इसे सड़क की बदहाली कहें या विभाग की नाकामी। सड़क में गहरे गड्ढे और उनमें भरा बरसाती पानी से वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे है। सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि सड़क से डामर का नामोनिशान मिट चुका है। इस सड़क का निर्माण करवाने के लिए गांव सामरी व चक सामरी के ग्रामीण पिछले आठ वर्षो से मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सामरी निवासी समता आंदोलन युवा प्रकोष्ठ के संभाग अध्यक्ष व राष्ट्रीय परशुराम सेना के जिला उपाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया किरूपवास उपखण्ड मुख्यालय से सामरी, चक सामरी होकर उत्तर प्रदेश की सीमा को जोड़ने वाली यह सड़क पूरी तरह जर्जर चुकी है और वर्तमान में सड़क के अवशेष मात्र ही शेष रह गए है।
वर्तमान हालतों में सड़क उस बदहाल स्थिति से गुजर रही है कि मात्र पांच किलोमीटर की दूरी को तय करने में आधा घंटे का समय लगता है। सड़क में इतने गहरे गड्ढे हो गए है कि चौपहिया वाहन का निकलना तक संभव नहीं है। सड़क के गड्ढों में बरसात का पानी भरने से अब पैदल भी निकलना मुश्किल हो गया है ।
प्रतिदिन रूपवास आने-जाने वाले लोगों के लिए सड़क किसी यातना से कम नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की बदहाल स्थिति विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है। रोजाना रूपवास जाने वाले ग्रामीणों के लिए यह सड़क किसी यातना से कम नहीं है। इस सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को ज्ञापन देकर अवगत कराया और लोकसभा चुनाव में मतदान करने का बहिष्कार भी किया।
सोशल मीडिया पर ग्रामीणों ने चलाया अभियान
इस सड़क की बदहाल स्थिति को सरकार व प्रशासन तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों में सोशल मीडिया पर अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण अपनी पीड़ा को उजागर कर रहे है, लेकिन अभी तक जनप्रतिनिधि व विभागीय अधिकारी आंख व कान बंद किए हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि रूपवास कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष भी चक सामरी के निवासी हैं और वर्तमान में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। इसके बावजूद भी सड़क की अनदेखी हो रही है।
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