नियम यह है कि कोई भी दुपहिया अथवा चार पहिया वाहन बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के सड़क पर नहीं आ सकता। अगर ऐसा पाया जाता है तो उसका चालान करके 5 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जा सकता है। लेकिन, भरतपुर शहर और जिले में बिना नंबर के वाहन धड़ल्ले से घूम रहे हैं। यातायात पुलिस ने पिछले एक साल में केवल 728 वाहन ही जब्त किए हैं। परिवहन विभाग और पुलिस लगातार लापरवाह बने हुए हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि वाहन पर नंबर अंकित नहीं होने से एक्सीडेंट में लिप्त वाहन पकड़ में नहीं आ पाते हैं।
शहर में बिना नंबर के जो वाहन घूम रहे हैं, उनमें ट्रैक्टर-ट्रॉली के अलावा दुपहिया वाहनों की संख्या ज्यादा है। पुलिस और परिवहन विभाग के मुताबिक सभी वाहनों को रजिस्ट्रेशन नंबर तो अलॉट हैं, लेकिन वाहन मालिकों की लापरवाही कहें या जानबूझकर वे वाहन पर नंबर नहीं लिखवाते हैं। जबकि ऐसा करना नियमानुसार गलत है। लेकिन, पुलिस और परिवहन विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि परिवहन विभाग ने तो बिना नंबर वाले वाहनों के खिलाफ पिछले दिनों में कभी कोई अभियान चलाया ही नहीं है।
वहीं यातायात पुलिस ने भी नाममात्र की कार्यवाही की है। इसकी वजह से जिले में डग्गेमार वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई है। यह हाल तो तब है जब जिले में 27 थाने, 41 पुलिस चौकियों के अलावा यातायात पुलिस के करीब 16 प्वाइंट हैं, जहां पुलिस तैनात रहती है। इनके सामने से रोजाना सैकड़ों वाहन बिना नंबर और ओवर लोडिंग के गुजरते हैं।
वाहन डीलर दे रहे बिना नंबर वाहनों की डिलीवरी
जिले में ऑटो मोबाइल डीलर तक बिना नंबर प्लेट के ही वाहनों की डिलीवरी दे रहे हैं। जबकि ऐसा करना कानूनन और नियमानुसार गलत है। इस स्थिति से बचने के लिए परिवहन विभाग ने सभी डीलरों को दुपहिया वाहनों के नंबरों की सीरीज अलॉट की हुई है। इसी में से डीलर को तुरंत नंबर अलॉट करना होता है।
होता यह है कि डीलर नंबर तो अलॉट कर देते हैं, लेकिन नंबर प्लेट बनकर आने में कुछ समय लगता है, इसलिए ग्राहक को बिना नंबर के ही गाड़ी की डिलीवरी दे देते हैं। जबकि उस पर अस्थाई (टेंपरेरी) नंबर अथवा अलॉटेड गाडी नंबर अंकित किया जाना चाहिए। क्योंकि नियम यह है कि बिना नंबर के कोई भी वाहन सड़क पर नहीं आ सकता।
बिना नंबरी वाहनों में 90 फीसदी दुपहिया
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बीते साल में बिना नंबर वाले 728 वाहनों को जब्त किया गया है। इनमें 90 फीसदी दुपहिया वाहन ही हैं। पुलिस ने जनवरी में 70, फरवरी में 81, मार्च में 58, अप्रेल में 19, मई में 10, जून में 52, जुलाई में 27, अगस्त में 115, सितंबर में 124, अक्टूबर में 27, नवंबर में 120 और दिसंबर में 25 वाहन जब्त किए हैं।
परिवहन विभाग जल्द शुरू करेगा अभियान; डीटीओ
^बिना नंबर लिखे वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए जल्दी ही परिवहन विभाग की ओर से अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्लानिंग करने के साथ ही पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। वाहन डीलरों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे नए वाहनों की डिलीवरी बिना नंबर के न करें। अगर, डिलीवरी जरूरी हो तो उस पर नंबर जरूर लिखे जाएं, भले ही कागज की स्लिप लगाएं।
सुधीर बंसल, जिला परिवहन अधिकारी
बिना नंबर वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाएंगे: टीआई
^बगैर नंबर वाहनों के खिलाफ कार्यवाही में अब और तेजी लाई जाएगी। हालांकि यातायात पुलिस पहले भी ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्यवाही करती रही है। बीते साल में 728 वाहन जब्त किए गए हैं।
राम मिलन मीना, यातायात निरीक्षक
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