रामगंजमंडी की जीवनदायिनी कहे जाने वाले ताकली बांध का निर्माण कार्य तीन साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर शुरू हो गया है। इस बांध का काम रुकने के कारण लोग परेशान हो रहे थे। डूब क्षेत्र के सारनखेड़ी गांव के लोगों के मकानों की लाॅटरी निकालने का काम भी किया गया। वहीं, रघुनाथपुरा के ग्रामीणों के लिए दूसरी जगह भूमि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को मदनपुरा पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र पर ग्रामीणों के साथ अधिकारियों के बीच बैठक हुई।
इसमें इन सभी बातों पर सहमति बन गई है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही डैम के काम को गति मिलेगी। इस बांध परियोजना से 31 गांव के हजारों लोगों को पानी मिल सकेगा। क्षेत्र की करीब 7386 हैक्टेयर भूमि सिंचिंत हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार ताकली बांध सिचाई परियोजना के काम को साल 2005 में बांध के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। 2008 मे बांध का कार्य शुरू किया गया। साल 2012 में बांध का कार्य पूरा करना था, लेकिन किसी न किसी कारण से बीच-बीच मे इसका कार्य बंद होता रहा। मुख्य समस्या ग्रामीणों की आ रही थी। ग्रामीण जो मांगें कर रहे थे, वह प्रशासनिक स्तर पर पूरी नहीं हो रही थी। ऐसे में बांध के काम को गति नहीं मिल रही थी। अब ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच सहमति बन गई है। ऐसे में बांध का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

रघुनाथपुरा गांव की समस्या का भी मौके पर ही किया समाधान
डूब क्षेत्र का दूसरा गांव रघुनाथपुरा गांव की समस्या का भी समाधान किया। इस गांव वालों के लिए नूरपुरा गांव के पास भूमि पर प्लाटिंग की गई थी। गांधीसागर अभयारण्य के 3 किलोमीटर के दायरे में आने के कारण रघुनाथपुर के लिए मौके पर पटवारी को बुलाकर दूसरी जगह पर ग्रामीणों की सहमति से भूमि आवंटन की गई। वर्षों से ग्रामीणों की समस्या का मौके पर अधिकारियों के द्वारा समाधान कर ताकली डैम के अधूरे पड़े काम को चालू कर दिया। रामगंजमंडी की इस महत्वपूर्ण योजना का कार्य ग्रामीणों की मांग के कारण वर्षों से अटका पड़ा था, जिसके अब पूरा होने की उम्मीद है।
यह बोले जिम्मेदार
^ग्रामीणों के साथ बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में हो गई। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताईं और प्रशासन ने उनका सरकार के नियमों के तहत समाधान किया। सारनखेड़ी गांव को रिछडिय़ा के पठार पर बसाया जाएगा। अब कार्य के चालू रहेगा, इसमें कोई परेशानी नहीं आएगी।
- सीएल मीणा, एसडीएम, रामगंजमंडी
^डूब क्षेत्र के ग्रामीणों की अधिकतर मांगे मान ली गई हैं। केवल एक मांग अनुग्रह राशि कि ग्रामीणों की रह गई उसके लिए जल्दी ही कृषि विभाग सचिव के साथ बैठक कर मांग पर चर्चा कर उसका समाधान निकाला जाएगा।
- देवेंद्र कुमार अग्निहोत्री, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग

इन अधिकारियों ने की डूब क्षेत्र के ग्रामीणों से वार्ता : बुधवार को मदनपुरा पंचायत के डूब क्षेत्र के लोग के लिए राजीव गांधी सेवा केंद्र पर मंथन बैठक हुई। इसमें एसडीएम चिमनलाल मीणा, तहसीलदार राजेन्द्र शर्मा, नायब तहसीलदार ओमप्रकाश दाधीच, सिचाई विभाग के अधिशाषी अधिकारी देवेन्द्र कुमार अग्निहोत्री, सहायक अभियंता दूलीचंद, अनिल यादव, कनिष्ठ अभियंता भारती दाधीच, सौरभ सिंह, ओम नागर और डूब क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने चंद्रपुरा गांव में बसने से किया था मना
एरीगेशन विभाग के सहायक अभियंता दूलीचंद परनामी ने बताया किया ताकली डैम का कार्य 2017 से ग्रामीणों की मांग के कारण बंद पड़ा हुआ था। बुधवार को राजीव गांधी पर बैठक मे डूब क्षेत्र का सारनखेड़ी के ग्रामीणों को सरकार ने रहने के लिए चंद्रपुरा गांव मे भूमि आवंटन की गई थी। लेकिन सारनखेड़ी के लोगों ने यहां पर बसने से मना कर दिया। ऐसे में बुधवार को उनकी समस्या का समाधान करने के लिए रिछडिय़ा के पठार पर ग्रामीणों व अधिकारियों की सहमति से प्लाटों की लॉटरी निकाली गई।



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After three years, work of Takli dam will start again, villagers will get water, fields will also be mustard
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