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शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

जीवन मंे संतुलन जरूरी,लालच एवं जरूरत के फर्क को समझें : गुप्ता

-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे हुआ प्रतियोगिताआंे का आयोजन।

बाड़मेर, 20 सितंबर।

जीवन मंे संतुलन जरूरी है। इसके लिए नीड और ग्रीड यानि जरूरत और लालच के फर्क को समझना होगा। जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने शुक्रवार को एमबीसी राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय मंे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। इधर, शनिवार को तीन दिवसीय कार्यक्रमांे का समापन जिला मुख्यालय पर भगवान महावीर टाउन हॉल मंे होगा।

इस दौरान जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने कहा कि विश्व के कई देश विकास को नागरिकांे की खुशी से नापते है। उन्हांेने भूटान का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपनी प्रगति एवं विकास को खुशी से नापता है। इसलिए अमेरिका जैसे देश भले ही पंूजी एवं हथियारांे मंे बड़े हो, लेकिन वहां के लोग सुखी नहीं है। जबकि भूटान मंे उनकी अपेक्षा कई गुना सुखी है। 


उन्हांेने कहा कि महात्मा गांधी अपने विकास के कांस्पेप्ट मंे पंूजी से ज्यादा खुशी को महत्व देते थे। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, यूआईटी सचिव अंजूम ताहिर सम्मा, डॉ. हुकमाराम सुथार, एसोशिएट प्रोफेसर मुकेश पचौरी, एडीईओ राजेश्वरी चौधरी, डा. रामेश्वरी चौधरी समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी एवं कालेज स्टाफ उपस्थित रहा। इस दौरान भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक की भूमिका सोहनराज परमार, सरिता लीलड एवं गणेण कुमार रहे। इसी तरह राजकीय महाविद्यालय मंे गांधी के सपनांे का भारत विषयक चित्रकला प्रतियोगिता मंे 115 विद्यार्थियांे ने भाग लिया। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, यूआईटी सचिव अंजुम ताहिर सम्मा, एडीईओ राजेश्वरी चौधरी, डा. आदर्श किशोर, प्रो. केशाराम उपस्थित रहे। निर्णायक की भूमिका डा.रामेश्वरी चौधरी, प्रो.प्रेमलता ओझा, डा. अरूणा ने निभाई।


समापन समारोह आजः बाड़मेर जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रमांे का समापन शनिवार को दोपहर 1 बजे भगवान महावीर टाउन हॉल मंे अस्पृश्यता निवारण विषयक संगोष्ठी के साथ होगा। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप मंे राजस्व मंत्री हरीश चौधरी शिरकत करेंगे। संगोष्ठी मंे एम.आर.गढवीर, डॉ हुकमाराम सुथार, नींबसिंह पंवार, कानराज पूनिया, अधिवक्ता धनराज जोशी समेत विभिन्न वक्ता विचार व्यक्त करेंगे। इस दौरान महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य मंे आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताआंे के विजेताआंे को सम्मानित किया जाएगा।





विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजितः राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे गांधी के सपनांे का भारत विषयक चित्रकला प्रतियोगिता हुई। इसी तरह गांधी अतीत ही नहीं भविष्य भी है विषयक निबंधक एवं सदभावना एवं विकास विषयक भाषण प्रतियोगिता एमबीसी राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे आयोजन हुआ। तीनांे प्रतियोगिताआंे मंे 17 पंचायत समितियांे के 250 से अधिक प्रतिभागियांे ने शिरकत करते हुए प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चित्रकला प्रतियोगिता मंे पनोनियो का तला विद्यालय की प्रमिला, द्वितीय राउमावि सिवाना के प्रवीण कुमार तथा तृतीय एमबीसी महिला महाविद्यालय की सोनु मुजाल्दे तथा चतुर्थ स्थान पर राउमावि सिवाना के अनिल कुमार रहे। इसी तरह निबंध प्रतियोगिता मंे राउमावि बिसासर की अंजलि प्रथम, राउमावि हड़वेचा के जसवंतसिंह एवं राउमावि संतरा की छात्रा अनिता द्वितीय तथा राउमावि बबुगुलेरिया की छात्रा सुमन चौधरी तृतीय स्थान पर रही। जबकि विद्यालय स्तरीय भाषण प्रतियोगिता मंे राउमावि भेडाना का केवाराम प्रथम, राउमावि बायतू का गोमाराम एवं पनानियो का तला विद्यालय का जुंझाराम द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर राउमावि मालगोदाम रोड़ की छात्रा अरूणा रही। इसमंे सांत्वना पुरस्कार के लिए राउमावि बीसूकला की निरमा एवं राउमावि राणीगांव का लेखराज का चयन किया गया। इसी तरह महाविद्यालय स्तरीय भाषण प्रतियोगिता मंे जयश्री छंगाणी, भावना वैष्णव, सुमन परिहार क्रमशः प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय रही। जबकि सांत्वना पुरस्कार के लिए दिव्या राजपुरोहित एवं भावना जांगिड़ का चयन किया गया।


प्रदर्शनी को लेकर दिखा उत्साहः 

सूचना केन्द्र मंे चल रही तीन दिवसीय प्रदर्शनी मोहन से महात्मा को देखने के लिए आमजन मंे खासा उत्साह देखा गया। शुक्रवार को विभिन्न स्थानांे से आए आमजन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी शनिवार को भी आमजन के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।

गुरुवार, 19 सितंबर 2019

बाड़मेर : 6000 बच्चों ने मिलकर बनाई महात्मा गांधी की आकृति

ऐतिहासिक पल,छह हजार बच्चांे ने बनाई राष्ट्रपिता की आकृति



- महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे तीन दिवसीय कार्यक्रमांे की शुरूआत।

बाड़मेर,19 सितंबर। बाड़मेर जिला मुख्यालय पर गुरूवार को छह हजार बच्चांे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आकृति बनाकर इतिहास रचा। इस दौरान गांधी संदेश यात्रा के आयोजन के साथ सूचना केन्द्र मंे मोहन से महात्मा प्रदर्शनी की शुरूआत हुई। यह प्रदर्शनी 21 सितंबर तक आमजन के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।
राजकीय महाविद्यालय मंे विभिन्न विद्यालयांे के 6 हजार विद्यार्थियांे, नर्सिग स्टूडेंटस, एनसीसी कैडेटस, स्काउटस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आकृति बनाई। इस दौरान बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने ऐतिहासिक आयोजन के लिए आयोजनकर्ताआंे को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने महज एक लाठी के सहारे भारत को अंग्रेजांे से मुक्त कराया। उन्हांेने महात्मा गांधी के उच्च विचारांे को जीवन मंे उतारने का आहवान किया। 

इस दौरान जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, जिला परिषद सदस्य फतेह मोहम्मद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा, यूआईटी सचिव अंजुम ताहिर सम्मा, उपखंड अधिकारी नीरज मिश्र, कार्यक्रम संयोजक महावीर बोहरा, सह संयोजक अमित बोहरा, आजादसिंह, रामेश्वरी चौधरी, प्रो.पांचाराम चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.कमलेश चौधरी, एसीएफ उदाराम सियोल, महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक प्रहलादसिंह राजपुरोहित एनसीसी के प्रभारी अधिकारी आदर्श किशोर समेत विभिन्न जन प्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान सामूहिक रूप से रघुपति राघव राजाराम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन एसोशिएट प्रोफेसर मुकेश पचौरी ने किया।




ऐतिहासिक गांधी संदेश यात्राः राष्ट्रपति महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर गुरूवार को राजकीय महाविद्यालय से अहिंसा चौराहे तक गांधी संदेश यात्रा निकाली गई। राजकीय महाविद्यालय से शुरू हुई गांधी संदेश यात्रा मंे हजारांे लोगांे ने शिरकत की। इसमंे विद्यार्थियांे के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआंे, आशा सहयोगिनियांे, एनसीसी कैडेटस, स्काउटस, नर्सिग स्टूडेंटस ने गांधी संदेश यात्रा मंे शामिल होने के साथ आमजन को गांधीजी के आदर्शाें को आत्मसात करने का संदेश दिया। राजकीय महाविद्यालय से अहिंसा चौराहे तक करीब दो किमी लंबी गांधी संदेश यात्रा को लेकर आमजन मंे खासा उत्साह देखा गया।


गांधी बने बच्चे रहे आकर्षण का केन्द्रः महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे गुरूवार को आयोजित कार्यक्रमांे के दौरान गांधी के रूप धरे बच्चे विशेष आकर्षक का केन्द्र रहे। आमजन उनके साथ फोटो खिंचवाने को लेकर भी खासे उत्सुक देखे गए।
मोहन से महात्मा प्रदर्शनी की शुरूआतः जिला मुख्यालय पर सूचना केन्द्र मंे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर आधारित मोहन से महात्मा प्रदर्शनी का स्वतंत्रता सेनानियांे एवं शहीदांे के परिजनांे ने फीता काटकर उदघाटन किया। इसके उपरांत स्वतंत्रता सेनानियांे एवं शहीदांे के परिजनांे, जन प्रतिनिधियांे एवं प्रशासनिक अधिकारियांे ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियांे के परिजनांे मनोहरलाल, कमलेश एवं शहीदांे के परिजन किरण कंवर, टीमू देवी, उच्छब कंवर, रैना देवी का बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल पी.एस.गंगवार एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियांे ने शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। इससे पहले बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियांे ने सेल्फी प्वाइंट पर स्वतंत्रता सेनानियांे एवं शहीदांे के परिजनांे के साथ फोटो खिंचवाई। इस दौरान जिला परिषद फतेह मोहम्मद, नगर परिषद के उप सभापति प्रीतमदास, यूआईटी सचिव अंजुम ताहिर सम्मा, कार्यक्रम संयोजक महावीर बोहरा, सह संयोजक अमित बोहरा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक जसवंत गौड़, एसोशिएट प्रोफेसर मुकेश पचौरी, डा. रामेश्वरी चौधरी समेत विभिन्न जन प्रतिनिधिगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


आज होगा विभिन्न कार्यक्रमांे का आयोजनः महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य मंे शुक्रवार को प्रातः 10 बजे राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे गांधी के सपनांे का भारत विषयक चित्रकला प्रतियोगिता एवं प्रातः 11 बजे गांधी अतीत ही नहीं भविष्य भी है विषयक निबंधक प्रतियोगिता का आयोजन एमबीसी राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे होगा। इसी तरह दोपहर 12 बजे सदभावना एवं विकास विषयक भाषण प्रतियोगिता एमबीसी राजकीय स्नात्तकोतर महाविद्यालय मंे आयोजित होगी।

बुधवार, 18 सितंबर 2019

बाड़मेर की प्राचीन कुंभलगढ़ 10 किलोमीटर रेस जीती

कुंभलगढ़ फोर्ट पर बाड़मेर का परचम -प्राची ने जीती 10 किमी दौड़।


बाड़मेर, 17 सितंबर।

बाड़मेर जिले की प्राची द्विवेदी ने कुंभलगढ़ फोर्ट पर आयोजित हाफ मेराथान मंे अपना परचम फहराते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
जीटी हैल्थकेयर एवं एनीवड़ी केन रन इंडिया की ओर से आयोजित द ग्रेट वाल आफ कुंभलगढ़ हाफ मेराथन मंे 1500 से ज्यादा धावकांे ने अपना पंजीकरण कराया। इस दौड़ का मार्ग अत्यंत कठिन था। इसमंे अनेक ढलान एवं चढाइयां शामिल थी। बाड़मेर जिले की प्राची द्विवेदी ने सभी बाधाआंे को पार करते हुए सबसे कम समय मंे 10 किमी की दौड़ को पूर्ण करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर बाड़मेर जिले का नाम रोशन किया। प्राची द्विवेदी ने अपने अब तक के सफर का श्रेय राजस्थान दिवस पर आयोजित बाड़मेर मेराथन को देते हुए कहा कि इस रेस की जीत ने उसके जज्बे को जगाया। वह निरंतर प्रयास के कारण अब तक 10 मेराथन जीत चुकी है। उसके मुताबिक दौड़ना उसके जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। कंुभलगढ़ दौड़ जीतने पर अनेक स्थानीय लोगांे ने उसका सम्मान किया। प्राची केन्द्रीय विद्यालय जालीपा की कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा है।




         

गुरुवार, 5 सितंबर 2019

Teachers Day 2019: जानिये क्यों खास है यह दिन ?

Teachers Day 2019: जानिये क्यों खास है यह दिन ?


Teacher’s Day 2019: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर सम्मानित करने के लिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया। जाता है. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे. डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था.

Teacher’s Day 2019 के अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन की 131वीं जयंती भी मनाई जाएगी. डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षकों के पास देश का सर्वश्रेष्ठ दिमाग होना चाहिए. वर्ष 1962 से, जिस वर्ष वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने, शिक्षक दिवस उनके जन्मदिन पर मनाया जाने लगा.

Teacher’s Day का महत्व


Teacher’s Day अथवा शिक्षक दिवस का उद्देश्य किसी व्यक्ति के जीवन को आकार देने में सभी शिक्षकों के योगदान को महत्व देना है. इस दिन स्कूलों में छुट्टी नहीं होती और छात्रों को स्कूल जाना होता है. हालांकि स्कूल में सामान्य कक्षाओं को उत्सव की गतिविधियों से बदल दिया जाता है और शिक्षकों को उनकी कड़ी मेहनत और छात्र के शैक्षिक जीवन में अंतहीन योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है. शिक्षक दिवस उन सभी शिक्षकों, गुरुओं और गुरुओं को समर्पित है जो अपने छात्रों को बेहतर मानव बनने के लिए उनका मार्गदर्शन करते हैं.


कैसे हुई शुरुआत ?


_डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन के शुभ अवसर पर उनके छात्रों और दोस्तों ने उनसे उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन जवाब में डॉ. राधाकृष्णन ने कहा कि “मेरे जन्मदिन को अलग से मनाने के बजाय, यह सौभाग्य की बात होगी कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए.”_


डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को मिले सम्मान• 

डॉ. राधाकृष्णन को 1954 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.
• उन्हें कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों के साथ-साथ 1931 में नाइटहुड और 1963 में ब्रिटिश रॉयल ऑर्डर ऑफ मेरिट की मानद सदस्यता से सम्मानित किया गया.


• डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नोबेल पुरस्कार के लिए 27 बार, साहित्य में नोबेल पुरस्कार के लिए 16 बार और नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 11 बार नामांकित किया गया था.


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गुरुवार, 29 अगस्त 2019

आओं बनाये मिट्टी के गणेश जी || इको फ्रेंडली गणेश चतुर्थी

-सब मिलकर ले ये संकल्प प्रतिमाओं की दुर्दशा इस बार नही

-प्रवीण कुमार बोथरा, बाड़मेर

अपने ईश्वर के प्रति आस्था और श्रद्धा को अटूट बनाये रखने के लिए आज़ाद युवा ग्रुप 2005 से लगातार 11 दिवसीय गणेश महोत्सव का आयोजन कर रहा है। बाड़मेर में पहली बार इस भव्य आयोजन का श्री गणेश भी इसी ग्रुप ने किया था। हमारा ये प्रयास सफल भी रहा अब बाड़मेर के हर गली मोहल्ले के साथ साथ जिले के कई गांवों में भी इसका आयोजन होने लगा है।



 

बढ़ती श्रद्धा और आस्था को देखकर हम बड़े खुश थे। मगर बीते दो सालों से विसर्जन के बाद जो मूर्तियों के हालत को देख रहे उससे देखकर असहनीय पीड़ा भी हो रही है। हमें लगने लगा कि कही ना कही इस पाप के भागी हम है। ग्रुप ने जिस मकसद से इसे प्रारम्भ किया था यकीनन हम उससे भटकते नजर आ रहे है। हमारें ग्रुप की ओर से ये हाथ जोड़कर निवेदन है कि अटूट आस्था और विश्वास के इस पर्व को पाप का पर्व ना बनाये। 




दिखावे से दूर ऐसी ही प्रतिमा लाये की उसका आराम से विसर्जन किया जा सके। संभव हो तो मिट्टी के गणेश जी ही बनावें। जलाशयों में इतना पानी नही है कि उसमें बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन संभव हो। बाद में खंडित प्रतिमाएं दुर्दशा का शिकार होगी। पिछले वर्ष आपने देखा होगा जब आप जसदेर गए होंगे। समाचार पत्रों ने भी इस इस हालत को बयां किया था।  हम सब  पूण्य की बजाए पाप के भागी ना बनें। श्रद्धा और आस्था के इस पर्व को पूर्ण निष्ठा से प्रेम पूर्वक मनाएं। 


ग्रुप ने इस आस्था को बनाये रखने के लिए 2014 में जोधपुरी पत्थर प्रतिमा का निर्माण कराया और अब प्रति वर्ष 1 फ़ीट के गणेश जी प्रतिमा का विसर्जन करते है। ग्रुप की ओर से ये निवेदन है जो भी संगठन, मोहल्ला,संस्थान वो ये प्रयास करें कि मिट्टी के गणेश जी, इको फ्रेंडली गजानंद जी की प्रतिमा लाये या छोटी प्रतिमा लाये जिससे कि विसर्जन आसानी से भाव पूर्वक किया जा सकें।निवेदक-आज़ाद युवा ग्रुप,बाड़मेर

नया गांव : स्नेहलता शर्मा ने अतिवृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की



अतिवृष्टी के कारण नयागांव की कॉलोनियो मे हुये जल भराव को लेकर जिला कार्यवाहक अध्यक्ष राजकुमार अहीर के नेतृत्व में कांग्रेस नैत्री महिला जिला उपाध्यक्ष स्नेहलता विजय शर्मा ने कलेक्टर से मुआवजा के लिये मुलाकात कर की चर्चा.


कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष  स्नेहलता शर्मा और उनकी सहयोगी रानीराज बंकोलिया  ने कलेक्टर साहब से नयांगांव काँलोनियो मे जल भराव की स्थिति  से कलेक्टर महोदय को अवगत करवाया। 

   साथ ही साशन द्वारा दिये जा रहे है मुहावजा का लाभ आमजन कोशीघ्र ही दिलाया जाए।इस विषय पर चर्चा की कलेक्टर साहब से विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।
    

कलेक्टर महोदय द्वारा तत्काल जावद एस डी एम को फोन कर आदेशीत किया की  उचीत जांच कर  सरकारीनिधी से उपलब्ध मुआवजा  हितग्राहीयो को प्रदान किया जाय।
     इसअवसर पर राजकुमार अहीर और उनकी टिम मौके पर उपस्थित थी और श्री अहीर ने भी ईस विषय  को प्राथमिकता  से निराकरण के लिये कहा गया है।
     ज्ञात रहे कि गत दिनों नयागांव की निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति निर्मित हुई है।


मंगलवार, 27 अगस्त 2019

बंद होने वाले हैं SBI के ATM कार्ड, अब आप ऐसे निकाल सकेंगे कैश

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के डेबिट या एटीएम कार्ड आने वाले दिनों में बेकार हो जाएंगे. एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने इसके संकेत दिए हैं. 

एसबीआई के चेयरमैन ने कहा कि हम डेबिट कार्ड को प्रचलन से बाहर करना चाहते हैं. हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि इसे समाप्त किया जा सकता है. ऐसे में सवाल है कि डेबिट कार्ड बंद होने की स्थिति में ग्राहक एटीएम मशीन से कैश कैसे निकाल सकेंगे.


आइए स्‍टेप बाई स्‍टेप समझते हैं इस पूरे मामले को

दरअसल, एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा है कि बैंक डेबिट कार्ड मुक्त देश बनाने में 'योनो' ऐप सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाला है. इसका मतलब यह हुआ कि आने वाले दिनों में YONO (यू ओन्ली नीड वन) ऐप के जरिए कैश निकाला जाएगा. 

   यहां बता दें कि एसबीआई के YONO ऐप पर "योनो कैश" नाम से एक सुविधा दी जाती है. इसके तहत ग्राहक बिना कार्ड इस्तेमाल के एसबीआई के 'योनो कैशप्वाइंट' एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं. इसके लिए बैंक पहले ही 68,000 'योनो कैशप्वाइंट' की स्थापना कर चुका है और अगले 18 माह में इसे 10 लाख करने की योजना है.


कैसे कर सकेंगे इस्‍तेमाल 

इसके लिए आपके फोन में एसबीआई के YONO ऐप का इन्‍स्‍टॉल होना अनिवार्य है. इसके बाद YONO ऐप के 'योनो कैश' कैटेगरी को सेलेक्ट करना होगा. इस कैटेगरी के खुलने के साथ ही आपसे अमाउंट की जानकारी ली जाएगी. इसका मतलब यह हुआ कि उतने अमाउंट को एंटर करना होगा जितने की आपको जरूरत है. अगले स्‍टेप में आपको 6 डिजिट के ट्रांजेक्शन पिन का चयन करना है. इस पिन की जरूरत एटीएम से पैसे निकालते वक्‍त पड़ेगी. इसके अलावा आपके रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर पर एक मैसेज आएगा. इस मैसेज में एक ट्रांजेक्शन नंबर होगा. 




इसके बाद आपको एसबीआई के नजदीकी 'योनो कैशप्वाइंट' एटीएम पर जाना होगा. यहां एटीएम स्‍क्रीन पर 'योना कैश' विकल्प चुनना है. इसे सेलेक्‍ट करने के बाद आपसे ट्रांजेक्‍शन नंबर मांगा जाएगा. ऐसे में आपके मैसेज के जरिए मिले ट्रांजेक्शन नंबर को एंटर करना होगा. फिर अमाउंट टाइप कर 'योनो ऐप' में सेलेक्ट 6 डिजिट का पिन एंटर करना है. पिन डालने के बाद आपको कैश मिल जाएगा. ग्राहक को पिन और ट्रांजेक्‍शन नंबर दोनों की मदद से अगले 30 मिनट के भीतर निकासी प्रक्रिया को पूरा करना होगा. इसके बाद यह नंबर अवैध हो जाएगा.


यहां बता दें कि SBI की ओर से अकसर योनो ऐप के जरिए कैश निकालने के बारे में जानकारी दी जाती है. ऐसे में अगर आप एसबीआई के ग्राहक हैं तो इस ऐप को डाउनलोड कर इस्‍तेमाल शुरू कर दें ताकि आने वाले वक्‍त में ज्‍यादा दिक्‍कतों का सामना न करना पड़े.
    

रविवार, 18 अगस्त 2019

रामदेवरा पैदल यात्रा संघ 26 को होगा रवाना।



बाड़मेर पवन पुत्र हनुमान पैदल यात्रा संघ बाड़मेर से रामदेवरा 26 अगस्त दोपहर 3:00 बजे आचार्यो के वास से संघ अध्यक्ष वचनसिंह (शोभसिंह) के नेतृत्व में रवाना होगा ।


       संघ प्रवक्ता अजय आचार्य बताया कि बाड़मेर से रामदेवरा सेकड़ो पैदलयात्रियों का जत्था पवन पुत्र हनुमान पैदल यात्रा संघ 26 अगस्त दोपहर 3:00 बजे आचार्यो के वास से अध्यक्ष वचनसिंह (शोभसिंह) के नेतृत्व में रवाना होगा ।


जिसकी पूर्व तैयारियों को लेकर बाबा रामदेव जी के भक्तों द्वारा आज रविवार प्रातः 10 बजे बाबा रामदेव जी की ध्वजा लगाई गई। तत्पश्चात बाबा रामापीर की भव्य आरती कर प्रसाद चढ़ावा किया गया। इस मौके पर संघ के पूर्व अध्यक्ष मुकेश आचार्य, संघ उपाध्यक्ष प्रकाश आचार्य, कोषाध्यक्ष विक्रम आचार्य, सवाई आचार्य, दलपत आचार्य, जोगेंद्र, विक्रम, महेंद्र, अरविंद, मनु खान, जसराज खान, कमल, जोगेश, सुरेश गिरी व जितेंद्र आचार्य सहित कई भक्त गण उपस्थित रहे।

शुक्रवार, 16 अगस्त 2019

असाधारण-इंप्रेसिव होते हैं लेफ्ट हैंडर, पढ़ाई हो या खेल दूसरों के मुकाबले बेहतरीन होती है इनकी हर परफॉर्मेंस

असाधारण-इंप्रेसिव होते हैं लेफ्ट हैंडर, पढ़ाई हो या खेल दूसरों के मुकाबले बेहतरीन होती है इनकी हर परफॉर्मेंसअगर आप भी लेफ्ट हैंडर यानी बाएं हाथ से लिखने या हर छोटा-बड़ा काम करने वाले हैं तो विश्वास मानिए आप कुछ असाधारण और...



Aug 13, 2019, 11:10 AM ASONEWS

अगर आप भी लेफ्ट हैंडर यानी बाएं हाथ से लिखने या हर छोटा-बड़ा काम करने वाले हैं तो विश्वास मानिए आप कुछ असाधारण और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले हैं। एक शाेध बताता है कि दुनिया में करीब 87 फीसदी लोग राइट हैंडर होते हैं और 10 फीसदी लोग लेफ्ट हैंडर, जबकि शेष तीन फीसदी लोग दोनों हाथ से काम में सक्षम होते हैं। अमूमन माना जाता है कि बचपन में बच्चा जिस हाथ से पहली बार खिलाैना उठाता है, वहीं से तय हाेता है कि वाे दाहिने से काम करेगा या बाएं से। मंगलवार को इंटरनेशनल लेफ्ट हैंडर डे है। इस मौके पर दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट... 


जानिए ये भी, लेफ्ट हैंडर्स की फेहरिस्त में मशहूर शख्सियतें 

लेफ्ट हैंडर्स की लिस्ट में कई मशहूर हस्तियां भी शामिल हैं, जैसे- महात्मा गांधी, बराक ओबामा, अमिताभ बच्चन, बिल गेट्स, रतन टाटा, सौरभ गांगुली, सचिन तेंदुलकर, निकोल किडमैन, एंजेलीना जॉली, करण जौहर आदि। हालांकि इन शख्सियतों के सामने चुनौतियां भी कम नहीं आईं।
जानिए, अपनी इस खासियत पर क्या सोचते हैं बाएं हाथ के खिलाड़ी और कहां मानते हैं अपनी ताकत



क्रिकेट... खूब बल्लेबाज लगाते हैं ज्यादा और लंबे सिक्स : मेनारिया 

इंडिया ए अाैर इंडिया अंडर 19 टीम के लिए खेल चुके क्रिकेटर अशाेक मेनारिया मानते हैं कि क्रिकेट में बाएं हाथ से खेलना अधिकतर ज्यादा फायदेमंद हाेता है। जब अाप उल्टी तरफ से खेलते हैं ताे बॉलर के लिए ब्लैंक जाेन बन जाता है। इस नेचुरल बेनिफिट यह है कि जितने भी दूर छक्के मारते हैं कि वाे बाएं हाथ के खिलाड़ी ही हाेते हैं। भारत के शिखर धवन, रवींद्र जड़ेजा, गौतम गंभीर, सौरव गांगुली हों या ब्रायन लारा, एडम गिलक्रिस्ट और क्रिस गेल... बाएं हाथ के बल्लेबाजों और बॉलर्स की लिस्ट काफी लंबी है। मेनारिया बताते हैं कि स्लाॅक स्वीप एेसा शाॅट है, जिसमें 90 प्रतिशत केवल लेफ्ट हैंडर को ही महारत होती है। अगर खब्बू बल्लेबाज को इस तरह की बॉल मिले तो वह अांख बंद करके यह शाॅट मार देगा।



साइंस... ब्रेन डॉमिनेंस से तय होता है कि किस हाथ से काम करेंगे : डॉ. रलोत 

एमबी अस्पताल के न्यूरोलाजिस्ट डाॅ. तरुण रलोत कहते हैं कि विज्ञान के अनुसार लेफ्टी लाेगाेें का ब्रेन उन लोगों के मुकाबले अधिक तेज माना जाता है, जो दाहिने हाथ से काम के अभ्यस्त हैं। ऐसे लोग किसी भी एक क्षेत्र में निपुण हाेते हैं। दरअसल, जन्म के समय ब्रेन डाॅमिनेंस के कारण ही बायां या दायां हाथ निर्धारित हाेता है। डॉ. रलोत खुद लेफ्ट हैंडर हैं और बताते हैं कि बीमारियों में ऐसे लोगों को एक्सट्रा एडवांटेज है। याददाश्त अाैर अावाज से जुड़ी बीमारियों का अंदेशा लेफ्टीज में कम होता है। दिमागी बीमारी में इनके केस में जटिलताओं का समाधान अपेक्षाकृत जल्दी होता है। बाएं हाथ से काम करने वालाें के ब्रेन का दाहिना अाैर बायां भाग सामान्य व्यक्ति से ज्यादा विकसित हाेता है। इतना ही नहीं, खब्बू खिलाड़ियों में खेल के दौरान दोनों हाथों के इस्तेमाल की क्षमता भी होती है। यही कारण है कि वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

बैडमिंटन : बेनिफिट, क्योंकि प्रतिद्वंद्वी ने की सिर्फ राइट हैंडर के साथ प्रेक्टिस 

32 साल के जितेंद्र जैन का कहना है कि बैडमिंटन में 100 में से एक खिलाड़ी लेफ्ट हैंडर होता है। एेसे खिलाड़ियों को एक्सट्रा बेनिफिट यह मिल जाता है कि अमूमन प्रतिद्वंदी की जाे भी प्रेक्टिस हुई है, वह दाहिने हाथ के खिलाड़ी के साथ होने के कारण रिवर्स शॉट को लेकर आश्वस्त हो जाते हैं। बाएं हाथ के खिलाड़ी की स्ट्राेक अाैर काेर्ट कवरिंग ज्यादा हाेती है। बाएं हाथ के खिलाड़ी जितेंद्र पांच बार अाॅल इंडिया यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट खेल चुके हैं अाैर दो सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।



आत्मविश्वास : कॉम्प्लिमेंट्स से मिलती है सकारात्मकता 

लेडी पेट्रोलिंग टीम की कांस्टेबल तुलसी डांगी बेस्ट याेगा लेडी का सम्मान पा चुकी हैं। बताती हैं कि दाेस्त अाैर परिवारजन मेरा बाएं हाथ से हर काम करना शुभ मानते हैं। यही बात मुझमें सकारात्मकता लाती है। याेगा में सारा काम बैलेन्स का है अाैर लेफ्ट हैंड अच्छी तरह से सारे संतुलन करने में मदद करता है। प्रकृति ने मुझे यही विशेषता और शक्ति दी है, जो मुझे दूसरों से अलग बनाती और दिखाती भी है।

शतरंज ... और शतरंज में चुनौती; नाेटेशन लिखने में हाेती है दिक्कत 

16 साल की शतरंज खिलाड़ी अनीषा जैन कहती हैं कि जिस तरह से कोई राइट हैंड से काम करता है, उसी तरह से कोई लेफ्ट हैंड से। मैं पिछले कई साल से चेस खेल रही हूं अाैर बाएं हाथ के सक्रिय हाेने से मुझे चेस में नाेटेशन लिखने में दिक्कत अाती है। अनीषा काे चेस में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते महाराणा फतहसिंह अवार्ड भी मिल चुका है। 

राशि अनुसार रक्षाबंधन के उपाय एवं शुभ मुहूर्त

15 अगस्त, 2019. गुरुवार
ASONEWS

यह आप सब जानते है की रक्षा बंधन को भाई और बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक कहा जाता है यह उसत्व श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि के दिन को बनाया जाता है बहन इस दिन का बहुत बेसब्री से इंतज़ार करती है क्युकी इस दिन बहनें अपनी भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र यानि की राखी बांधती है और साथ ही साथ अपने भाई के लिए जीवन सुखमय के लिए कामना करती है यह उसत्व भाई बहन के परस्पर स्नेह और प्यार को दुगना बढ़ा देने वाला है ! यंहा हम आपको राशि अनुसार रक्षाबंधन के उपाय के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं !


मेष राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि मेष है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान श्री गणेश जी की पूजा अर्चना करने के बाद उन्हें दूब अर्पित करें और साथ में राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई की उन्नति होगी और साथ में आपके भाई का गुस्सा शांत होगा ! 



वृष राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि वृष है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान शिव जी मंदिर में जाकर शिवलिंग जल अर्पित करें ! और उसके बाद राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से भाई व् बहन के बीच के रिश्ते और भी मजबूत होगें !


मिथुन राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि मिथुन है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करें ! उसके बाद माँ दुर्गा जी को सिंदूर चढ़ा कर उन्हें राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई की हर संकट से रक्षा होगी !

कर्क राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि कर्क है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान श्री गणेश जी को बेल पत्र अर्पित करने के बाद राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई की पढाई या करियर में आ रही समस्या से मुक्ति मिलेगी !

सिंह राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि सिंह है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान शिव जी के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर चंदन का लेप करें उसके बाद भगवान् शिव जी राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपका भाई का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा !
कन्या राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि कन्या है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान श्री हनुमान जी को लाल गुलाब का फुल अर्पित करके उन्हें राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई के जीवन में आ रही रुकावट में सफलता मिलेगी !

तुला राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि तुला है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान श्री कृष्ण जी की पूजा करके माखन व् मिश्री का भोग लगाये ! व् उन्हें राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई व् आपके रिश्ते मजबूत होगे व् आपके भाई के पारिवारिक समस्या हो रही उससे राहत मिलेगी !
वृश्चिक राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि वृश्चिक है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान शनि देव के सामने तेल का दीपक जलाकर उसके बाद पीपल के पेड़ को जल चढ़ाकर दीपक जलाएं व् पीपल को राखी बांधे ! ऐसा करने से आपके भाई के जीवन में आ रही शिक्षा सम्बन्धित या संतान सम्बन्धित परेशानी से मुक्ति मिलेगी !

धनु राशि


जिस भी भाई की बहन की राशि धनु है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए शिवलिंग का जल से अभिषेक करने के बाद इत्र व् राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई के जीवन में आ रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा !

मकर राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि मकर है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान श्री कृष्ण जी पूजा करने से पहले हल्दी या केसर का तिलक लगाये व् राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई को अचानक आर्थिक नुक्सान या आर्थिक समस्या से परेशानी से मुक्ति मिलेगी !

कुंभ राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि कुंभ है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए भगवान श्री हनुमान जी को लाल गुलाब का फुल अर्पित करके उन्हें राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई के जीवन में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सम्बन्धित आ रही परेशानी से निजात मिलेगा !

मीन राशि

जिस भी भाई की बहन की राशि मीन है तो इस रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के लिए शिवलिंग का अभिषेक दही व् जल से करें ! उसके बाद राखी अर्पित करें ! ऐसा करने से आपके भाई व् बहन के बीच के रिश्ते और मजबूत व् विश्वासमय होगें !


राखी बांधने का शुभ मुहूर्त |

सुबह 06:22 से सुबह के 07:39 मिनट तक ( शुभ मुहूर्त सहित ) 

सुबह 10:54 से दोपहर के 03:46 मिनट तक ( चर, लाभ, अमृत चौघडिया मुहूर्त सहित ) 

सांय 05:23 से सांय 07:00 मिनट तक ( शुभ मुहूर्त सहित ) 

( चर, लाभ, अमृत चौघडिया और अभिजित मुहूर्त सहित ) 

दोपहर 12:05 से दोपहर 12:55बजे तक ( अभिजित मुहूर्त सहित )


बुधवार, 14 अगस्त 2019

बाड़मेर : स्वतन्त्रता दिवस समारोह 2019, आदर्श स्टेडियम मेंफाइनल रिहर्सल हुई पूरी।

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम का अंतिम रिहर्सल, 



पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

बाड़मेर, 13 अगस्त। 
73 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह के कार्यक्रमों का अंतिम रिहर्सल मंगलवार को आदर्श स्टेडियम में संपन्न हुआ। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को उन्हें सौपी गई सम्पूर्ण व्यवस्थाएं समय पर सम्पादित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने मुख्य कार्यक्रम के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का बारिकी से अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। उन्होने अंतिम अभ्यास के पश्चात् स्टेडियम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आदर्श स्टेडियम में बेरिकेटिंग, सफाई, बैठक, पेयजल, मंच की सजावट सहित सभी व्यवस्थाएं पुख्ता रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान बिजली की पुख्ता व्यवस्था के साथ माइक की सुचारू व्यवस्था करने के निर्देश दिए। 

अतिरिक्त जिला कलक्टर शर्मा ने बताया कि स्वतन्त्रता दिवस के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि राजस्व, उपनिवेशन एवं कृषि सिंचित क्षेत्रीय विकास एवं जल उपयोगिता मंत्री हरीश चौधरी प्रातः 9 बजे ध्वजारोहरण कर परेड का निरीक्षण करेंगे तथा मार्च पास्ट की सलामी लेंगे। इसके पश्चात् परेड कमाण्डर आर.आई. देरावरसिंह भाटी के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस, राजस्थान महिला पुलिस, अरबन होम गार्ड, सीनियर एवं जूनियर एन.सी.सी.दल, एन.एस.एस. स्वयं सेविका, स्काउट तथा गर्ल्स गाइड दल की टुकडियां परेड में हिस्सा लेगी। मार्च पास्ट के पश्चात् अतिरिक्त जिला कलक्टर की ओर से महामहिम राज्यपाल के सन्देश का पठन किया जाएगा। तत्पश्चात् स्थानीय शिक्षण संस्थाओं के 1500 बालक बालिकाओं द्वारा सामूहिक व्यायाम प्रदर्शन एवं समूह गान की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी कड़ी में स्थानीय शिक्षण संस्थाओं के 100 बालचरों की ओर से आकर्षक पिरामिड प्रदर्शन होगा। इसके उपरांत दिव्यांग बालक की ओर से देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया जाएगा।



उन्होंने बताया कि मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री चौधरी उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित करने के पश्चात् देश की माटी के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले स्वतन्त्रता सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित करेंगे। इस दौरान जिले में विभिन्न क्षेत्रों में रचनात्मक कार्यो मेें विशेष योगदान देने वालो को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इसके पश्चात् देशभक्ति गीत की प्रस्तुति के बाद विभिन्न विद्यालयों की बालिकाएं सामूहिक लोक नृत्य की प्रस्तुति देगी। जिले के प्रसिद्ध गेर दलों की ओर से आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएगी।

समारोह के दौरान नागरिक सुरक्षा के स्वयं सेवकों की ओर से आपदा एवं हवाई हमले की स्थिति में जानमाल की सुरक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक एवं कैसे बचा जाए के संबंध में नागरिक सुरक्षा सुयुक्त अभ्यास की प्रस्तुति दी जाएगी। समारोह के अंत में राष्ट्रगान होगा। अंतिम रिहर्सल के दौरान उपखंड अधिकारी बाड़मेर नीरज मिश्र, पुलिस उप अधीक्षक विजयसिंह, नगर परिषद आयुक्त पवन मीणा, तहसीलदार जगदीशसिंह आशिया, एडीओ गुलाबसिंह, व्याख्याता मुकेश पचौरी, दीपसिंह भाटी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अंतिम रिहर्सल के दौरान कार्यक्रम का संचालन डॉ. बंशीधर तातेड ने किया।

मंगलवार, 13 अगस्त 2019

जानिए स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या है अंतर ?

!!!एक रोचक तथ्य!!!

जानिए स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या है अंतर ?

*पहला अंतर*

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर *झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले जाया जाता है, फिर खोल कर फहराया जाता है, जिसे *ध्वजारोहण* कहा जाता है क्योंकि यह 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक घटना  को सम्मान देने हेतु किया जाता है जब प्रधानमंत्री जी ने ऐसा किया था। संविधान में इसे अंग्रेजी में *Flag Hoisting (ध्वजारोहण)* कहा जाता है।

जबकि 

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर *झंडा ऊपर ही बंधा रहता है, जिसे खोल कर फहराया जाता है,* संविधान में इसे *Flag Unfurling (झंडा फहराना)* कहा जाता है।
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*दूसरा अंतर*

15 अगस्त के दिन *प्रधानमंत्री जो कि केंद्र सरकार के प्रमुख होते हैं वो ध्वजारोहण करते हैं,* क्योंकि स्वतंत्रता के दिन भारत का संविधान लागू नहीं हुआ था और राष्ट्रपति जो कि राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते है, उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया था। इस दिन शाम को राष्ट्रपति अपना सन्देश राष्ट्र के नाम देते हैं।
जबकि


26 जनवरी जो कि देश में संविधान लागू होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, *इस दिन संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं*
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*तीसरा अंतर*

स्वतंत्रता दिवस के दिन *लाल किले* से ध्वजारोहण किया जाता है।

जबकि

गणतंत्र दिवस के दिन *राजपथ* पर झंडा फहराया जाता है।

सोमवार, 12 अगस्त 2019

K.K. आचार्य को रोयल्टी अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

RCM बिजनेस अभियान द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए किया गया सम्मानित।


12.08.2019/भीलवाड़ा/ASONEWS
गत 10 - 11 अगस्त को राजस्थान के भिलवाड़ा शहर में आयोजित फैशन सूटिंग प्राइवेट लिमिटेड संस्थान के RCM बिज़नेस अभियान द्वारा झालावाड़ जिले के बकानी निवासी कृष्ण कुमार आचार्य सुपुत्र मनोज जी आचार्य(अध्यापक) को स्वास्थ्य रक्षा व स्वावलम्बन के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु  सम्मानजनक पदक रॉयल्टी अचीवर के रूप में सम्मानित किया गया और उन्हें स्टार गोल्ड पिन की ट्रॉफी भी भेंट की।

इस मौके पर संस्थान के संचालक श्री तिलोकचंद छाबड़ा और आचार्य जी के मार्गदर्शक अमित गुप्ता (इंदौर) भी मौजूद थे।
समाज उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है और साथ ही साथ समाज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में देखता है।



भाजपा आईटी विभाग के रथ को केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने झंडी दिखाकर रवाना किया।

11.08.2019/Barmer/
ASONEWS

बाड़मेर भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान के तहत आईटी विभाग राजस्थान के द्वारा सदस्य अभियान को लोगों में प्रचार करने बाबत रथ वेन का शुभारंभ किया गया जिसके तहत रथ बाड़मेर जिला मुख्यालय पहुंची। 
          आईटी विभाग जिला संयोजक जितेंद्र मालू ने बताया कि जिला मुख्यालय पर आईटी विभाग जिला सह संयोजक हितेन ठक्कर व अजय आचार्य के नेतृत्व में रथ वेन का शुभारंभ कार्यक्रम किया गया। जिसके तहत केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी वह पूर्व यूआईटी चेयरपर्सन प्रियंका चौधरी द्वारा रथ वेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। आईटी विभाग की रथ वेन शहर के मुख्य स्थानो पर सदस्यता अभियान का प्रचार प्रसार करेगी। 


इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश जी चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहाँ की भारतीय जनता पार्टी एक संगठन नहीं एक परिवार है इस परिवार को अपन सब को मिलकर बड़ा बनाना है इसके लिए सभी कार्यकर्ता बूथ बूथ जाकर सभी आमजन को भाजपा के सदस्य बनाए इस मौके पर पूर्व चेयरपर्सन डॉ प्रियंका जी चौधरी ने कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना करते हुए कहा की बरसात के मौसम में भी आईटी विभाग व बाड़मेर शहर के कार्यकर्ता पूरी मेहनत से कार्य कर रहे है और इसका मुझे विश्वास है की भाजपा बाड़मेर में सबसे ज्यादा सदस्य बनाएगी। 
इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल, भाजपा जिला महामंत्री कैलाश कोटडिया भाजपा सदस्य अभियान जिला सहसंयोजक स्वरूप सिंह खारा भाजयुमो जिला अध्यक्ष देवी लाल कुमावत ओबीसी जिला अध्यक्ष मोहन दान देथा, भाजपा जिला प्रमुख रमेश सिंह इंदा आईटी विभाग जिला सह संयोजक हितेन ठक्कर, भाजपा नगर अध्यक्ष मोहनलाल कुर्डिया, भाजयुमो नगर अध्यक्ष खिमराज सिंह लखा, भाजपा नगर प्रवक्ता आनंद पुरोहित, धनसिंह मौसेरी, दीपक कड़वासरा, विक्रम सिंह तामलोर, कपिल चंडक, अरविंद शारदा, राहुल लूणिया राजूसिंह कोटड़ा, स्वरूपसिंह लंगेरा, बुलाराम सऊ, ओमप्रकाश, सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


Report by Ajay Acharya

गुरुवार, 8 अगस्त 2019

आचार्य समाज के बन्धुओं ने सांसद प्रसन्ना आचार्य के जन्मदिन पर उन्हें साफ़ा पहनाकर व गुलदस्ता देकर बधाई दी।

Delhi/ASONEWS.
08.08.2019

आचार्य महाब्राह्मण समाज के बेटे मेरे आदरणीय प्रसन्ना आचार्य सांसद राज्यसभा को महाब्राह्मण समाज एकता मंच हरियाणा और उत्तरप्रदेश के महाब्राह्मण समाजबंधुओं ने पगड़ी  बांध कर और मिठाई खिलाकर  जन्मदिवस की बधाई दी.






सोमवार, 5 अगस्त 2019

नागपंचमी (श्रावण पंचमी) ५ अगस्त विशेष

नागपंचमी (श्रावण पंचमी) ५ अगस्त विशेष
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श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व पर प्रमुख नाग मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और भक्त नागदेवता के दर्शन व पूजा करते हैं। सिर्फ मंदिरों में ही नहीं बल्कि घर-घर में इस दिन नागदेवता की पूजा करने का विधान है।

ऐसी मान्यता है कि जो भी इस दिन श्रद्धा व भक्ति से नागदेवता का पूजन करता है उसे व उसके परिवार को कभी भी सर्प भय नहीं होता। इस बार यह पर्व 5 अगस्त, सोमवार को है। इस दिन नागदेवता की पूजा किस प्रकार करें, इसकी विधि इस प्रकार है।

 पूजन विधि
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नागपंचमी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सबसे पहले भगवान शंकर का ध्यान करें नागों की पूजा शिव के अंश के रूप में और शिव के आभूषण के रूप में ही की जाती है। क्योंकि नागों का कोई अपना अस्तित्व नहीं है। अगर वो शिव के गले में नहीं होते तो उनका क्या होता। इसलिए पहले भगवान शिव का पूजन करेंगे।  शिव का अभिषेक करें, उन्हें बेलपत्र और जल चढ़ाएं।

इसके बाद शिवजी के गले में विराजमान नागों की पूजा करे। नागों को हल्दी, रोली, चावल और फूल अर्पित करें। इसके बाद चने, खील बताशे और जरा सा कच्चा दूध प्रतिकात्मक रूप से अर्पित करेंगे।

घर के मुख्य द्वार पर गोबर, गेरू या मिट्टी से सर्प की आकृति बनाएं और इसकी पूजा करें।

घर के मुख्य द्वार पर सर्प की आकृति बनाने से जहां आर्थिक लाभ होता है, वहीं घर पर आने वाली विपत्तियां भी टल जाती हैं।

इसके बाद 'ऊं कुरु कुल्ले फट् स्वाहा' का जाप करते हुए घर में जल छिड़कें। अगर आप नागपंचमी के दिन आप सामान्य रूप से भी इस मंत्र का उच्चारण करते हैं तो आपको नागों का तो आर्शीवाद मिलेगा ही साथ ही आपको भगवान शंकर का भी आशीष मिलेगा
बिना शिव जी की पूजा के कभी भी नागों की पूजा ना करें। क्योंकि शिव की पूजा करके नागों की पूजा करेंगे तो वो कभी अनियंत्रित नहीं होंगे
नागों की स्वतंत्र पूजा ना करें, उनकी पूजा शिव जी के आभूषण के रूप में ही करें।

नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा (सोने, चांदी या तांबे से निर्मित) के सामने यह मंत्र बोलें।

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शंखपाल धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात:काले विशेषत:।।

तस्मै विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।।

इसके बाद पूजा व उपवास का संकल्प लें। नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा को दूध से स्नान करवाएं। इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर गंध, फूल, धूप, दीप से पूजा करें व सफेद मिठाई का भोग लगाएं। यह प्रार्थना करें।

सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथिवीतले।।
ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता।
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।

प्रार्थना के बाद नाग गायत्री मंत्र का जाप करें-

ऊँ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्।

इसके बाद सर्प सूक्त का पाठ करें

ब्रह्मलोकुषु ये सर्पा: शेषनाग पुरोगमा:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: वासुकि प्रमुखादय:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
कद्रवेयाश्च ये सर्पा: मातृभक्ति परायणा।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
इंद्रलोकेषु ये सर्पा: तक्षका प्रमुखादय:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
सत्यलोकेषु ये सर्पा: वासुकिना च रक्षिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।मलये चैव ये सर्पा: कर्कोटक प्रमुखादय:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
पृथिव्यांचैव ये सर्पा: ये साकेत वासिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
सर्वग्रामेषु ये सर्पा: वसंतिषु संच्छिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
ग्रामे वा यदिवारण्ये ये सर्पा प्रचरन्ति च।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
समुद्रतीरे ये सर्पा ये सर्पा जलवासिन:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।
रसातलेषु या सर्पा: अनन्तादि महाबला:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।

नागदेवता की आरती करें और प्रसाद बांट दें। इस प्रकार पूजा करने से नागदेवता प्रसन्न होते हैं और हर मनोकामना पूरी करते हैं।
        
नागपंचमी
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महाभारत आदि ग्रंथों में नागों की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है। इनमें शेषनाग, वासुकि, तक्षक आदि प्रमुख हैं। नागपंचमी के अवसर पर हम आपको ग्रंथों में वर्णित प्रमुख नागों के बारे में बता रहे हैं।

तक्षक नाग
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धर्म ग्रंथों के अनुसार, तक्षक पातालवासी आठ नागों में से एक है। तक्षक के संदर्भ में महाभारत में वर्णन मिलता है। उसके अनुसार, श्रृंगी ऋषि के शाप के कारण तक्षक ने राजा परीक्षित को डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गयी थी। तक्षक से बदला लेने के उद्देश्य से राजा परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने सर्प यज्ञ किया था। इस यज्ञ में अनेक सर्प आ-आकर गिरने लगे। यह देखकर तक्षक देवराज इंद्र की शरण में गया।

जैसे ही ऋत्विजों (यज्ञ करने वाले ब्राह्मण) ने तक्षक का नाम लेकर यज्ञ में आहुति डाली, तक्षक देवलोक से यज्ञ कुंड में गिरने लगा। तभी आस्तिक ऋषि ने अपने मंत्रों से उन्हें आकाश में ही स्थिर कर दिया। उसी समय आस्तिक मुनि के कहने पर जनमेजय ने सर्प यज्ञ रोक दिया और तक्षक के प्राण बच गए।

कर्कोटक नाग
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कर्कोटक शिव के एक गण हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सर्पों की मां कद्रू ने जब नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का श्राप दिया तब भयभीत होकर कंबल नाग ब्रह्माजी के लोक में, शंखचूड़ मणिपुर राज्य में, कालिया नाग यमुना में, धृतराष्ट्र नाग प्रयाग में, एलापत्र ब्रह्मलोक में और अन्य कुरुक्षेत्र में तप करने चले गए।

ब्रह्माजी के कहने पर कर्कोटक नाग ने महाकाल वन में महामाया के सामने स्थित लिंग की स्तुति की। शिव ने प्रसन्न होकर कहा- जो नाग धर्म का आचरण करते हैं, उनका विनाश नहीं होगा। इसके बाद कर्कोटक नाग उसी शिवलिंग में प्रवेश कर गया। तब से उस लिंग को कर्कोटेश्वर कहते हैं। मान्यता है कि जो लोग पंचमी, चतुर्दशी और रविवार के दिन कर्कोटेश्वर शिवलिंग की पूजा करते हैं उन्हें सर्प पीड़ा नहीं होती।

कालिया नाग
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श्रीमद्भागवत के अनुसार, कालिया नाग यमुना नदी में अपनी पत्नियों के साथ निवास करता था। उसके जहर से यमुना नदी का पानी भी जहरीला हो गया था। श्रीकृष्ण ने जब यह देखा तो वे लीलावश यमुना नदी में कूद गए। यहां कालिया नाग व भगवान श्रीकृष्ण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। अंत में श्रीकृष्ण ने कालिया नाग को पराजित कर दिया। तब कालिया नाग की पत्नियों ने श्रीकृष्ण से कालिया नाग को छोडऩे के लिए प्रार्थना की। तब श्रीकृष्ण ने उनसे कहा कि तुम सब यमुना नदी को छोड़कर कहीं और निवास करो। श्रीकृष्ण के कहने पर कालिया नाग परिवार सहित यमुना नदी छोड़कर कहीं और चला गया।

इनके अलावा कंबल, शंखपाल, पद्म व महापद्म आदि नाग भी धर्म ग्रंथों में पूज्यनीय बताए गए हैं।

नागपंचमी पर नागों की पूजा कर आध्यात्मिक शक्ति और धन मिलता है। लेकिन पूजा के दौरान कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है।
हिंदू परंपरा में नागों की पूजा क्यों की जाती है और ज्योतिष में नाग पंचमी का क्या महत्व है।

अगर कुंडली में राहु-केतु की स्थिति ठीक ना हो तो इस दिन विशेष पूजा का लाभ पाया जा सकता है।

जिनकी कुंडली में विषकन्या या अश्वगंधा योग हो, ऐसे लोगों को भी इस दिन पूजा-उपासना करनी चाहिए. जिनको सांप के सपने आते हों या सर्प से डर लगता हो तो ऐसे लोगों को इस दिन नागों की पूजा विशेष रूप से करना चाहिए।

भूलकर भी ये ना करें
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1. जो लोग भी नागों की कृपा पाना चाहते हैं उन्हें नागपंचमी के दिन ना तो भूमि खोदनी चाहिए और ना ही साग काटना चाहिए.।

2. उपवास करने वाला मनुष्य सांयकाल को भूमि की खुदाई कभी न करे।

3. नागपंचमी के दिन धरती पर हल न चलाएं।

4. देश के कई भागों में तो इस दिन सुई धागे से किसी तरह की सिलाई आदि भी नहीं की जाती।

5. न ही आग पर तवा और लोहे की कड़ाही आदि में भोजन पकाया जाता है।

6. किसान लोग अपनी नई फसल का तब तक प्रयोग नहीं करते जब तक वह नए अनाज से बाबे को रोट न चढ़ाएं।

राहु-केतु से परेशान हों तो क्या करें
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एक बड़ी सी रस्सी में सात गांठें लगाकर प्रतिकात्मक रूप से उसे सर्प बना लें इसे एक आसन पर स्थापित करें। अब इस पर कच्चा दूध, बताशा और फूल अर्पित करें। साथ ही गुग्गल की धूप भी जलाएं.

इसके पहले राहु के मंत्र 'ऊं रां राहवे नम:' का जाप करना है और फिर केतु के मंत्र 'ऊं कें केतवे नम:' का जाप करें।

जितनी बार राहु का मंत्र जपेंगे उतनी ही बार केतु का मंत्र भी जपना है।

मंत्र का जाप करने के बाद भगवान शिव का स्मरण करते हुए एक-एक करके रस्सी की गांठ खोलते जाएं. फिर रस्सी को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें. राहु और केतु से संबंधित जीवन में कोई समस्या है तो वह समस्या दूर हो जाएगी।

सांप से डर लगता है या सपने आते हैं।
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अगर आपको सर्प से डर लगता है या सांप के सपने आते हैं तो चांदी के दो सर्प बनवाएं साथ में एक स्वास्तिक भी बनवाएं। अगर चांदी का नहीं बनवा सकते तो जस्ते का बनवा लीजिए।
अब थाल में रखकर इन दोनों सांपों की पूजा कीजिए और एक दूसरे थाल में स्वास्तिक को रखकर उसकी अलग पूजा कीजिए।

नागों को कच्चा दूध जरा-जरा सा दीजिए और स्वास्तिक पर एक बेलपत्र अर्पित करें. फिर दोनों थाल को सामने रखकर 'ऊं नागेंद्रहाराय नम:' का जाप करें।

इसके बाद नागों को ले जाकर शिवलिंग पर अर्पित करें और स्वास्तिक को गले में धारण करें।

ऐसा करने के बाद आपके सांपों का डर दूर हो जाएगा और सपने में सांप आना बंद हो जाएंगे।

शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

ASO NEWS एडिटर इन चीफ महावीर आचार्य ने पौधारोपण कर अपना जन्मदिन मनाया।

  • पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश         
  • बचपन से ही अपने हर जन्मदिन पर पौधारोपण करते हैं।


31.07.2019
बाड़मेर/ASONEWS

ASO NEWS एडिटर इन चीफ महावीर आचार्य ने पौधारोपण कर अपना जन्मदिन मनाया। वे अपने हर जन्मदिन पर बचपन से ही वृक्षारोपण कर अपना जन्मदिन मनाते हैं। यह रूचि उनमें तब से पैदा हुई सबसे उनकी समझ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है, वे बताते हैं कि जब वे छोटे थे कक्षा में पढ़ते थे तब पर्यावरण अध्ययन विषय में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के बारे में कक्षा में जब पढ़ाया जाता था और पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए सबसे अच्छा उपाय उस समय वृक्षारोपण ही बताया जाता था तब से ही उन्होंने मन में सोच लिया की अपने हर जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएंगे और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे।


इसके अलावा उन्हें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से भी बहुत लगाव है तो वे पिछले 10-15 सालों से हर 26 जनवरी और 15 अगस्त के राष्ट्रीय पर्व पर अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराते हैं।2016 में इन्होंने बाड़मेर में आचार्य समाज निशुल्क शिक्षा केंद्र की शुरुआत की थी जो आज भी कार्यरत है। जहां सभी समाज के बच्चे निशुल्क कोचिंग करने के लिए आते हैं। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ साथ विभिन्न खेलों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उनका सर्वांगीण विकास करने का प्रयास किया जाता है।




गुरुवार, 1 अगस्त 2019

ये क्या बोल गई कांग्रेस नैत्री,जिसे पढ़कर आप भी रह जायेंगे हैरान


ASO NEWS/NEEMACH
काग्रेंस की  तेज तर्रार जिला उपाध्यक्ष स्नेहलता विजय शर्मा ने प्रेस नोट जारी कर बयान दिया कि  प्रदेश में कांग्रेस की सरकार  बनते ही  मिलावट खोरो पर शिंकजा कसा जा रहा।अन्यथा 15 वर्षो से विपक्षी पार्टी और विपक्षी नेताऔ  की सांठ गांठ से मिलावटखोरी एवं कालाबाजारी को प्राथमिकता दी जा रही थी  प्रदेश मे कमलनाथ जी की सरकार बनने के बाद ही वर्षो से सांठ गांठ कर जमे हुये पदाधिकारीयो  को प्रदेश सरकार द्वारा स्थांनातंरण किये गए और भष्टृचार मे सलिप्त अधिकारीयो को निंलबित करने का कार्य प्रदेश सरकार द्वारा किया गया ।
                         श्री मति शर्मा का कहना है कि खाद्यान्न विभाग के छापे पड़ना बहुत जरूरी थे विगत कई वर्षों से आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था मै मिडीया को भी धन्यवाद देती हूं कि  कालाबाजारी कि खबरो को निष्पक्ष रुप से उठाया है  एवं स्थांनातरण पर वही  लोग दु:ख व्यक्त कर रहे  जो भ्रष्टाचार मे लिप्त है  ईमानदारी से कार्य करने वालो के लिये  हर स्थान सही होता है ।       
                               ज्ञात रहे  श्री मति स्नेहलता विजय शर्मा  विगत 9 वर्षो से समाज सेवा में सक्रिय है कांग्रेस पार्टी मे आने से पुर्व भी  श्री मति शर्मा ने भ्रष्टाचार  के विरुद्धऔर शिवराज सरकार के  विरुद्ध अनेक आंदोलन किये   फायर ब्रांड कही जाने  वाली इस नैत्री  के निशाने पर कभी सासंद गुप्ता रहे तो कभी नगर परिषद के कर्ताधर्ता यहा तक पुर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ भी स्टेंटमेंट जारी किया था ।
              कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष स्नेहलता का कहना है कि  प्रदेश सरकार वर्तमान में अच्छा कार्य कर रही हे   पुर्व सरकार जुमलेबाजी की सरकार थी   आदरणीय कमलनाथ जी सादगी से कार्य करते है प्रचार प्रसार मे करोडो खर्च नही करते । ज्ञात रहे कि वर्तमान में छापेमार कार्यवाही में मिलावट खोरो में एवं इस कार्य को सरक्षण देने वाले अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

सोमवार, 29 जुलाई 2019

पत्तल में भोजन के अद्भुत लाभ हैं। आइए जानते हैं...

 पत्तल_में_भोजन_के_अद्भुत_लाभ..........


आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे देश मे 2000 से अधिक वनस्पतियों की पत्तियों से तैयार किये जाने वाले पत्तलों और उनसे होने वाले लाभों के विषय मे पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान उपलब्ध है पर मुश्किल से पाँच प्रकार की वनस्पतियों का प्रयोग हम अपनी दिनचर्या मे करते है।
आम तौर पर केले की पत्तों में खाना परोसा जाता है। प्राचीन ग्रंथों में केले की पत्तों पर परोसे गये भोजन को स्वास्थ्य के लिये लाभदायक बताया गया है। आजकल महंगे होटलों और रिसोर्ट मे भी केले की पत्तों का यह प्रयोग होने लगा है।
नीचे चित्र में सुपारी के पत्तों से बनाई गई प्लेट, कटोरी व ट्रे हैं , जिनमे भोजन करना स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है, जिसे प्लास्टिक, थर्माकोल के ऑप्शन में उतरा गया है क्योंकि थर्माकोल व प्लास्टिक के उपयोग से स्वास्थ्य को बहुत हानि भी पहुँच रही है ।
सुपारी के पत्तों की यह पत्तल केरल में बनाई जा रही हैं और कीमत भी ज्यादा नही है , तक़रीबन 1.5, 2, रुपये साइज और क्वांटिटी के हिसाब से अलग अलग है
* पलाश के पत्तल में भोजन करने से स्वर्ण के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है ।
* केले के पत्तल में भोजन करने से चांदी के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है ।
* रक्त की अशुद्धता के कारण होने वाली बीमारियों के लिये पलाश से तैयार पत्तल को उपयोगी माना जाता है। पाचन तंत्र सम्बन्धी रोगों के लिये भी इसका उपयोग होता है। आम तौर पर लाल फूलो वाले पलाश को हम जानते हैं पर सफेद फूलों वाला पलाश भी उपलब्ध है। इस दुर्लभ पलाश से तैयार पत्तल को बवासीर (पाइल्स) के रोगियों के लिये उपयोगी माना जाता है।
* जोडो के दर्द के लिये करंज की पत्तियों से तैयार पत्तल उपयोगी माना जाता है। पुरानी पत्तियों को नयी पत्तियों की तुलना मे अधिक उपयोगी माना जाता है।
* लकवा (पैरालिसिस) होने पर अमलतास की पत्तियों से तैयार पत्तलो को उपयोगी माना जाता है।


पत्तल में भोजन से अन्य लाभ :

1. सबसे पहले तो उसे धोना नहीं पड़ेगा, इसको हम सीधा मिटटी में दबा सकते है l
2. न पानी नष्ट होगा l
3. न ही कामवाली रखनी पड़ेगी, मासिक खर्च भी बचेगा l
4. न केमिकल उपयोग करने पड़ेंगे l
5. न केमिकल द्वारा शरीर को आंतरिक हानि पहुंचेगी l
6. अधिक से अधिक वृक्ष उगाये जायेंगे, जिससे कि अधिक आक्सीजन भी मिलेगी l
7. प्रदूषण भी घटेगा ।
8. सबसे महत्वपूर्ण झूठे पत्तलों को एक जगह गाड़ने पर, खाद का निर्माण किया जा सकता है, एवं मिटटी की उपजाऊ क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है l
9. पत्तल बनाने वालों को भी रोजगार प्राप्त होगा l
10. सबसे मुख्य लाभ, आप नदियों को दूषित होने से बहुत बड़े स्तर पर बचा सकते हैं, जैसे कि आप जानते ही हैं कि जो पानी आप बर्तन धोने में उपयोग कर रहे हो, वो केमिकल वाला पानी, पहले नाले में जायेगा, फिर आगे जाकर नदियों में ही छोड़ दिया जायेगा l जो जल प्रदूषण में आपको सहयोगी बनाता है l
आजकल हर जगह भंडारे, विवाह शादियों, बर्थडे पार्टियों में डिस्पोजल की जगह इन पत्तलों का प्रचलन हो रहा है।
कृपया इसकी जानकारी अन्य लोगों को भी दें। जिससे हर कोई स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार प्रसार करे और हमारा देश प्लास्टिक या थर्माकोल से बने डिस्पोजेबल से होने वाले प्रदूषण से मुक्त हो सके।
Vikas Sharma