भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने निजीकरण के विरोध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा। जिला प्रभारी नरेश मीरवाल एवं जिला अध्यक्ष चेतराम बैरवा ने कहा कि सरकारी क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। अन्य निजी क्षेत्र में एससी एसटी ओबीसी व अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिया जाए। युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था की जाए। कृषि विधेयक को रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि वंचित समुदाय के लोगों को संविधान लागू होने के इतने वर्षबाद भी आरक्षण का पूरा लाभ नहीं दिया गया है। जिन उपक्रमों संस्थानों व विभागों में आरक्षण का प्रावधान नहीं है वहां इन वर्गों का प्रतिनिधित्व शून्य है। निजीकरण की बढ़ती हुई प्रक्रिया के कारण कहीं आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्ति हो रही है तो कहीं संविदा के आधार पर। यह खुले तौर पर शिक्षा व्यवस्था पर हमला है। बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं में आक्रोश व्याप्त है। 1 साल में करीब 42000 किसानों ने आत्महत्याकर ली है। आपदा के दौर में किसानों की मदद करने के बजाय सरकार किसान विरोधी विधेयक पारित करा रही है।उन्होंने वर्तमान सत्र में पास किए गए तीनों किसान विरोधी विधायकों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की। संविदा एवं आउटसोर्सिंग को छोड़कर युवाओं को रोजगार देने की मांग की। निजी क्षेत्र में आरक्षित वर्ग के लोगों को आरक्षण देने एवं सरकारी उपक्रमों का निजीकरण तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में शैलेंद्र वेद नरेंद्र कुंडारा नरेश जोनवाल आदि थे।



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Bhim Army activists perform at collectorate
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