चंबल रिवर फ्रंट के साथ ही परकाेटा क्षेत्र के लाेगाें काे घूमने के लिए बैराज के निकट एक नया पार्क भी मिलेगा। जाे इस क्षेत्र का ये पहला पार्क हाेगा। चंबल रिवर फ्रंट प्राेजेक्ट में ही इसका कार्य हाेगा। यूआईटी द्वारा इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले वर्ष तक ये जनता काे मिल पाएगा। इसकी लागत करीब 34 कराेड़ रुपए आएगी।
काेटा बैराज के नीचे की तरफ गढ़ पैलेस की दीवार से लेकर नदी तक का हिस्सा बेकार पड़े हिस्से पर चंबल माता की 60 मीटर ऊंची वियतनाम मार्बल की मूर्ति लगाई जाएगी। इस स्थान पर 400 गुणा 150 मीटर यानि 60 हजार वर्गमीटर का पार्क बनाया जाएगा।
इसमें नदी की तरफ पत्थर का पैडलस्टैंड हाेगा और उसके ऊपर चंबल माता की मूर्ति लगेगी। जिनके हाथ में मटके से झरना गिरेगा। नदी की तरफ ही कलात्मक सीढ़ियां और व्यू पाइंट के लिए छतरिया बनाई जाएगी। भीतर प्लांटर, वाॅक वे तथा देश के अलग-अलग हिस्साें की विशेष फूलाें वाली फुलवारी तैयार की जाएगी। बीच-बीच में पत्थर के ही कलात्मक लैंप पाेस्ट लगाए जाएंगे।
लाडपुरा से नागाजी के बाग तक बनेगा सीधा रास्ता
लाडपुरा और रामपुरा क्षेत्र वालाें काे अब नागाजी का बाग जाने के लिए लक्की बुर्ज अथवा नयापुरा का लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। यूआईटी द्वारा इसका समाधान किया जा रहा है। नागाजी के बाग का पिछला हिस्सा लाड़पुरा तक जा रहा है। वहां पर आने वाले विजिटर्स का सर्वे करवाया ताे यह बात सामने आई कि इस पार्क में आने वालाें में अधिकांश लाेग रामपुरा व लाड़पुरा क्षेत्र के हाेते हैं।
लाड़पुरा व रामपुरा क्षेत्र में इतना बड़ा काेई पार्क भी नहीं है। ऐसे में यूआईटी द्वारा इसके लिए डीपीआर बनाई जा रही है कि लाड़पुरा की तरफ भी इसका एंट्री पाइंट बना दिया जाए। ऐसे में लाड़पुरा क्षेत्र वालाें काे एक बड़े पार्क की सुविधा भी मिल जाएगी और उन्हें इस पार्क में आने के लिए 2 से 3 किलाेमीटर का लंबा चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा।
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