंबर 2019

Teachers Day 2019: जानिये क्यों खास है यह दिन ?

Teachers Day 2019: जानिये क्यों खास है यह दिन ?


Teacher’s Day 2019: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर सम्मानित करने के लिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया। जाता है. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे. डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था.

Teacher’s Day 2019 के अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन की 131वीं जयंती भी मनाई जाएगी. डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षकों के पास देश का सर्वश्रेष्ठ दिमाग होना चाहिए. वर्ष 1962 से, जिस वर्ष वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने, शिक्षक दिवस उनके जन्मदिन पर मनाया जाने लगा.

Teacher’s Day का महत्व


Teacher’s Day अथवा शिक्षक दिवस का उद्देश्य किसी व्यक्ति के जीवन को आकार देने में सभी शिक्षकों के योगदान को महत्व देना है. इस दिन स्कूलों में छुट्टी नहीं होती और छात्रों को स्कूल जाना होता है. हालांकि स्कूल में सामान्य कक्षाओं को उत्सव की गतिविधियों से बदल दिया जाता है और शिक्षकों को उनकी कड़ी मेहनत और छात्र के शैक्षिक जीवन में अंतहीन योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है. शिक्षक दिवस उन सभी शिक्षकों, गुरुओं और गुरुओं को समर्पित है जो अपने छात्रों को बेहतर मानव बनने के लिए उनका मार्गदर्शन करते हैं.


कैसे हुई शुरुआत ?


_डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन के शुभ अवसर पर उनके छात्रों और दोस्तों ने उनसे उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन जवाब में डॉ. राधाकृष्णन ने कहा कि “मेरे जन्मदिन को अलग से मनाने के बजाय, यह सौभाग्य की बात होगी कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए.”_


डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को मिले सम्मान• 

डॉ. राधाकृष्णन को 1954 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.
• उन्हें कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों के साथ-साथ 1931 में नाइटहुड और 1963 में ब्रिटिश रॉयल ऑर्डर ऑफ मेरिट की मानद सदस्यता से सम्मानित किया गया.


• डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नोबेल पुरस्कार के लिए 27 बार, साहित्य में नोबेल पुरस्कार के लिए 16 बार और नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 11 बार नामांकित किया गया था.


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