तीन साल पहले नेशनल लॉ यूनिर्वसिटी जोधपुर के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पिछले दिनों ही राजस्थान हाईकोर्ट ने इससे जुड़ी याचिका को निस्तारित कर दिया था। अब इस मामले में सीबीआई जांच कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस नवीन सिन्हा व जस्टिस बीआर गवाई की बेंच ने की और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। मामले में अगली सुनवाई जुलाई के पहले सप्ताह में होगी।

मामले के अनुसार एनएलयू के 5वें सेमेस्टर में अध्ययनरत विक्रांत नागैच 13 अगस्त 2017 को विश्वविद्यालय से बाहर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन 14 अगस्त 2017 को सुबह नौ बजे यूनिवर्सिटी के सामने रेल की पटरियों पर वह मृत अवस्था में मिला। जून 2018 में अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या करने का मामला दर्ज किया गया।

इसके बावजूद आठ महीने तक जांच नहीं होने पर मृतक के पिता कर्नल जयंत कुमार (रिटायर्ड) ने एसआईटी गठन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने यह याचिका गत फरवरी में ही निस्तारित कर दी थी। जांच व हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट मृतक के माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

उसकी मां नीतू की ओर से दायर याचिका में इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया गया, ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस ने इस मामले की जांच में लापरवाही बरती है। उसके बच्चे की मौत को आत्महत्या बता दिया गया था, जबकि शव पर चोट के निशान मिले थे, इस आधार पर आत्महत्या नहीं हो सकती।

मां ने सुप्रीम कोर्ट के यह भी ध्यान में लाया कि घटना के दस महीने तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई व तीन साल होने को आए हैं, अभी तक चार्जशीट पेश नहीं की गई है। पुलिस ने कई महत्वपूर्ण गवाहों की भी अनदेखी की है।
उसने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और इस मामले की दो सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करने के आदेश दिए हैं।



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मामले में अगली सुनवाई जुलाई के पहले सप्ताह में होगी
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