कोरोना काल में गांवों में श्रमिकों को रोजगार देने के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत दो माह तक पूरा काम पूरा दाम विशेष अभियान की शुरुआत 16 दिसंबर से होगी। अभियान के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला परिषद के सीईओ लक्ष्मीकांत बालोत ने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा योजना जितना काम उतना दाम (टास्क) आधारित योजना है।
वर्तमान में औसत मजदूरी दर 166 रुपए प्रति दिन है, जो केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित दर से काफी कम होने के कारण श्रमिकों को पूरा काम कर पूरा दाम प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार ने 16 दिसंबर से 15 फरवरी तक यह अभियान चलाया जाएगा।
जिले की समस्त पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों को योजना तैयार कर अभियान का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक पखवाड़े की समाप्ति के 2 दिन बाद अभियान की प्रगति रिपोर्ट भेजनी होगी। समूह माप न करने वाले तकनीकी कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई कर समूह माप प्रवृत्ति को पुनः प्रारंभ करने के लिए प्रेरित कर श्रमिकों को पूरा काम का पूरा दाम दिलाया जाएगा।
5-5 व्यक्तियों के समूह में प्रपत्र-6 प्राप्त किए जाकर समूहवार श्रमिकों की सूची का इन्द्राज कर ई-मस्टररोल जारी की जाएगी। जितना काम, उतना दाम के आधार पर मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 50 प्रतिशत महिला मेटो का नियोजन करने, मेटो को आवश्यक सामग्री यथा फीता, केलकूलेटर, दवाई किट ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
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