अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेखा चौधरी ने गुरुवार को वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को बधाई संदेश देते हुए बताया कि कोविड-19 की परिस्थितियों के तहत वरिष्ठ नागरिकों का बाहर निकलना और उनसे मिलना सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के प्रकाश में उचित नहीं है। सभी वरिष्ठ नागरिक न्यायालयों से लंबति प्रकरणों में ऑनलाइन वीडियो कॉल एवं वाट्सऐप कॉल के जरिए अपना पक्ष रख सकते हैं।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित न्यायालय में लंबित प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। सभी ऐसे व्यक्ति जो 65 वर्ष से अधिक हैं, उन्हें घर पर रहने की सलाह दी गई है। एडीजे ने कोविड-19 के भयावह दौर में 65 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को बिना मास्क लगाए घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यथ संभव अपने घर
पर ही रहकर कार्यों को संपादित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को अनेक शारीरिक व्याधियां घेर लेती हैं और परिवार के लोग भी उनसे दूरी बनाते हैं। इस कारण वे अकेलापन महसूस करते हैं। ऐसे में युवावर्ग को वरिष्ठ जन का ध्यान रखने एवं सम्मान देना चाहिए। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेखा चौधरी ने कहा कि सरकार वरिष्ठ जनों के सम्मान एवं हितों के लिए संवेदनशील है। हाल ही में एक तलाक याचिका में सुनवाई के दौरान पीठासीन अधिकारी के संज्ञान में आया कि पति-पत्नी के पारिवारिक विवाद में उसने अपने वृद्ध पिता को वृद्धाश्रम में छोड़ दिया था, इसको पीठासीन अधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए गए थे कि वह अपने पिता को वृद्धाश्रम से लाकर अपने साथ रखे तथा बीमार वृद्ध पिता की सेवा करें।



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