गत पांच दिन से एसडीएम के अवकाश पर होने से अवैध खनन फिर से शुरु हो गया है। माफिया रिफाइनरी बेल्ट के आस-पास के गांवों में धड़ल्ले से रेत व ग्रेवल का अवैध खनन कर आपूर्ति में लगे हुए हैं। हालांकि हाल ही में एसडीएम की ओर से लगातार की गई कार्रवाई से एकबारगी तो अवैध खनन के काम पर काफी लगाम लगी थी, लेकिन अब कुछ दिनों से काम फिर से शुरु हा़े गया है।
वर्तमान में पचपदरा के नेवाई, साजियाली गांवों में रेत खनन का काम धड़ल्ले से चल रहा है। ऐसे में अवैध खनन के खिलाफ फिर से सख्त कार्रवाई की दरकार है। चांदी कूटने में लगे माफिया गांवों की ओरण-गोचर व सरकारी भूमि पर खनन कर बड़े-बड़े गड्ढे छोड़ देते हैं, जिस पर बरसात के मौसम में हर साल मासूम इसमें डूबकर मौत के ग्रास में समा जाते हैं। विगत वर्षों में बालोतरा के समीपवर्ती जसोल, सिणली जागीर व कितपाला गांव में खोदे गए गड्ढों में डूबने से आधा दर्जन से अधिक मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं।
रिफाइनरी स्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर नेवाई गांव की सरहद। जहां मेगा हाइवे से निकलने वाले कच्चे मार्ग पर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर रेत के टीलों में लंबे समय से जेसीबी मशीन से बड़े स्तर पर रेत का अवैध खनन चल रहा है। सूचना पर भास्कर टीम रेतीले रास्ते से वहां पर पहुंची तो मौके पर जेसीबी मशीन से रेत की खुदाई कर डंपर भरवाए जा रहे थे, ज्योंही फोटो का क्लिक किया तो चालक मशीन व डंपर लेकर वहां से भागने लगे।
सड़कों के निर्माण में रेत की अधिक डिमांड
रिफाइनरी के अलग-अलग हिस्सों में अब भी सड़क का कार्य चल रहा है। जिसमें 8-10 फिट की ऊंचाई में बनने वाली इन सड़कों को रेत डालकर ऊंचाई ली जा रही है, ऐसे में एक सड़क पर लाखों टन रेत की जरूरत रहती है। इस पर औंधी कमाई को लेकर रेत खनन कार्य में कई लोग सक्रिय हो गए हैं, जो बिना एसटीपी लिए गांवों में मनमर्जी से टीले खोदकर रेत की आपूर्ति हो रहे हैं। ऐसे में जहां सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा है, वहीं रेत व ग्रेवल के गड्ढे खोदकर छोड़ने से बरसात के मौसम में हादसे की आशंका बनी रहती है।
पखवाड़े में एसडीएम व डीएसपी ने की तीन कार्रवाई, अब दुबारा खनन
उपखंड अधिकारी नरेश सोनी पदभार ग्रहण करने के बाद से ही अवैध खनन के खिलाफ सख्त रवैया अपनाए हुए है। गत एक पखवाड़े में ही रेत व बजरी अवैध खनन की तीन जगहों पर कार्रवाई करते हुए मशीनें व डंपर जब्त किए थे, ऐसे में माफियाओं में एकबारगी हड़कंप मच गया था और कई लोगों ने काम भी बंद कर दिया था, लेकिन 30 दिसंबर से एसडीएम के अवकाश पर चले जाने के बाद से माफिया फिर से खनन में लग गए हैं।
20 दिसंबर को एसडीएम नरेश सोनी व डीएसपी सुभाषचंद्र खोजा ने आसोतरा में कार्रवाई करते हुए अवैध रेत खनन करते दो मशीनें व आठ डंपर जब्त किए। वहीं कनाना में अवैध बजरी खनन की शिकायत पर 11 डंपर व एक जेसीबी मशीन जब्त की। इसी तरह 27 दिसंबर को खेड़ गांव की सरहद में रेत खनन करते एक मशीन सहित चार डंपर जब्त किए। वहीं आसोतरा में अवैध कंकरीट खनन पर 14 डंपर के साथ दो फाेकलेन मशीनें जब्त की।
हो चुके हैं हादसे
करीब दो साल पहले जसोल गांव के भैरु तालाब में डूबने से चार बच्चों की मौत हो गई थी। तालाब के समीप खेलते वक्त एक बच्चा पानी पीने के लिए तालाब में उतरा तो उसके पीछे चाचा के बेटे दो भाई भी उतर गए। वहीं एक अन्य बच्चा भी तालाब में उतरने लगा। इस दरम्यान पांव फिसलने से एक-एक कर चारों डूबने लगे, जिससे सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
छह साल पहले कितपाला गांव में मंजूदेवी (32) अपनी नौ माह की पुत्री को गोद में लिए तालाब किनारे पानी पी रही थी, तभी पांव फिसलने से वह पानी में गिर गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए बाहर खड़ी उसकी पांच वर्षीय बच्ची धारू भी तालाब में गिर गई और तीनों की डूबने से मौत हो गई।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें