राज्य सरकार की इंदिरा रसोई योजना के तहत नगर पालिका मंडल की ओर से पुलिस थाने के पास स्थित डॉ. अंबेडकर भवन में चलाई जा रही इंदिरा रसोई घर में 42 दिनों में 11,108 व्यक्तियों को भोजन किया।
रसोई का शुभारंभ 20 अगस्त को किया गया। यहां रोजाना करीब 260 लोग भोजन करने आते है।

रसोई घर में भोजन करने आ रहे व्यक्तियों ने शिकायत पुस्तिका में पीने के पानी की शिकायत दर्ज की है। इंदिरा रसोई में सुबह व शाम दोनों समय 8 रूपए में प्रत्येक व्यक्ति को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिसमें 5 रोटियां, आचार व दाल, सब्जी होती है।

प्रतिदिन हरी सब्जियों में बदलाव किया जाता है और सप्ताह में एक बार कढ़ी एवं 6 दिन तक नियमित दाल भी बनाई जाती है। अतिरिक्त रोटी लेने पर एक कूपन की राशि ओर जमा करवानी होती है। भोजन मेन्यू में प्रति थाली 100 ग्राम दाल, 100 सब्जी, 250 ग्राम रोटियां व आचार सम्मिलित है। जिसका शुल्क प्रति थाली का 8 रूपए है।

भोजन मिलने का समय सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर 2 बजे एवं शाम 5 बजे से 8 बजे तक है। इसके पहले सुबह का समय दोपहर 1 बजे तक ही था,जिसमें 1 घंटे का समय ओर बढ़ाकर दोपहर 2 बजे तक किया गया है।

भोजन और इस योजना की तारीफ भी : शिकायत पुस्तिका में अधिकांश व्यक्तियों ने रसोई घर के भोजन को स्वादिष्ट व पौष्टिक बताया है। शिवगंज के हितेश कुमार, सूरज कुमार, दीपक, नेमाराम, धर्माराम, नवयाराम, अक्षत, सुरेंद्रसिंह, मुकेश कुमार, सुरेश कुमार, छगनलाल, जितेंद्र भाटी, दीपक सोनल, एस.के प्रजापति, अरविंद कुमार,राजेश कुमार, अर्जुनसिंह, बादल बोहरा, बंटीसिंह चौहान, इम्तियाज खां ने शिकायत पुस्तिका में भोजन को स्वादिष्ट और पौष्टिक होना बताया है।

यहां रखी पुस्तिका पीने के पानी, नशेडिय़ों के उत्पात मचाने की शिकायत

इंदिरा रसोई घर में कार्यकारी संस्था कांबेश्वर कांट्रेक्टर एंड सप्लायर्स शिवगंज की ओर से शिकायत पुस्तिका रखी गई है, जिसमें शिवगंज के दिनेश कुमार, विजयसिंह, विक्रमसिंह, प्रवीण कुमार ने उपलब्ध करवाए जा रहे पानी को पीने योग्य नहीं बताया है। वहीं मुकेश प्रजापति ने शिकायत पुस्तिका में लिखा है कि रसोई घर में नशेडी व्यक्ति भोजन करते समय उत्पात मचाने, गाली ग्लोच कर तोड़-फोड करते है। पुलिस को बुलाने पर कार्रवाई भी नहीं होती है। ऐसे असभ्य व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई हो।

कर्मचारी नहीं पहनते मास्क, सेनेटाइजर भी नहीं

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए इंदिरा रसोई घर में कार्यरत कर्मचारियों के मुंह पर न तो मास्क दिखा और नहीं हाथों की सफाई के लिए सेनेटाइजर की व्यवस्था नजर आई। लाभार्थियों को भोजन के लिए कंप्यूटर पर कूपन जारी कर रहे ऑपरेटर व भोजन परोस रहे कर्मचारी भी बिना मास्क ही दिखे। सेनेटाइजर के बारे में जानकारी चाही गई तो एक कर्मचारी ने बताया कि सेनेटाइजर स्प्रे है,लेकिन ग्राम पंचायतों के चुनाव दौरान यहां से ले गए थे,जो अभी तक नहीं लौटाया है।

शिकायतों का किया जाएगा समाधान

इंदिरा रसोई घर में अगर पानी की कोई शिकायत है तो उसमें तत्काल ही सुधार करवाया जाएगा। रसोई घर के भोजन की तो हर कोई व्यक्ति तारीफ कर रहा है। रसोई घर खुलने से जरूरतमंद व्यक्तियों व मजदूर वर्ग के लोगों को भोजन की सुविधा मिली है। रसोई घर की व्यवस्था को लेकर समय समय पर मॉनिटरिंग की जा रही है। -वजींगराम घांची, अध्यक्ष, नगर पालिका, शिवगंज



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Indira Rasoi: 11,108 people ate food in 42 days, beneficiaries complain, water is not drinkable
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