शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी जांचने के लिए लो- विजन शिक्षकों की भी ड्यूटी लगा दी है। ऐसे शिक्षकों ने अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताते हुए कॉपियां जांचने से इनकार कर दिया है। इसके अलावा बोर्ड की ओर से डबल कैंसर से पीड़ित, पैरालिसिस, दुर्घटना में हाथ में फैक्चर से ग्रसित शिक्षकों को भी कॉपियां जांचने के लिए भिजवा दी है। ऐसे शिक्षकों ने काॅपियां जांचने में असमर्थता जताते हुए परिवेदनाएं डीईओ माध्यमिक मुख्यालय को दी है।
विभाग की ओर से परिवेदनाओं के आधार पर राहत की गुहार अधिकारियों से की है। वहीं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार जिन शिक्षकों को कॉपियां जारी की गई हैं, उन्हें निर्धारित समय पर जांचना होगा, नहीं तो विभागीय नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विभाग के पोर्टल पर शिक्षकों के नाम होते हैं, उनके आधार पर कॉपियों के बंडल अलॉट कर दिए जाते हैं, जिनमें उनकी बीमारी का जिक्र नहीं होता हैै।
^जिन शिक्षकों काे काॅपियां जांचने में वास्तविक परेशानी है, उन्हें राहत दी जा रही है। कॉपी जांचने के लिए सभी तरह की परिवेदनाएं विभाग को मिल रही हैं। बोर्ड की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार शिक्षकों को काॅपियां दी हैं। -गंगाधर मीणा, डीईओ माध्यमिक मुख्यालय
बहाने भी बना रहे हैं कई शिक्षक
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचने में कुछ शिक्षक बहाने भी बना रहे हैं। अधिकांश शिक्षक तबीयत सही नहीं होने का बहाना बना रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि गंभीर स्थिति होने पर ही कॉपियों के बंडल को दूसरे शिक्षक को दिया जाएगा। अन्यथा जिन शिक्षकों को कॉपियां जारी की हैं, उन्हें निर्धारित समय पर जांच कर देनी होगी।
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