सोमवार को सुबह 9.28 बजे के बाद जैसे ही भद्रा काल टला, वैसे ही शुरू हुआ बहनों द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधने का दौर। सजधज कर आई बहनों ने इस बार मुंह पर मास्क पहना हुआ था। घर में परिवार के सदस्य अधिक है तो भी सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखा।
बहने बोली, कि इस बार कोरोना महामारी का डर है। भाई की सुरक्षा तभी होगी जब वह कोविड 19 की गाइड लाइन का पालन करेगी। सरकार ने पर्व मनाने की छूट दी है मगर सावधानी के साथ। हम ही अपने भाई की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखेगी तो कौन रखेगा।
इसी भावना के साथ बहनों ने मास्क पहनकर ही अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी। उससे वचन लिया कि वह खुद सुरक्षित रहेगा और उसकी रक्षा करेगा। बाजारों में मिठाई की दुकानों पर रौनक कम रही। बहनों ने अपने भाई के लिए घर पर ही मिठाई बनाई। कई बहनों ने तो हाथ से बनी राखी ही बांधी, ताकि बाजार से वायरस आने का कोई खतरा ही ना रहे। पूरे दिन बहनों द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधने का दौर चलता रहा।
डॉक्टर्स, पुलिस के जवान और पूर्व सैनिकों के बांधे रक्षा सूत्र
भारत-तिब्बत सहयोग मंच की महिला इकाई की ओर से रक्षाबंधन के अवसर पर पूर्व सैनिकों को रक्षा सूत्र बांधे गए। डॉ. मिताली ने होम्योपैथिक एम्युनिटी बूस्टर की खुराक पिलाई। मंच के जिलाध्यक्ष देवेन्द्रसिंह भाटी ने बताया कि पब्लिक पार्क स्थित विजय स्तम्भ पर यह आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मंच की महिला इकाई की सदस्य नित्या, अनुराधा पारीक, रजनी हर्ष, मनाली, आशा, सुधा आचार्य, शक्ति, मंजू जोशी आदि ने पूर्व सैनिक रामसिंह भाटी, बीआर गोदारा, भगवंतसिंह बीदावत, प्रहलादसिंह राठौड़, एसएस मेड़तिया आदि की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा।
इसी तरह श्रीनारी उत्थान सेवा समिति की ओर से सोमवार को रक्षा बंधन के पर्व पर अणचा बाई अस्पताल, रानी बाजार, सादुल सिंह सर्किल पर तैनात पुलिस जवानों को रक्षा सूत्र बांधे गए। समिति की जिलाध्यक्ष सुनीता गौड़ के साथ सिद्धिक अग्रवाल, प्रियंका गहलोत, चाहत गौड़ ने तिलक लगा कर जवानों और डॉक्टर की कलाई पर राखी बांधी।
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