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जलवायु परिवर्तन:कोयले पर निर्भर है भारत, कार्बन उत्सर्जन की वजह से वैश्विक तापमान में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा जीवाश्म ईंधन उत्सर्जक है,दुनिया के कुल CO2 उत्सर्जन में कोयले की हिस्सेदारी 44% Via देश | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3aF6puK

मोदी जी जन्मदिन पर ओबीसी मोर्चा भाजपा के आचार्य व टीम ने किया केकडी मे किया वृक्षारोपण

मोदी जी जन्मदिन पर ओबीसी मोर्चा भाजपा के आचार्य व टीम ने किया केकडी मे किया वृक्षारोपण 
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        भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा केकडी शहर मंडल अध्यक्ष श्री राम आचार्य के नेतृत्व में लगभग 101 पौधे लगाकर वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया गया ।इस मौके पर एस सी  जिला महामंत्री धनराज नायक,पूर्व पार्षद अमन सोनी ,शिवम सेंन, विनोद ,सांवरलाल चौधरी ,उपेंद्र योगी ,रौनक वैष्णव, मुकेश आचार्य दिलकुश आचार्य व  अनेक  कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

पीएम मोदी की कुंडली:सितारे कहते हैं चुनौतियां बढ़ेंगीं, कुछ फैसले पलटने पर मजबूर हो सकते हैं, लेकिन लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ेगा

देश के तीन जाने-माने ज्योतिषाचार्य और अंकशास्त्री की मोदी पर भविष्यवाणी,बंगाल और कॉमन सिविल कोड दोनों पर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं मोदी Via देश | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3aF6puK

सारागढ़ी के रणबाँकुरे जब 21 भारतीय जवानो ने 10 हजार अफगानों को रोक लिया

12 सितम्बर, 1897

यह विश्व के सैनिक इतिहास की एक अनुपम गाथा है. भारतीय जवानों के शौर्य और पराक्रम का अनुपम उदाहरण है. मात्र 21 सिख सैनिको ने दस हजार अफगानों से जमकर मोर्चा लिया और अपने से कई गुना अधिक दुश्मनों को एक इंच भी आगे नहीं बढ़ने दिया.
यह घटना 12 सितम्बर 1897 की है. अंग्रेजो और अफगानों के बीच 1839 से 1919 के बीच 80 सालों मे तीन बड़ी लड़ाईयां हुई. 1897-98 के युद्ध में सिख रेजिमेंट अग्रिम मोर्चे पर थी. इस रेजिमेंट की चौथी बटालियन के 21 जवान सारागढ़ी की सैनिक चौकी पर तैनात थे. इनका नायक था हवलदार ईशर सिंह. इस टुकड़ी को हर हालत में चौकी की रक्षा करने का आदेश मिला था.
12 सितम्बर 1897 के दिन भोर में दस हजार अफगानों ने इस चौकी पर हमला बोल दिया. चौथी बटालियन के जवानो ने भी चौकी के चारो कोनों पर मोर्चा जमा लिया. टुकड़ी के साथ रसोईया भी था उसने भी बंदूक संभाली और मोर्चे पर डट गया. एक ओर दस हजार अफगान लड़ाके और दूसरी ओर 21सिख सैनिक. एक खालसे का मुकाबले में पांचसौ अफगान थे.
सारागढ़ी में बंदुको से गोलिओं की दना-दन बौछार होने लगी. 21 भारतीय वीर हर गोली का जवाब दे रहे थे. सूरज आसमान में चढ़ने लगा. चौकी के जवान एक-एक कर वीरगति को प्राप्त होने लगे. सूरज ढलने के साथ सिख टुकड़ी के सारे सैनिक शहीद हो गए. उसी समय अतिरिक्त भारतीय फौज वहां पहुँच गयी उनकी तोपों की मार से अफगान सेना गाजर-मूली की तरह साफ होने लगी. दुश्मन भागने लगे और भागते ही गये.
सरगढ़ी अविजित ही रहा. इस प्रेरणादायी लड़ाई की याद में भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट हर साल 12 सितम्बर को ‘ सारागढ़ी ‘ के रूप में मानती है. उन बहादुरों की याद में एक कविता ‘ खालसा बहादुर’  लिखी गई. वीरगति को प्राप्त हुए सभी जवान फिरोजपुर और अमृतसर जिलों के थे. इसलिये इन वीरो कीं याद में दो गुरूद्वारे इन दोनों जिलो में बनायें गये. एक सरगढ़ी गुरुद्वारा अमृतसर स्वर्ण मंदिर के पास हैऔर दूसरा फिरोजपुर सैनिक छावनी में हैं.

मंगलवार को बाड़मेर लगायेगा 1.25 लाख कोविड टीके

बाड़मेर जिले को मिली एक साथ 1.30 लाख डोज*
*बाड़मेर, 12 सितम्बर*
जिला प्रशासन के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग  14 सितंबर को जिले में सवा लाख कोविड टीके लगाने के लिए पुनः मेगा अभियान आयोजित करने की तैयारी में जुट गया है । 
जिला कलक्टर लोक बंधु ने मेगा अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा गांवों में टीकाकरण सत्रों का आयोजन करने एवं अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायतीराज विभाग को सहयोग करने के निर्देश दिये है । उन्होंने कोविड टीके की पहली खुराक से वंचित 36 प्रतिशत लोगों के साथ-साथ दूसरी खुराक के पात्र लोगों को भी सत्र स्थल तक बुलाकर टीकाकृत करने के निर्देश दिए हैं । 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल बिश्नोई ने बताया कि बाड़मेर जिले को कोविशिल्ड की 1.10 लाख एवं कोवैक्सीन की 20 हजार खुराक आवंटित हुई है जो कि अब तक की 1 दिन में सबसे ज्यादा मात्रा में मिलने वाली खेप है । 
*यह खेप सोमवार को बाड़मेर पहुंच जायेगी ।*
 गौरतलब है की शुक्रवार 10 सितंबर को जिले में विपरीत मौसम के बावजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने 94565 टीके लगाये थे जो की जिले में एक दिन में लगाये गये टीकों का सबसे बड़ा आंकड़ा था ।
 जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रीत मोहिंदर सिंह ने आमजन से अपील की है कि इस अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण करवाएं एवं कोरोना की तीसरी लहर को रोकने में स्वयं एवं जिले की मदद करें ।

भोपाल की छात्रा का कमाल:सबसे बड़े मैनेजमेंट टेस्ट जीमैट में भोपाल की शिवांगी का रिकॉर्ड, देश में पहली और दुनिया में दूसरी रैंक मिली

कैंब्रिज, ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड, येल, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी सहित देश के सभी आईआईएम में सिलेक्ट हुईं,शिवांगी को 800 में से 798 अंक मिले, अब तक देश के किसी भी परीक्षार्थी को इस परीक्षा में इतने अंक नहीं मिले Via देश | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3aF6puK

राहत की खबर:दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 4 लेन सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए होंगी

प्रोजेक्ट जनवरी 2023 में कंप्लीट होगा,ये 4 लेन अभी निर्माणाधीन 8 लेन से अतिरिक्त, हर 50 किमी पर चार्जिंग Via देश | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3aF6puK

रविवार, 12 सितंबर 2021

जयपुर : सुनिल आचार्य ने जीता कुश्ती में गोल्ड - aso news


जयपुर में स्टेट ग्रेपलिंग कुस्ती मे  सुनील आचार्य S% रामचंद्रजी आचार्य (बुकन्सर बड़ा हाल कतरियासर को )  प्रथम स्थान (Gold medle)  लाने के लिए बहुत बहुत बधाई  हो ।

बाड़मेर : बाड़मेर के युवा मना रहे इको फ्रेंडली गणेशोत्सव - aso news

Barmer/ASO NEWS
गणेश उत्सव पर जहां सभी लोग पीओपी प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियां स्थापित कर रहे हैं तो कहीं लोग मिट्टी से बनी मूर्तियां या फिर घर पर ही मिट्टी की मूर्ति बनाकर पूजा अर्चना कर रहे हैं लेकिन बाड़मेर में कुछ युवा ऐसे भी है जो कि अलग ही अंदाज में इको फ्रेंडली गणपती बनाकर गणेशोत्सव मना रहे हैं।
जी हां आचार्य समाचार ऑनलाइन पोर्टल के ब्लॉगर महावीर आचार्य ने दो a4 साइज के पेपर सात अलग-अलग प्रकार के अनाजों के दानों से भगवान श्री गणेश जी की पोट्रेट तैयार की है जो बिल्कुल इको फ्रेंडली है और बहुत ही कम मूल्य में 2 घंटे की मेहनत से तैयार की गई है।

पिछले साल भी महावीराचार्य ने गणेश चतुर्थी पर एक चार्ट द्वारा गणपति जी की प्रतिमा बनाकर गणेश उत्सव मनाया था जो भी अपने आप में एक इको फ्रेंडली गणपति का विशेष आकर्षण था।
उनका मानना है कि बाड़मेर में वैसे ही विसर्जन के लिए प्रयुक्त जगह उपलब्ध नहीं है और एकमात्र जस्टिस तालाब है जिसमें सभी बाड़मेर वासी सैकड़ों की संख्या में छोटी बड़ी मूर्तियां विसर्जन करने की कोशिश करते हैं जिससे बाड़मेर का एकमात्र तालाब प्रदूषित हो जाता है प्रशासन द्वारा भी प्रदूषण ना हो इसलिए छोटा कुंड बनाकर उसमें विसर्जन का अवसर दिया जाता है लेकिन वह अपर्याप्त है कुछ दिन बाद खंडित हुई हुई मूर्तियां यहां वहां चित्र भीतर दिखाई देती है जो कि हमारी संस्कृति व धर्म तथा हमारे भगवान की यह दुर्दशा देखकर मन बहुत ही विचलित व दुखी होता है इसलिए पिछले 2 सालों से वह सेव इको फ्रेंडली गणपति ही बनाकर गणेश उत्सव मना रहे हैं बाकी इससे पहले वह भी पीओपी की छोटी मूर्तियों का विसर्जन करते थे अंतिम उन्होंने पीओपी की मूर्ति लगातार 3 साल तक पूजा करने के बाद 2015 में विसर्जित किया था ।
उसके बाद से लगातार इको फ्रेंडली गणपती ही घर लेकर आ रहे हैं जो कि स्वयं अपने हाथों से बनाते हैं हम सभी को भी इस प्रकार की पहल करनी चाहिए ताकि प्रदूषण भी ना हो वह हमारे देवी देवताओं का अपमान भी ना हो।

अभी एक हफ्ते और झमाझम:देश में अब तक 93% बारिश, सितंबर में सामान्य से 15% ज्यादा के आसार, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के दो क्षेत्र बन रहे

देश में 3 जून को आए मानसून के 100 दिन पूरे; 17 सितंबर तक विदाई संभव, 7 दिन में पूर्व से पश्चिम तक भारी बारिश Via देश | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3aF6puK

गुरुवार, 9 सितंबर 2021

बाड़मेर : हाईवे पर बनी हवाई पट्टी पर गरजे फाइटर प्लेन - ASO NEWS BARMER

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लेकर उतरा हरक्यूलिस*

*सबसे पहले सुखोई और जगुआर का हुआ ट्रायल*
*बाड़मेर, 09 सितम्बर।*
राजस्थान के बाड़मेर-जालोर जिले की सीमा पर बनी देश की पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप पर हरक्यूलिस ने लैंडिंग की। हरक्यूलिस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लेकर उड़ान भरी थी। सबसे पहले सुखोई का ट्रायल हुआ। इसके बाद अब दूसरे फाइटर प्लेन जगुआर का भी ट्रायल किया गया जो सफल रहा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि अब तक आपने सड़क पर गाड़ी, बैलगाड़ी या कार चलते देखा होगा, लेकिन पहली बार किसी हाईवे पर हवाई जहाज को देखेंगे। अब सड़कों पर हवाई जहाज और फाइटर प्लेन भी उतरेंगे। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी लैंडिंग फिल्ड सुरक्षा के प्रति कॉन्फिंडेंस देता है। इंटरनेशल बॉर्डर के पास इस तरह की एयर स्ट्रिप तैयार कर यह संदेश दे दिया है कि भारत किसी भी तरह की चुनौती स्वीकार करने को तैयार है।
*भारत एक्सपोर्टिंग कंट्री के रूप में पहचान बनाएगा*
राजनाथ सिंह ने एयरफोर्स अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि युद्ध के साथ प्राकृतिक आपदाओं में भी यह एयर स्ट्रिप काम आएगी। अब तक भारत दूसरे देशों से हथियार और अन्य सामग्री इंपोर्ट करता था, लेकिन अब यह निर्णय लिया गया है कि डेढ़ दशक में भारत एक्सपोर्टिंग कंट्री के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। कार्यक्रम में उन्होंने सुखोई और जगुआर कैप्टन को बधाई भी दी।
*देश की सबसे बेहतर एयर स्ट्रिप*
कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर एयर स्ट्रिप है। उन्होंने आस-पास एयरपोर्ट की कमी को देखते हुए बोले कि 350 KM की रेंज में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मंच से उन्होंने एयरफोर्स अधिकारियों को इसका प्रोजेक्ट बनाने की बात कहीं। साथ ही बताया कि इसे एयरफोर्स के साथ ही सिविल उपयोग में लिया जाएगा। उन्होंने दिल्ली से जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक हाइवे प्रोजेक्ट लाने की भी बात कही।
पाकिस्तान बॉर्डर से महज 40 किमी दूर देश की पहली एयर स्ट्रिप पर सुखोई, मिग, जगुआर और हरक्यूलिस विमानों का ट्रायल भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर ताराबंदी के नजदीक पहला टच एंड गो ऑपरेशन होगा। इससे पहले बुधवार को यहां करीब 3 घंटे तक रिहर्सल की गई। सबसे पहले इस एयर स्ट्रिप पर हरक्यूलिस विमान को उतारा गया। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बाड़मेर-जालोर की सीमा पर देश की पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप तैयार की गई है।
*तीन हेलीपैड भी बनाए गए* 
इस एमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप के अलावा एयरफोर्स और इंडियन फोर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुंदनपुरा, सिंघानिया और भाखासर गांवों में 100X30 मीटर आकार के तीन हेलीपैड भी बनाए गए हैं। इस निर्माण से इंडियन फोर्स और देश की पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी।
*इंडो-पाक सीमा के नजदीक पहला ‘टच एंड गो’ ऑपरेशन*
देश की पहली आपातकालीन हवाई पट्टी पर आज गुरुवार को करीब डेढ़ घंटे तक वायुसेना के बेड़े में शामिल कई लड़ाकू विमान तेज गर्जना के साथ उतरेंगे और उड़ान भी भरेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने इस हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमानों का ट्रायल भी किया जाएगा। इस दौरान सुखोई एसयू-30, मिग और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान आपातकालीन हवाई पट्टी पर लैंडिंग करेंगे।
*33 मीटर चौड़ी, 3 किमी. लंबी है हवाई पट्टी*
बाड़मेर के गांधव (बाखासर) में भारत माला हाइवे NH-925A पर बनी आपातकालीन हवाई पट्टी 3000 मीटर (3 किमी.) लंबी और 33 मीटर चौड़ी है। इस हवाई पट्टी को बनाने में 32.95 करोड़ रुपए लागत आई है। भारत-पाक तारबंदी बॉर्डर से महज 40 किमी. दूरी पर यह हवाई पट्टी बनाई गई है।

*यह है खासियत*
हवाई पट्टी के दोनों सिरों पर 40 गुणा 180 मीटर की दो पार्किंग भी बनाई गई है, ताकि फाइटर प्लेन को पार्किंग में रखा जा सके। इसके अलावा 25 गुणा 65 मीटर आकार की एटीसी प्लिंथ का डबल मंजिला एटीसी केबिन के साथ निर्माण किया गया है, जो पूरी तरह से वॉशरूम सुविधायुक्त है। हवाई पट्टी के सहारे से 3.5 किमी. लंबी 7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई है।

*यह है भारतमाला परियोजना*
बॉर्डर इलाके में गांधव से साता, बाखासर, गागरिया तक NH-925 और 925A का निर्माण करवाया गया है। ये हाइवे 2019 में ही पूरा हो गया था। भारत माला प्रोजेक्ट के इन दोनों हाइवे पर करीब 962 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। भारतीय वायुसेना के लिए फाइटर प्लेन की आपातकालीन लैंडिंग के लिए NHAI की ओर से गांधव के पास 3 किमी. लंबी हवाई पट्टी का निर्माण करवाया गया है। भारत-पाक बॉर्डर पर सामरिक व आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से देश की यह महत्वपूर्ण परियोजना है। इसका निर्माण भारतीय सेना को मजबूत करने व सैन्य सुविधाओं का सुगमता से उपलब्ध करवाने के लिए किया गया है।

*यहां है हाईवे इमरजेंसी हवाई पट्‌टी*
जर्मनी, स्वीडन, दक्षिण कोरिया, ताइवान, फिनलैंड, स्विटजरलैंड और सिंगापुर सहित कई देशों ने अपने राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर विमानों के उतरने और आपात स्थिति में उड़ान भरने के लिए ऐसी हवाई पट्टी बनाई हैं। भारत में यह पहली इमरजेंसी हवाई पट्टी है, जो बनकर तैयार हो चुकी है। आंध्र प्रदेश में ऐसी दो और पश्चिम बंगाल व जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक-एक और हवाई पट्टी बनाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हवाई पट्टी ऑपरेशनल है। इस पर 2017 में वायुसेना ने ट्रायल किया था। भारत में ऐसे राजमार्ग पर करीब 12 जगह हवाई पट्टी बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसमें कई जगह काम चल रहा है और कुछ जगह शुरू होना है।