सरकारी नौकरी लगने के बाद एवं अपात्र होने के बावजूद खाद्य सुरक्षा योजना में लाभ उठाने के दाे अलग-अलग मामले सामने आए हैं। इन दाेनाें मामलाें में एसडीएम एसडीएम शकुंतला चौधरी ने रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। मिली जानकारी अनुसार विशाल कुमार की नगरपालिका में सफाई सेवक पद पर 18 जुलाई 2018 काे नियुक्ति हाे गई थी। इसके बावजूद परिवार लगातार खाद्य सुरक्षा में गेहूं व दाल प्राप्त करता रहा।
खुलासा उस समय हुआ जब विशाल के पिता हंसराज धानक निवासी वार्ड संख्या 12 ने स्वयं ही एसडीएम कार्यालय में इस आशय का प्रार्थना 10 जून 2020 को दिया कि उसका पुत्र सरकारी सेवा में कार्यरत है इसलिए खाद्य सुरक्षा से नाम हटा दिया जाए। अब एसडीएम ने गेहूं की राशि 27 रुपए प्रति किग्रा के हिसाब से 22680 तथा दाल के 180 रुपए, कुल 22860 रुपए 29 जून तक सरकारी खजाने में जमा करवाने के आदेश दिए हैं।
दूसरे मामले का खुलासा एक शिकायत से हुआ। गांव खाटां के सामाजिक कार्यकर्ता बाबा रामचंद्र ने जगदीश पुत्र तारुराम जाट निवासी खाटां की शिकायत कर बताया था कि वह अपात्र होने के बावजूद खाद्य सुरक्षा में लाभ उठा रहा है। एसडीएम ने इस मामले में तहसीलदार रायसिंहनगर से जांच करवाई जिसमें शिकायत सही पाई गई। जगदीश को नोटिस जारी कर सितंबर 2019 से मई 2020 तक उठाई गई 135 किग्रा गेहूं व 1 किग्रा दाल की राशि 3705 रुपए जमा करवाने के आदेश दिए।
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