पेज

रविवार, 27 दिसंबर 2020

भजन-गजलों की प्रस्तुति में दिखी अर्चिता की सुर अर्चना

महाराणा कुंभा संगीत परिषद के वर्चुअल 58वें महाराणा कुंभा समारोह के दूसरे दिन शनिवार काे मुंबई की शास्त्रीय गायिका अर्चिता भट्टाचार्य ने भजन और गजल से संगीत का समा बांधा। अर्चिता भट्टाचार्य ने कार्यक्रम की शुरूआत राग शुद्ध सारंग में विलंबित खयाल और मध्य लय की दो बंदिशाें से की। इसके बाद भजन राम का गुणगान करिये से भक्तिरस की धारा बहाई।

उन्हाेंने गजल मोहब्बत करने वाले कम न होंगे, सेमी क्लासिकल चैती यहीं थैय्या मोतिया हैरायी गयी और दादरा राग भैरवी में हमारी अटरियां पे आ जा रे सांवरिया का गायन किया। शास्त्रीय गायक सौरभ वशिष्ठ ने राग श्याम-कल्याण की प्रस्तुति दी। इसमेें विलंबित एकताल में मानत ना जिया एक पल उनके बिना और तीन ताल में द्रुत रचना मोरे मंदिरवा आए री की प्रस्तुति दी। रोटरी अन्तर्राष्ट्रीय के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री राजेंद्र के. साबू ने कोलकाता से कार्यक्रम की दीप प्रज्ज्वलन कर शुरूआत की। परिषद के मानद सचिव डाॅ. यशवंत सिंह कोठारी ने कहा कि कोरोना के दाैर में ऑनलाइन कार्यक्रम से लाेगाें काे घर बैठे ही शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां सुनने काे मिल रही है। परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. प्रेम भंडारी ने बताया कि रविवार काे बूंदी के हरिकृष्ण वर्मा का तबला वादन और बांसुरी वादक भारती सिसोदिया की प्रस्तुतियां हाेंगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Archita's archana seen in the presentation of hymns and ghazals
Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें