मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के 22 दिसंबर को होने वाले 28वें दीक्षांत समारोह सहित प्रदेशभर के अन्य विश्वविद्यालयों में भी दीक्षांत समारोह कराने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। खास बात यह है कि संविधान के प्रस्तावना और मूल कर्तव्यों की अब तक प्रतिज्ञा दिलाने वाले कुलाधिपति एवं राज्यपाल कलराज मिश्र इस बार दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति के सुभाषित कथन का वाचन करते हुए सदाचरण की प्रतिज्ञा दिलाएंगे। राज्यपाल मिश्र, छात्र-छात्राओं को “सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो, स्वाध्याय से प्रमाद मत करो, माता को देवता मानो, पिता को देवता मानो, आचार्य को देवता मानो, अतिथि
को देवता मानो, जो हमारे अच्छे आचरण हैं वही तुम्हारे द्वारा ग्रहणीय हैं अन्य नहीं, यही आदेश है, यही उपदेश है, तुम्हारा पंथ मंगलमय हो’ की प्रतिज्ञा दिलाएंगे, जिसका विद्यार्थी प्रत्येक पंक्ति पर “प्रतिजाने’ शब्द का उच्चारण करेंगे। राज्यपाल मिश्र गत वर्ष सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में भारतीय संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्तव्यों का वाचन कराकर नई पहल कर चुके हैं।
सुविवि कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह ने बताया कि समारोह में राज्यपाल मिश्र उपाधियों का वितरण करेंगे। समारोह में विश्वविद्यालय के गोद लिए गए गांव धार से 10 बच्चे भी शामिल किए जाएंगे। ये बच्चे गोल्ड मेडलिस्ट छात्र-छात्राओं के पोसेशन का नेतृत्व करेंगे। पोसेशन कुलाधिपति मिश्र के समक्ष मंच के सामने से होकर गुजरेगा। विवि प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य ने बताया कि दीक्षांत समारोह की तैयारी बैठक में सभी समितियों के
समन्वयक शामिल हुए। कुलपति प्रो. सिंह ने तैयारियों कि समीक्षा की। कुलपति की ओर से हाल ही में घोषित पुरस्कार योजना के तहत गए शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक 13 कर्मचारियों को दीक्षांत समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। दीक्षांत समारोह की ये तैयारी बैठक बुधवार को कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह की अध्यक्षता में विवि के प्रशासनिक भवन में हुई।
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