करीब एक सप्ताह पहले प्रदेश और शेखावाटी में सक्रिय हुआ मानसून कमजोर पड़ चुका है। बीत सात दिन में कहीं भी दुबारा बारिश नहीं हुई।हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जल्द ही मानसून वापस सक्रिय होगा और बारिश होगी। इसके लिए चार व पांच जुलाई तक इंतजार करना होगा। इधर, प्री मानसून के तहत ही जिले में जून के 16 दिन में 486 एमएम बारिश हो चुकी है। इससे किसानों ने करीब 40 प्रतिशत बुवाई कर ली। इस साल जून में अच्छी बारिश हुई है। इससे पहले वर्ष 2015 में 18, वर्ष 2017 में 17 व वर्ष 2011 व 16 में 16 दिन बरसात हुई थी। जबकि सबसे ज्यादा बरसात के मामले में वर्ष 2018 में 935 एमएम, 2011 में 774, 2017 में 737 व वर्ष 2015 में 592 एमएम बरसात हुई थी।
वर्ष 2018 में सबसे ज्यादा तो 2012 में सबसे कम बरसात
जून में प्री मानसून बारिश वर्ष 2018 में सबसे ज्यादा 935 एमएम तो सबसे कम वर्ष 2012 में केवल 41 एमएम बरसात दर्ज की गई थी। इसके बाद वर्ष 2011 में 774, वर्ष 2017 में 737 तथा वर्ष 2015 में 592 एमएम बरसात हुई थी,लेकिन इन सीजन में उदयपुरवाटी के कोट बांध में पानी की आवक कम रही। जबकि वर्ष 2019 में जून महीने में केवल 368 एमएम बरसात हुई थी। इस दौरान काेट बांध में 10 फिट पानी था। इसके बाद अच्छी बरसात से मानसून के पहले पखवाड़े में ही बांध 26 जुलाई को छलक गया था।
अब दो-तीन दिन में सक्रिय होगा मानसून
कोरोना संक्रमण को देखते हुए मौसम विभाग ने पिछले वर्ष की तुलना में खरीफ फसल की बुवाई का लक्ष्य बढ़ाया था। जून महीने में अच्छी बरसात के कारण किसानों ने भी खरीफ फसल की बुवाई का 40 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। कृषि विस्तार के सहायक निदेशक डॉ. विजयपाल कस्वा ने बताया कि किसानों ने बाजरा, मूंग, मोठ, चंवला, मूंगफली, कपास व ग्वार फसल की बुवाई कर दी है।
आगे क्या
प्रदेश के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बरसात का दौर जारी है। जहां प्रदेश के अन्य जिलों में कही हल्की तो कही तेज बरसात हो रही है। वहीं जिले में पिछले पांच दिन से बरसात नहीं होने से गर्मी ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार झुंझुनूं, सीकर व चूरू जिले में 4 व 5 जुलाई से बरसात का दौर शुरू होने की संभावना है।
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