कोटा के नए अस्पताल में भर्ती दो कोरोना मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी की जरूरत है। इसके लिए मेडिसिन विभाग ने ब्लड बैंक को दो ब्लड ग्रुप के प्लाज्मा की डिमांड दी है। दोनों मरीजों की स्थिति क्रिटिकल बताई जा रही है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एचएल मीणा ने बताया मेडिसिन विभााग ने ए पॉजिटिव और बी नेगेटिव ब्लड ग्रुप के प्लाज्मा की जरूरत बताई है।
हमने सभी से अपील की है कि उक्त ब्लड ग्रुप का काेई व्यक्ति काेविड रिकवर हुआ हाे ताे वह ब्लड बैंक आकर संपर्क करें, ताकि उसकी जरूरी जांचें करके प्लाज्मा लिया जा सके। लाेगाें में यह भ्रम है कि प्लाज्मा डाेनेट करने आने वाले व्यक्ति का दाेबारा टेस्ट किया जाएगा, जाे गलत है। यदि उक्त दाेनाें ब्लड ग्रुप के किसी व्यक्ति काे काेराेना से रिकवर हुए 15 दिन बीत चुके हैं ताे वह ब्लड बैंक में डाॅ. सुधीर मिश्रा से उनके माेबाइल नंबर (9309076706) पर संपर्क कर सकते हैं।
डोनेट किए गए प्लाज्मा की भरपाई दो दिन में कर देती है बॉडी
प्लाज्मा डोनेट कर चुके कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. साकेत गोयल ने बताया कि प्लाज्मा डोनेट करने से कोई कमजोरी नहीं होगी। आपके शरीर में 6-7 लीटर प्लाज्मा है, इस प्रक्रिया में आप केवल 300-400 मिलीलीटर दान करते हैं। शरीर 2 दिनों में प्लाज्मा की भरपाई करता है।
वास्तव में एक व्यक्ति 15 दिनों में फिर से प्लाज्मा दान कर सकता है यानी एक वर्ष में 12 बार तक। प्लाज्मा दान के लिए आपके अस्पताल जाने में कोई जोखिम नहीं है, क्योंकि आप स्वयं एक कोरोना सेनानी हैं, आपके अंदर पहले ही कोरोना के लिए प्रतिरक्षा (एंटी बॉडी) है। प्लाज़्मा दान की प्रक्रिया में सिर्फ 30-40 मिनट लगते हैं। यह मौका है, आप समाज के लिए एक हीरो बनें, प्लाज्मा दान करें।
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