सामराऊ के सारण नगर में सोमवार रात नलकूप के पाइप की केसिंग करते समय हुए हादसे में एक काश्तकार व एक वेल्डर की दबने से मौत हो गई। जबकि एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसा सुरक्षित निकाले गए व्यक्ति को बाहर लाते समय हुआ। पुलिस ने बताया कि रात 9 बजे सहीराम धतरवाल के कृषि फार्म पर केसिंग पाइप को ठीक करने के लिए जेसीबी की सहायता से 20 फीट गहरा व 10 फीट चौड़ा गड्ढ़ा खोदा गया था।

फिर केसिंग पाइप को ठीक करने के लिए बोरुंदा के खवासपुरा निवासी 35 वर्षीय वेल्डर श्रवण पुत्र झूमरलाल माली, भीमसागर निवासी 45 वर्षीय काश्तकार जवरीलाल पुत्र पूनाराम खिलेरी व पूर्व सैनिक राजू राम पुत्र चैनाराम गड्ढे में उतरे थे। करीब आधा घंटे में पाइप वेल्डिंग कर दिया। इसके बाद पूर्व सैनिक राजू राम को जेसीबी की मदद से ही वापस निकाल रहे थे कि इसी दौरान मिट्टी भरभरा कर ढह गई।

इससे वेल्डर श्रवण व काश्तकार जवरीलाल दब गए। फिर जेसीबी से मिट्टी हटाई लेकिन तब तक दोनों का दम घुट चुका था। ग्रामीणों ने पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। बाद में शव निकालकर लोहावट पुलिस ने कब्जे में लिया और परिजनों को सूचना दी। मंगलवार को दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। मृतक वेल्डर की सामराऊ में वेल्डिंग की दुकान है और काश्तकार इसी फार्म पर खेती का काम करता था।

बालू रेत थी, 2 घंटे बाद निकाले शव
सामराऊ व आसपास के क्षेत्र में बालू रेत ज्यादा है। जेसीबी से 20 फीट का गहरा गड्ढा खोदा। बारिश व सिंचाई के चलते मिट्टी भीगी हुई ही थी लेकिन जेसीबी से बाहर निकालते वक्त बालू रेत ढह गई। संभावना यह भी जताई गई कि जेसीबी से गड्ढा खोदते वक्त 10 फीट चौड़ाई के दायरे के बाहर की मिट्टी भी प्रभावित हो गई थी। ऐसे में आधे घंटे बाद मिट्टी की हल्की दरारें जवाब दे गई। मिट्टी ढहने के बाद मौके पर ही मौजूद जेसीबी से मिट्टी हटानी शुरू की। करीब दो घंटे बाद मिट्टी हटाई जा सकी।

पत्नी से कहा था-आधे घंटे में आ रहा, मौत खींच ले गई
श्रवण पुत्र झूमरलाल माली निवासी खवासपुरा (बोरुंदा) लगभग पांच साल पहले अपनी पत्नी व बच्चों के साथ सामराऊ आया था। यहां पर वेल्डिंग की दुकान कर ली। पास में ही किराए के घर में निवास कर रहा था। वह अपने बूढ़े माता-पिता का इकलौता सहारा था।

एक छोटा भाई था लेकिन उसकी भी पहले हादसे में मृत्यु हो गई थी। श्रवण के एक 5 साल का पुत्र व दो पुत्री है। घटना से पहले जब श्रवण घर से निकला तो पत्नी को कहकर गया था कि मैं आधे घण्टे में वापस आ रहा हूं,लेकिन अनहोनी ने वहीं कदम थाम दिए।

केसिंग पाइप की वेल्डिंग करने के लिए तीन जने 20 फीट गड्‌ढे में उतरे थे। एक वेल्डर था और दो उसकी मदद के लिए थे। काम पूरा कर एक-एक जने को बाहर निकाला जा रहा था। पहली बार में पूर्व सैनिक को बाहर निकाल रहे थे, इसी दौरान मिट्‌टी ढहनी शुरू हो गई। जब तक उन्हें बाहर निकाला अंदर वेल्डर व काश्तकार के ऊपर मिट्‌टी का बड़ा हिस्सा ढह चुका था।



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मिट्‌टी के नीचे दबे श्रवण व जवरीलाल।
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