प्रदेश में प्रवासियों से बड़े स्तर पर कोरोना संक्रमण फैलने के बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। भीलवाड़ा हो या जयपुर का रामगंज। विदेश से आए लोगों के कारण ही कोरोना संक्रमण फैला। इसके बाद भी विदेश से आने वालों की सैंपलिंग नहीं कर पुरानी गलती दोहराई जा रही है। वंदे भारत मिशन के तहत विदेश से आने वाले लोगों को उनके खर्चें पर होटल में सात दिन क्वारेंटाइन करने के बावजूद उनकी सैंपलिंग नहीं करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि संक्रमण की स्थिति होने पर सैंपल लिया जाता है।
इस बीच बड़ा सवाल यह है कि संक्रमित प्रवासियों के 70 फीसदी मामलों में कोरोना के कोई लक्षण नजर नहीं आए। ऐसे में कैसे तय हो सकता है कि किसका सैंपल लिया जाए और किसका नहीं। विदेश से घर पहुंचने के बाद ये लोग अस्पतालों में जांच के लिए अपना नंबर लगा रहे हैं।
विदेश में फंसे लोगों को घर लाने के लिए केंद्र सरकार ने वंदे भारत मिशन की शुरुआत की। इसके तहत विदेश से आने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में सात दिन होटल में रखकर क्वारेंटाइन किया जा रहा है। पहले क्वारेंटाइन का समय 14 दिन था। इसके तहत अब तक जयपुर एयरपोर्ट पर 3200 लोग पहुंच चुके हैं। वहीं सीकर जिले में विदेश से आने वाले लोगों की संख्या 800 से ज्यादा पहुंच चुकी है। इनमें 200 लोग जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे हैं।

इनमें सबसे ज्यादा लोग कजाकिस्तान, कुवैत, मस्कट, ओमान, दुबई, आबुधाबी सहित अन्य देशों से आए हैं। विदेश से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट पर च्वाॅइस के आधार पर होटल उपलब्ध करवाया जा रहा है। यहां रहने, खाने का पैसा खुद व्यक्ति को वहन करना पड़ रहा है। लेकिन सात दिन के इस क्वारेंटाइन पीरियड में इनके सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। क्वारेंटाइन पूरा होने के बाद महज स्क्रीनिंग करके इन्हें सर्टीफिकेट देकर घर के लिए रवाना किया जा रहा है। जो लोग होटल का खर्च वहन कर पाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें स्कूल आदि में संस्थागत क्वारेंटाइन किया जा रहा है।

वंदे भारत मिशन के तीसरे फेज में 30 जून तक की एडवांस बुकिंग
विदेशों में रहने वाले कामगार किसी भी तरह देश पहुंचना चाह रहे हैं। यही वजह है कि वंदे भारत मिशन के तीसरे फेज में भी लगातार बुकिंग का दबाव बना हुआ है। 30 जून तक फ्लाइट बुक है।

मस्कट से आए युवक को स्क्रीनिंग कर लक्ष्मणगढ़ भेजा, जांच में पॉजिटिव आया
1. होटल में नहीं हुई सैंपलिंग : ओमान से लौटे सीकर निवासी तौफीक और मोहम्मद साद तंवर ने बताया कि 30 मई को जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे। एंबेंसी से रजिस्ट्रेशन के दौरान ही यह शपथ पत्र देना होता है कि हम सात दिन हमारे खर्चे पर होटल में क्वारेंटाइन रहेंगे। यहां सात दिन होटल का एक आदमी का करीब 15 हजार रुपए हुआ। सात दिन बाद मेडिकल टीम ने सर्टिफिकेट और पासपोर्ट देकर हमें घर के लिए रवाना कर दिया। होटल में सैंपलिंग नहीं हुई। अब सीकर में जांच के लिए नंबर लगाया गया है।
2. मस्कट से आए युवक को स्क्रीनिंग कर लक्ष्मणगढ़ भेजा, जांच में पॉजिटिव आया : मस्कट से जयपुर पहुंचे लक्ष्मणगढ़ निवासी 25 वर्षीय युवक को जयपुर के सीतापुरा स्थित कॉलेज में 7 दिन क्वारेंटाइन गया। सिर्फ थर्मल स्कैनिंग कर 6 जून को लक्ष्मणगढ़ भेज दिया। यहां सैंपल जांच में अगले ही दिन सोमवार को युवक कोराना पॉजिटिव आया। युवक ने बताया कि पहले उन्हें खुद के खर्चे पर जयपुर में होटल में भेजा जा रहा था, लेकिन पैसा नहीं होने के कारण कॉलेज में क्वारेंटाइन किया गया।

इन मामलों से भी सीख नहीं ले रहा स्वास्थ्य मंत्रालय
भारत में वुहान से आया संक्रमण : भारत में कोरोना संक्रमण का पहला केस चीन से आया। केरल निवासी यह स्टूडेंट वुहान यूनिवर्सिटी का छात्र था। इसके बाद भारत में वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ने लगी।
राजस्थान में विदेशी पर्यटक से आया वायरस : राजस्थान में एक मार्च को पहले कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई। जयपुर में इतालवी का एक पर्यटक कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया।

रामगंज व भीलवाड़ा में विदेशियों के साथ पहुंचा कोरोना, फिर भी लापरवाही
रामगंज : कोरोना का हॉटस्पॉट बने जयपुर के रामगंज में 26 मार्च को पहले कोरोना संक्रमण केस की पुष्टि हुई। 45 वर्षीय व्यक्ति 11 मार्च को ओमान से आया था। क्वारेंटाइन की पालना नहीं की और 26 लोगों को संक्रमित कर दिया। यहां अब भी केस थम नहीं रहे हैं।
भीलवाडा : भीलवाड़ा में बांगड़ अस्पताल के डाक्टर की लापरवाही से कोरोना फैला। यहां भी कोरोना विदेश से आने वाले लोगों के जरिए ही पहुंचा। क्योंकि इस डाॅक्टर के घर पर मार्च के शुरुआत में सऊदी अरब से आकर कुछ लोग ठहरे थे। डाॅक्टर उन्हीं विदेशी मेहमानों से संक्रमित हुआ।
प्रदेश : प्रवासियों के आने के बाद प्रदेश के ज्यादातर जिलों में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई जगह नए हॉट स्पॉट बन गए। संक्रमण के 30 फीसदी मामले प्रवासियों की वजह से बढे हैं। आठ जुलाई तक मिले कुल 10696 संक्रमितों में प्रवासियों की संख्या 3095 है।
प्रवासियों को एयरपोर्ट से नजदीकी स्थान पर सात दिन क्वारेंटाइन किया जाता है। वहा सैंपलिंग नहीं होने की सूचना पर जिले में आने पर यहां सैंपल ले रहे हैं। लक्ष्मणगढ़ में सोमवार को विदेश से आए युवक के पॉजिटिव आने का पहला मामला आया। अजय चौधरी, सीएमएचओ



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The expatriate who has returned from abroad, is not taking quarantine, department sample in the hotel for 7 days at his expense, after getting home, putting numbers for checking in hospitals
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