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शुक्रवार, 1 मई 2026

स्माल विंड टरबाइन की पहली कंपनी के तौर पर पहचान बनाई ASO News Barmer

*बाड़मेर के युवा की अनूठी पहल, 50 से अधिक देशांे मंे पहुंचे भारत के विंड टरबाइन*
*-आमजन की जरूरत के मुताबिक बनाई विंड टरबाइन।*
*-स्माल विंड टरबाइन की पहली कंपनी के तौर पर पहचान बनाई।*
बाड़मेर,24 अप्रैल। बाड़मेर के युवा डूंगरसिंह सोढ़ा ने अनूठी पहल करते हुए बिजली कटौती की समस्या के स्थाई समाधान के लिए स्माल विंड टरबाइन बनाई है। इसके जरिए प्रति दिन 10 से 20 यूनिट बिजली पैदा की जा सकती है। उनके इनोवेशन की भारत ही नहीं, बल्कि विदेशांे मंे भी सराहना की जा रही है। पिछले कुछ वर्षाें मंे 50 से अधिक देशांे मंे उनके विंड टरबाइन से बिजली पैदा की जा रही है। अपने इनोवेशन एवं भविष्य की संभावना को लेकर युवा डूंगरसिंह सोढ़ा खासे उत्साहित है।
बाड़मेर जिले के सांखली गांव निवासी डूंगरसिंह सोढ़ा ने विशेष तौर पर 2006 मंे आई बाढ़ के दौरान बिजली कटौती से आमजन को हुई दिक्कतांे को नजदीक से देखा। रेगिस्तानी एवं दूरस्थ इलाका होने के कारण बाड़मेर के सरहदी इलाकांे मंे बिजली संबंधित समस्या रूटिन प्रक्रिया है। उनके ननिहाल मंे बड़ी पवन चक्कियां लगी हुई है। डूंगरसिंह सोढ़ा बताते है कि तब से उनके मन मंे ख्याल आया कि बिजली की समस्या का स्थाई समाधान खोजा जाना चाहिए। चूंकि बड़ी पवन चक्कियां लगाना हर किसी के बस मंे नहीं था। इसलिए उन्हांेने स्माल विंड टरबाइन के जरिए बिजली पैैदा करने की योजना बनाई। इसके लिए यू टयूब के जरिए विभिन्न प्रकार के रिचर्स, विभिन्न विश्व विद्यालयांे के रिचर्स पेपर एवं अन्य तरीकांे से प्रयास किए।
 वे बताते है कि उनकी पढ़ाई बड़ी कक्षा तक नहीं हो पाई। लेकिन उन्हांेने ठान लिया था कि वे इन समस्या का समाधान करके रहेंगे। उनके निरंतर प्रयासांे का नतीजा है कि उनके पास अधिकतम 250 मेगावाट की विंड टरबाइन है। उनकी ओर से बनाई गई विंड टरबाइन की न्यूनतम कीमत 50 हजार होने से आम आदमी भी अपने घर पर लगा सकता है। उन्होंने जुगाड़ से एक छोटी और पोर्टेबल पवन चक्की बनाई। यह एक किलोवाट की पोर्टेबल विंडमिल है, जो छत, बालकनी या आसानी से कहीं भी लगाई जा सकती है।
 यह अच्छी हवा होने पर प्रति दिन 10-20 यूनिट बिजली उत्पन्न कर सकती है। 10 घंटे चलने पर महीने में करीब 300 यूनिट तक बिजली बना सकती है। यह इन्वर्टर से सीधे कनेक्ट होती है और बिजली बिल को 20 साल तक लगभग जीरो कर सकती है। वे बताते है कि इनको मुख्य रूप से कम हवा वाली जगहों के लिए डिजाइन किया गया है, जो राजस्थान जैसे इलाकों के लिए उपयुक्त है।
*भारत की पहली स्पेशलाइज्ड पोर्टेबल विंड टरबाइन कंपनी :* युवा डूंगरसिंह सोढ़ा बताते है कि शुरुआत में एल्यूमिनियम शीट्स और पुराने फैन ब्लेड्स जैसी चीजों से प्रोटोटाइप बनाया। बाद में इसे और बेहतर बनाकर सनविंड इनोवेटिव नाम से अपनी कंपनी शुरू की। उनके प्रोडक्ट को लाइसेंस और पेटेंट मिल चुका है। यह भारत की पहली ऐसी स्पेशलाइज्ड पोर्टेबल विंड टरबाइन कंपनी मानी जाती है। उनका उत्पाद भारत के कई राज्यों में, आर्मी कैंप्स, स्कूलों और घरों में इस्तेमाल हो रहा है। उन्हांेने वाइब्रेंट गुजरात समिट 2024 में गुजरात सरकार के साथ 50 करोड़ का एमओयू साइन किया।
 अब हाइवे और क्लॉथ-बेस्ड टरबाइन जैसी अन्य वैरिएंट्स भी विकसित कर रहे हैं। बहरहाल, बाड़मेर के युवा डूंगरसिंह सोढ़ा की पवन चक्की देशभर के ग्रामीण इलाकों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है।

*20 यूनिट तक बिजली देती है पवन चक्की :* डूंगर सिंह सोढ़ा बताते हैं कि उन्होंने यह काम मात्र 50,000 रुपए से शुरु किया था। काम शुरु करने के लिए उनके पास आफिस भी नहीं था। एक दोस्त ने उन्हें आफिस इस्तेमाल करने के लिए दिया। उनकी पवन चक्की पोर्टेबल है। इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। वह कहते हैं कि जहां भी हवा चलती है। यह पवन चक्की काम करती है। एक हॉर्स पावर के पवन चक्की की एक दिन में 20 यूनिट तक बिजली बनाने की कैपेसिटी है। जिसकी कीमत 50,000 रुपए है। मौजूदा आलम यह है कि तमाम कंपनियां उनको प्रोडक्शन के लिए एडवांस पैसे भी देने को तैयार हैं। विंडमिल को आम आदमी से लेकर किसान तक यूज कर सकते हैं। उनकी कंपनी की ओर से ग्रिस मंे बडे पैमाने पर विंड टरबाइन लगाई जा रही है। कुछ समय बाद वे राजस्थान मंे भी कार्य शुरू करने वाले है।    
*हर युवा को पहले अपना सपना संजोना चाहिए:* राजस्थान के मखमली धोरों की धरती से निकले इस युवा सितारे ने यह साबित कर दिया है कि अगर सपने बड़े हो और सच्ची मेहनत हो तो कोई भी बाधा आपकी सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती। डूंगर सिंह बताते है कि हर युवा को पहले अपना सपना संजोना चाहिए और फिर आगे बढ़ना चाहिए। युवाआंे को सरकारी नौकरी के पीछे भागने से अच्छा है,नौकरी देने वाला बनना चाहिए।
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ASO News Barmer 

सांसियों का तला में विद्यार्थियों को वितरित किये 150 परिण्डे, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प

जल कुण्डी व परिण्ड़ों से मिल रही है पशु-पक्षियों को राहत:- बोहरा

पशुओं व पक्षियों की जल सेवा में लगाई जल कुण्डी व परिण्डे
बाड़मेर राजस्थान
01 मई, 2026

भीषण गर्मी के दौर में थार के मरूस्थल में अबोल पशु-पक्षियों की जल सेवा को लेकर जन कल्याण संस्थान, बाड़मेर की ओर से लगातार सेवा कार्य किये जा रहे है। जिस कड़ी में शुक्रवार को सांसियों का तला में संस्थान अध्यक्ष व स्टेट अवार्डी शिक्षक मुकेश बोहरा अमन के सानिध्य में विद्यार्थियों को मिट्टी के परिण्डे वितरित किये गये । वहीं बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। साथ ही विद्यालय परिसर के बाहर पशु जल सेवा को लेकर जल कुण्डी स्थापित की गई। 
संस्थान से जुड़े राजेश जोशी ने बताया कि जन कल्याण संस्थान की ओर से जीवों के कल्याण को लेकर कई कार्यक्रम चलाये जा रहे है। जिस कड़ी में शुक्रवार को सांसियों का तला में विद्यार्थियों को 150 मिट्टी के परिण्डे वितरित किये गये। वहीं पशुओं के लिए जल कुण्डी लगाई गई। कार्यक्रम में बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। विद्यालय में पक्षियों के लिए मिट्टी के परिण्डे लगाएं गए। 
संस्थान अध्यक्ष मुकेश बोहरा अमन ने कहा कि थार के मरूस्थली क्षेत्रों में भीषण गर्मी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में जन कल्याण संस्थान की ओर से चलाये जा रहे जल कुण्डी अभियान व परिण्डा अभियान से पशु-पक्षियों को काफी राहत मिल रही है। अमन ने कहा कि जीवों के प्रति दया व करुणा भाव से ही विकट भीषण गर्मी के इस दौर में भी जीवों की सेवा व कल्याण हो सकेगा।
संस्थान के 2500 परिण्ड़ों के लक्ष्य को लेकर कार्यकताओं द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर परिण्डे लगाएं जा रहे है। इस दौरान मुकेश अमन, पीटीआई राजेश जोशी, रूपाराम बेनिवाल, सुनिल आचार्य सहित विद्यालय स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

ASO News Barmer