शरद पूणिमा से दीपावली तक खरीदी के अच्छे योग बन रहे हैं। इसमें खरीदारी लंबे समय तक साथ देती है। खरीदी के कई विशेष और शुभ योग आ रहे हैं, जिन्हें ज्योतिष की दृष्टि से शुभफल देने वाला माना गया है। खरीद का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र का संयोग इस बार दो दिन रहेगा। 7 नवंबर शनिवार सुबह 8: 05 बजे से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो रविवार 8:45 बजे तक रहेगा।

ऐसे में इस बार पुष्य नक्षत्र दाे दिन रहेगा। व्यक्ति अपनी इच्छानुसार इस काल अवधि में कभी भी खरीदारी कर सकता है। ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि खरीद के शुभ संयोग दीपावली तक रहेंगे। 30 अक्टूबर को शरद पूणिमा पर अमृत व सर्वार्थ सिद्धि रवि योग का संयोग रहेगा।

4 नवंबर करवा चौथ पर सर्वार्थ सिद्धि योग, 13 नवम्बर धनतेरस का अबूझ मुहूर्त और 14 नवम्बर को दीपावली का योग रहेगा। शुभ योग में, गहने, मोबाइल, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन, आभूषण, बही -खाते, कम्प्यूटर, ऑनलाइन बुकिंग, फर्नीचर अन्य सामान खरीदना शुभ होगा।
पुष्य नक्षत्र में खरीदे कीमती सामान का प्रभाव चिर स्थायी-अक्षय फलकारी

ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि सालों बाद ऐसा संयोग बना है, जब गुरु स्व राशि धनु पर होंगे और शनि भी अपनी मकर राशि पर रहेंगे। ज्योतिष में सभी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं ,वाहन, मशीनरी के कारक ग्रह शनि हैं। वह इस समय अपनी राशि पर रहेंगे। वहीं कीमती धातु के कारक ग्रह गुरु भी अपनी राशि पर हैं, ऐसे में इस समय की खरीद चिरस्थाई ओर समृद्धि कारक व अक्षय फलदायी रहेगी।

पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो लंबे समय तक रहने वाला ग्रह है, इसलिए इस नक्षत्र में की गई खरीदी लंबे समय तक साथ रहती है। 7 नवम्बर को सोना, चांदी और अन्य कीमती चीजों की खरीदी की जाना चाहिए। 8 नवम्बर को भूमि, मकान, खरीदी के लिए श्रेष्ठ समय है।पुष्य में व्यापारी इस दिन बहीखाता, कलम, दवात और पंचांग आदि खरीदें।
खरीदारी का शुभ महुर्त : शनिवार सुबह पुष्य नक्षत्र के 8:06 से 9:28 तक शुभ चौघडिय़ा दोपहर 12:10 से शाम 4:15 बजे तक चर लाभ अमृत चौघडिय़ा और शाम 5: 35 से 7 तक लाभ के चाैघड़िया में खरीद शुभकारी रहेगी। पुष्य नक्षत्र में खरीद पूरे दिन रहेगी लेकिन, चौघडिय़ा के हिसाब से खरीद करने वाले इसमें खरीद कर सकते हैं।

100 फीसदी समृद्धि कारक है पुष्य नक्षत्र : मंगलकर्ता नक्षत्र के दौरान घर में आयी वस्तु चिरस्थायी रहती है। ज्ञान और विद्याभ्यास के लिए दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन आध्यात्मिक कार्य किए जा सकते हैं। मंत्रों, यंत्रों, पूजा, जाप और अनुष्ठान के लिए भी है। इस दिन मां लक्ष्मी की उपासना और श्रीयंत्र की खरीदारी करने से जीवन में समृद्धि आती है। ज्योतिषियों के मानना है कि इस बार नवरात्र, पुष्य नक्षत्र और दीपावली भी शनिवार की होने से चांदी का कछुआ, चांदी या किसी भी अन्य धातु में हाथी खरीदना आथिर्क उन्नति कारक माना जा रहा है।



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7 नवंबर शनिवार सुबह 8: 05 बजे से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो रविवार 8:45 बजे तक रहेगा
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