प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में समान पाठ्यक्रम करने की तैयारी है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने इसकी सिफारिश कर रिपोर्ट उच्च शिक्षा मंत्री को भेज दी है। वहीं इस कमेटी ने प्रदेश के जिन विश्वविद्यालयों में कंप्यूटर अंडरग्रेजुएट में अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, उसे पाठ्यक्रम से हटाने की सिफारिश भी की है।
राज्य सरकार की ओर से सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में कॉमन सिलेबस की व्यवस्था लागू करने की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी की अध्यक्षता में दो सदस्य उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था।

इस कमेटी ने इस मामले में संपूर्ण अध्ययन कर उच्च शिक्षा ग्रुप 4 के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री को रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में समान सिलेबस लागू करने की सिफारिश की है तथा उन्होंने इसे लागू करने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया से भी उच्च शिक्षा विभाग को अवगत करवाया है। इस कमेटी ने यह भी अनुशंसा की है कि प्रदेश में जिन विश्वविद्यालयों में अनिवार्य विषय के रूप में कंप्यूटर यूजी स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाता है, वहां से कंप्यूटर सब्जेक्ट को हटाया जाए।

अनिवार्य सब्जेक्ट से इसीलिए हटाएं कंप्यूटर
जब कंप्यूटर सब्जेक्ट को अंडरग्रेजुएट कोर्स में जोड़ा गया तो स्कूलों में कंप्यूटर कोर्स नहीं पढ़ाया जाता था, इसीलिए उस समय मंशा यह थी कि स्टूडेंट विश्वविद्यालय में आने के बाद कंप्यूटर से भी रूबरू हो सकें। अब तो इस स्तर की पढ़ाई स्कूलों में शुरुआत से ही देना शुरू कर देते हैं। ऐसे में इसके अनिवार्य रूप में रखने की जरूरत ही नहीं है।

ये भी की अनुशंसा
कमेटी की ओर से यह भी अनुशंसा की गई है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए किसी पूर्व कुलपति अथवा शिक्षाविद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए। इस कमेटी में राज्यभर के 10 या उससे ज्यादा शिक्षाविद होने चाहिए, जो इस कॉमन सिलेबस को तैयार करवाएं तथा हर वर्ष जरूरत के हिसाब से सिलेबस में बदलाव भी करें।
कमेटी ने इसीलिए की कॉमन सिलेबस की सिफारिश

  • एक से दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स को परेशानी न हो।
  • राष्ट्रीय स्तर के सिलेबस को देखते हुए राजस्थान में भी एडवांस सिलेबस बन सके।
  • मौजूदा सिलेबस में एक तरह का बदलाव हो ताकि प्रतियोगी परीक्षा में भी सिलेबस का लाभ मिले।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत सिलेबस तैयार कर पूरे प्रदेश में एकसाथ बदला जा सकता है।

हां, रिपोर्ट सुपुर्द कर दी है

  • राज्य सरकार की ओर से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में समान सिलेबस के लिए हमारी कमेटी बनाई गई थी, हमने कॉमन सिलेबस की सिफारिश करते हुए विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है तथा प्रदेश के जिन विश्वविद्यालयों में कंप्यूटर यूजी स्टूडेंट्स को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, उसे भी हटाने की सिफारिश की गई है। - प्रो. पीसी त्रिवेदी, कमेटी के चेयरमैन व कुलपति जेएनवीयू


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Common universities will have common syllabus!
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