हर दिन कम होते कोविड के मरीजों से सभी ने राहत ली है। कोविड अस्पतालों में भी रूटीन मरीजों काे देखना शुरू कर दिया गया है उन्हें परेशान नहीं होना पड़े। जयपुरिया अस्पताल में पिछले 15 दिन से मरीजों की संख्या कम होने के साथ ही सभी कोविड मरीजों को एक वार्ड में भर्ती कर दिया गया है और शेष हिस्से को सैनिटाइज कर सामान्य मरीजों के लिए शुरू कर दिया गया है। इससे सामान्य बीमारियों के मरीजों को राहत मिली है क्योंकि उन्हें छाेटी सी बीमारी के लिए एसएमएस जाना पड़ रहा था। एसएमएस में भीड़ अधिक होने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा था।
आरयूएचएस भी खाली
कोविड के मरीज कम होने के अलावा गंभीर मरीज भी कम हुए हैं। प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल में 150 मरीज भर्ती रह गए हैं। वहीं ओपीडी भी 100 तक ही सिमट गई है। ऐसे में यहां जयपुरिया के मरीजों को आसानी से शिफ्ट किया जा सकता है।
ओपीडी 140 तक
जयपुरिया में सामान्य मरीजों को देखने की कवायद शुरू करने के बाद लोग दिखाने आ रहे हैं। सामान्य ओपीडी में एक दिन में 140 मरीज पहुंचे। इनमें फिजिशियन, आर्थो, आई, दंत आदि बीमारियों के मरीज हैं। यहां तक कि अस्पताल में प्लास्टर की भी व्यवस्था शुरू की गई है। जयपुरिया अस्पताल में कोविड के 10 मरीज भी भर्ती नहीं हैं और ओपीडी 20 तक ही रह गई है। इन मरीजों के लिए भी अस्पताल में पूरी व्यवस्था अलग से है और सामान्य मरीजों के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं है।

ईएसआई भी खाली
तीसरे कोविड सेंटर ईएसआई हॉस्पिटल में भी मात्र 5-6 पेशेंट एडमिट हैं और ओपीडी 20 तक रह गई है। यानि कि यहां भी पेशेंट काफी कम हैं।

^ सरकार की ओर से अस्पताल को कोविड फ्री नहीं किया गया है, हमनें ओपीडी सेवाएं शुरू की हैं ताकि लोग परेशान नहीं हों। कोविड ओपीडी भी काफी कम हैं और मरीज भी भर्ती नहीं हो रहे हैं। बाकी जाे निर्णय सरकार करेगी, वह मान्य होगा। - डॉ. रेखा सिंह, अधीक्षक, जयपुरिया अस्पताल।



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