राजगढ़ में थानाधिकारी रहे विष्णुदत्त विश्नोई की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए विधानसभा में प्रतिपक्ष के उप नेता राजेंद्र सिंह राठौड़, चूरू सांसद राहुल कस्वा व पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया लूणेवाला पहुंचे। सभी ने विष्णुदत्त के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। वहीं, मिनी सचिवालय के सामने चल रहे धरना स्थल पर सभी नेता बैठे एवं विष्णुदत्त की कार्यशैली व ईमानदारी पर चर्चा की।
उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ ने कहा कि थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई की संदिग्ध मृत्यु सरकार की कार्यप्रणाली पर तमाचा है। उन्होंने कहा परिवार की मांग केअनुसार सीबीआई से मामले की जांच करवानी चाहिए। मुख्यमंत्री को परिवार की भावनाओं को समझना चाहिए यह कोई राजनीतिक मुद्दा या खेल नहीं है। राठाैड़ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सीबीआई से जांच करवाने को लेकर तो आतुर रहते हैं। मुख्यमंत्री उनकी दारिया एनकाउंटर मामले में, भंवरी कांड में महिपाल मदेरणा की सीबीआई जांच करवा चुके हैं, तो विष्णुदत्त के मामले में जांच को लेकर देरी क्यों कर रहे हैं।
ड्राइवर व रीडर काे हटाना राजनीतिक हस्तक्षेप का प्रमाण
उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ ने कहा कि घटना से 3 दिन पूर्व विष्णुदत्त के ड्राइवर को हटाना, उससे पहले उनके रीडर तथा कार्य करने वाले अन्य पुलिस कर्मियों को हटाना राजनीतिक हस्तक्षेप का ही प्रमाण है। यही कारण है कि थाने के सभी पुलिस कर्मियों ने वहां से हटाए जाने तक की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस राजगढ़ थाने का पुलिस के डीजीपी ने उद्घाटन किया। राजनीतिक दबाव के चलते उसी की जांच शुरू करवा दी। विष्णुदत्त की कार्यशैली और उनकी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा की जिसकी वजह से आम लोगों में उनकी संदिग्ध मृत्यु को लेकर इतना गुस्सा है। उन्होंने कहा कि विष्णुदत्त के मामले को लेकर वे उनके परिवार के साथ हैं।
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