नागाैर के खींवसर में हत्या के मामले में एक परिवार पांच दिन तक अवैध हिरासत में रखा और युवक के गुप्तांग में पेट्राेल डाल दिया गया। ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा मामले काे लेकर एसपी और आईजी तक काे शिकायत की लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई ताे विधायक शनिवार काे अवकाश के दिन पीड़ितों काे लेकर पीएचक्यू पहुंच गई। डीजीपी भी पीएचक्यू पहुंच।
एडीजी विजिलेंस बीजू जार्ज जाेसफ और टीम काे बुलाकर पीड़िताें का मेडिकल करवाया। इधर, अन्य पीड़िताेें के बयान लेने के लिए विजिलेंस टीम रविवार काे नागाैर पहुंच गई। डीजीपी ने डीजी क्राइम की माॅनिरटरिंग में जांच के निर्देश दिए है। पीड़ित राजूराम व बीरमाराम ने बताया 23 अगस्त काे मनाेहर हुड्डा की हत्या हाे गई थी।
इस मामले में पूछताछ की गई। 11 सितंबर काे खींवसर पुलिस ने थाने बुलाया। 12 िसतंबर काे जमनादेवी व सुनील घर से उठाकर ले गई। दाेनाें ने बताया राजनैतिक दबाव के चलते 15 सितंबर तक श्रीबालाजी थाने में लेकर काेतवाली एसएचओ व पुलिसकर्मियाें ने मारपीट की। पांच दिन बाद पुलिस ने शांति भंग के अारेाप में गिरफ्तार कर लिया। जबकि हमें ताे थाने में ही बिठा रखा था। 17 काे शाम काे छाेड़़ा। रविवार काे नागाैर पहुंची विजिलेंस टीम ने जमनादेवी व सुनील के बयान लिए।
इधर, ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा का कहना है हत्या के एक मामले में कुछ लाेगाें काे अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। राजनैतिक दबाव में अमानवीय तरीके से मारपीट की गई। मैंने एसपी और आईजी काे शिकायत की। उन्होंने कहा-मैं नागौर को तालीबान नहीं बनने दूंगी।
डीजीपी डाॅ.भूपेन्द्र सिंह का कहना है कि ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा शनिवार काे मेरे से मिली थी। खिंवसर में मर्डर मामले में कुछ लाेगाें काे अवैध तरीके से हिरासत में रखने और मारपीट की शिकायत की थी। जिनकाे हिरासत में रखा वे भी साथ आए थे। इसकी विजिलेंस से जांच करवा रहे हैं।
साथ ही मर्डर मामले में डीजी क्राइम काे कहा है कि जांच उनकी निगरानी में हाे। ताकि जांच भी प्रभावित नहीं हाे।
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