हाड़ कंपाती सर्दी व धुंध के बीच बीएसएफ के जवानों ने 180 किमी की बैटन रैली निकाली। मकसद था- 1971 के युद्ध के याेद्धाओं का सम्मान। यह रैली खाजूवाला क्षेत्र की कावेरी सीमा चौकी से रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि 12 बजे शुरू हुई, जो भारत-पाक सीमा से चलते हुए अनूपगढ़ क्षेत्र की कैलाश पोस्ट तक पहुंची। कैलाश पोस्ट के बाद गांव 32 ए व 27 ए सहित अन्य गांवों से होते हुए अनूपगढ़ के एपीजे अब्दुल कलाम स्टेडियम में पहुंचकर सम्पन्न हुई। रैली के समापन पर अनूपगढ़ में 1971 के युद्ध के योद्धाओं को सम्मानित किया गया। बैटन रैली में बीएसएफ के करीब 900 जवानों व अधकारियों ने भाग लिया। यहां समापन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत थे।
बीएसएफ है तो हम सुरक्षित हैं : गजेंद्रसिंह
समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि बीएसएफ के वीरों ने 1971 के युद्ध में अपने शौर्य का परिचय दिया था, तब से अब तक शत्रु देश के मन में इतना भय है कि 50 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई भी प्रत्यक्ष रूप से भारत की तरफ आंख तक नहीं उठा सका। बीएसएफ के जवानों का साहस और शौर्य अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सीमा सुरक्षा बल के जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा कर रहे हैं, जिससें पूरे देश में अमन है। मैं सीमा सुरक्षा बल के राजस्थान सीमा से परिचित हूं और मैंने स्वयं देखा है कि सीमा सुरक्षा बल कितनी कठिनाइयाें व विपरीत परिस्थितियों े बावजूद देश की सुरक्षा कर रहा है।
बैटन रैली के दौरान बीएसएफ के सभी जवान और अधिकारी रेतीले धोरों और उबड़ खाबड़ रास्तों से भारत-पाक की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ बैटन लेकर 180 किलोमीटर दौड़ते हुए यहां पहुंचे। इस दौरान प्रत्येक जवान ने लगभग 200-300 मीटर दौड़ कर आगे के जवान को बैटन दिया। रैली का समापन अनूपगढ़ के एपीजे अब्दुल कलाम स्टेडियम में हुआ।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें