प्रदेश में 145 दिन के कोरोना काल में शनिवार को महाविस्फोट हुआ। एक ही दिन में अब तक के सबसे ज्यादा 1120 नए रोगी मिले, 11 लोगों की माैत भी हुई। यह पहला मौका है, जब प्रदेश में कोरोना के नए रोगी 1000 के पार मिले हैं। प्रदेश में सियासी संकट के बीच 12 जुलाई से सरकार और पायलट गुट के विधायकों की अलग-अलग बाड़ाबंदी जारी है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच बाड़ाबंदी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। आंकड़ों का विश्लेषण किया गया तो सामने आया कि 14 दिन पहले 12 जुलाई तक प्रदेश में अधिकतम 700 नए रोगी एक दिन में मिल रहे थे। उस समय कुल रोगी 24392 थे और मौतें 510 हुई थीं। पिछले 14 दिन में नए रोगियों के मिलने का आंकड़ा एक हजार के तो पार गया ही, अब कुल रोगी भी 35298 हो गए, 613 जानें भी गईं।

यानी पिछले 14 दिन में 10,906 रोगी बढ़े और 103 मौतें हुई। अच्छी बात यह है कि इन 14 दिनाें मेंं 71.53% बढ़ी है। 12 जुलाई तक 18103 मरीज रिकवर हुए थे। अब 25306 ठीक हो चुके हैं।
विधायक बाड़े में नहीं होते तो कोराना को काबू में करने के लिए ये करते
अपने इलाके में रहने और जनता से सीधा संपर्क होने से कोरोना के जमीनी हालात पता रहते। अधिकांश विधायकों के मोबाइल बंद हैं। ऐसे में उन्हें वास्तविक जानकारी नहीं मिल पा रही। क्षेत्र में रहते तो सीएम के सामने अपने इलाके में कोरोना से जंग में आ रही दिक्कतों को रखते।
जिला स्तरीय कोरोना कंट्रोल से प्रतिदिन स्थिति की जानकारी लेते। समीक्षा बैठकों में हिस्सा लेकर कोरोना को काबू करने की दिशा में सुझाव देते। हॉस्पिटलों में उपकरणों व डॉक्टरों की कमी या अन्य समस्याओं का निदान भी करवाते।
पानी सिर से गुजरने लगा तो चिकित्सा विभाग हरकत में आया
चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव अखिल अरोड़ा ने शनिवार को सरकारी व निजी अस्पतालों के लिए नए आदेश जारी किए।
- अब 24 घंटे में कोरोना की जांच रिपोर्ट देना जरूरी किया।
- मॉनिटरिंग के लिए संभाग और जिला स्तरीय कमेटी गठित होगी।
- रोगी का इलाज सीसीटीवी की निगरानी में होगा।
- कोरोना जांच के लिए आधार जरूरी।
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