सामान्य शिक्षा में उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानाचार्य पद का वेतनमान 6600 ग्रेड पे एल-16 के अंतर्गत किया हुआ है जबकि संस्कृत शिक्षा विभाग में उसके समकक्ष समान योग्यता एवं समान कार्य होते हुए व भी वरिष्ठ उपाध्याय प्रधानाचार्य के पद का वेतनमान अभी तक 6000 ग्रेड पे एल-15 पर है, जबकि दोनों ही पद राजस्थान सरकार के, आरपीएससी, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित योग्यताओं की समान पूर्ति करते हैं।

राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ लोकतांत्रिक के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनवारी शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि संस्कृत शिक्षा विभाग का ढांचा भी सामान्य शिक्षा की तरह गांव-गांव एवं ढाणी तक फैला हुआ है। अतः संस्कृत शिक्षा विभाग में भी सामान्य शिक्षा विभाग की तरह ही ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर पर भी कुछ प्रशासनिक पदों के कार्यालय का सृजन किया जाए जिससे ब्लॉक एवं जिला स्तर के किसी भी शिक्षक को अपने छोटे से कार्य के लिए भी सैकड़ों किलोमीटर दूर संभागीय कार्यालय अथवा निदेशालय नहीं जाना पड़े।

बहुत सारे कार्य जिला स्तर के ही होते हैं। उनका समाधान यदि जिला स्तर पर ही कर दिया जाता है तो इससे संस्कृत शिक्षा विभाग में काम करने वाले प्रत्येक कार्मिक को तत्काल समाधान होने होने से पैसा एवं श्रम बचेगा एवं समय पर ही कार्य होने से कार्मिकों का मनोबल बढ़ेगा जो विभाग हित में होगा।

पत्र में लिखा है कि सामान्य शिक्षा में उपनिदेशक 3 जिलों तक ही अपने अधिकार एवं कर्तव्यों का पालन करता हैं जबकि संस्कृत शिक्षा विभाग में संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी चार से छह जिलों में कार्य को देखते हैं किंतु फिर भी सामान्य शिक्षा में उपनिदेशक का वेतनमान एल-18 के अंतर्गत 7200 ग्रेड पे का है एवं संस्कृत शिक्षा के संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी जिनका कार्यक्षेत्र उपनिदेशक की अपेक्षा बहुत ज्यादा है। उसे अभी एल 16 के अंतर्गत 6600 ग्रेड पे ही रखा हुआ है। यह भी बहुत बड़ी विसंगति संस्कृत शिक्षा विभाग के प्रशासनिक स्तर पर है। इन विसंगतियों चलते संस्कृत शिक्षा विभागीय अधिकारियों में कुण्ठा व्याप्त होती जा रही है।



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