प्रदेश की सरकारी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काॅम) में बढ़ती बिजली छीजत को लेकर मुख्यमंत्री के दिए निर्देश के बाद ऊर्जा विभाग ने भी सख्त रवैया कर दिया है। बिजली छीजत कम नहीं होने पर जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों की जिम्मेदारी होगी।
ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा ने बिजली छीजत (एटीएंडसी) को 15 फीसदी तक लाने को कहा है। इसके लिए तीनों एमडी को रिस्पांसबिलिटी तय की है। बिजली छीजत काम करने के लिए विजिलेंस चैकिंग करने, मीटर बदलने, बिल सही देने सहित अन्य उपाय करने के निर्देश दिए है। डिस्कॉम में बिजली चोरी रोकने व अन्य सुधार के लिए एक्सईएन लेवल के अधिकारियों
को लक्ष्य दिया जाएगा। काम नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम के प्रबंधन के बेहतर कार्य करने के बाद वित्तीय साल 2019-20 में बिजली छीजत केवल 18.43 फीसदी ही रही। जबकि 2018-19 में 20.10 फीसदी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के कारण तीनों डिस्कॉम की विजिलेंस विंग व ओएंडएम विंग ने 22 मार्च से 15 मई तक एक जगह भी जांच नहीं की। इस वजह से बिजली चोरों ने जमकर उपभोक्ता का उपभोग किया। अब तीनों डिस्कॉम के प्रबंधन ने सेंट्रल विजिलेंस व ओएंडएम विंग के इंजीनियरों को सख्त विजिलेंस चैकिंग के निर्देश दिए है। सभी इंजीनियरों की टीम अब सुबह जल्दी व रात को भी बिजली चोरी पकड़ेंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं के खाता की भी जांच हो रही है, जिसमें उपभोक्ता के बिजली खर्च के ट्रैक की जांच की जा रही है।
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