डेजर्ट नेशनल पार्क में बिना अनुमति किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करवा सकते, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपए के विभिन्न कार्य मंजूर किए जा रहे हैं। डीएनपी क्षेत्र में किसी प्रकार के निर्माण कार्य के लिए अनुमति लेने का प्रावधान है। आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है, इसके बाद ऑनलाइन ही इसका समाधान होता है। बिना अनुमति के किसी प्रकार का निर्माण कार्य करवाना एवं स्वीकृत करना नियम विरुद्ध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ वन्य जीव अभ्यारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का प्रावधान है।
पंचायत समिति गडरारोड की ग्राम पंचायतें डीएनपी क्षेत्र में आती है। इन पंचायतों में करोड़ों रुपए के नए कार्य स्वीकृत किए गए हैं। हालांकि स्वीकृति जिला परिषद में मिलती है। मनरेगा के तहत आदर्श तालाब निर्माण, चारागाह विकास कार्य, ग्रेवल सड़क निर्माण, नाडी खुदाई कार्य शामिल हैं।

अधिकतर कार्य ग्रेवल सड़क निर्माण के हैं। डीएनपी क्षेत्र में खुडाणी, खड़ीन, खबड़ाला, द्राभा, चेतरोड़ी, असाड़ी, बिजावल, खलीफे की बावड़ी, गिराब, रावतसर, मगरा, हरसाणी, रोहिड़ी सहित अन्य पंचायतों के गांव आते हैं। बाड़मेर कलेक्टर विश्राम मीणा का इस मामले में कहना है कि मनरेगा योजना नई नहीं है। 15 वर्षों से चल रही है। जबकि नियमों के तहत डीएनपी क्षेत्र में निर्माण, विकास एवं विकसित के लिए अनुमति लेनी आवश्यक है।

मनरेगा में बिना अनुमति के कार्य किए मंजूर
पंचायत समित गडरारोड की एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों के गांव डीएनपी क्षेत्र में आते हैं, कई ग्राम पंचायतों का पूरा क्षेत्र डीएनपी में आता है। इस क्षेत्र में निर्माण कार्य, विकास एवं विकसित के लिए डीएनपी विभाग के अनुमति लेनी होती है। पंचायत समिति गडरारोड की अनुशंषा पर जिला परिषद बाड़मेर ने डीएनपी क्षेत्र की मनरेगा योजना के तहत विभिन्न कार्य स्वीकृत किए हैं।

^डीएनपी क्षेत्र में कार्य कराने से पहले अनुमति लेना जरूरी है, बिना अनुमति कोई कार्य कराते हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -कपिल चंद्रवाल, डीएफओ, डीएनपी



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