अजमेर की आटा मिलें दुनिया के कई देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट कर रही हैं। यहां की आटा मिल में तैयार विशेष प्रकार की मैदा दुबई में बनने वाली रुमाली रोटी के उपयोग में काम आती है। वहीं नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन आदि के उपयोग में आने वाली मैदा की अलग वैरायटी वियतनाम, युगांडा और दक्षिण अफ्रीका तक सप्लाई होती है। घरेलू आटा की खपत भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में होती है। प्रतिदिन करीब 350 टन और महीने में करीब 10,500 टन आटा और अन्य उत्पाद तैयार हाेते हैं।
जिले में आटा मिलों की संख्या सीमित है, लेकिन जिले के आर्थिक विकास में इनका भी महत्वपूर्ण योगदान है। केसरपुरा में आटा, सूजी, मैदा और बेकरी प्रोडक्ट में उपयोग होने वाले आटे का हाई व लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का प्लांट है। प्रदेश में इस समेत गिने चुने ही प्लांट लगे हुए हैं। कोविड-19 से पूर्व इस प्लांट में करीब 200 टन यानी 2 हजार क्विंटल रोजाना प्रोडक्शन होता था। हालांकि, अभी प्रोडक्शन में कमी है। इसके साथ ही बिस्किट बेकरी उत्पाद, ब्रेड, सूजी टाेस्ट, क्रीम राेल आदि की तैयारी में काम आने वाली मैदा भी अजमेर में तैयार हाे रही है।
दुबई जाने वाली हाई क्वालिटी मैदा की कीमत 2500 रुपए प्रति किलो
केसरपुरा में तैयार होने वाली विशेष प्रकार की मैदा की डिमांड दुबई में अधिक है। इस मैदा से वहां बड़ी-बड़ी रुमाली रोटी तैयार होती है। साधारण मैदा 22-23 रुपए किलो होती है, लेकिन दुबई भेजी जाने वाली विशेष प्रकार व हाई क्वालिटी की मैदा की कीमत 2500 रुपए किलो व इससे अधिक तक होती है। नूडल्स, पास्ता, चाऊमिन, बर्गर और विशेष प्रकार की ब्रेड जो मुंह में रखते ही घुल जाए, इसके लिए भी मैदा यहीं से वियतनाम, युगांडा और दक्षिण अफ्रीका तक जाती है। यह प्रोडक्ट सीधे एक्सपोर्ट नहीं होते, बल्कि बड़ी कंपनियां यहां से माल ऑर्डर पर तैयार कराती हैं और कांदला, मुंबई आदि बंदरगाहों से माल सप्लाई होता है।
ये प्रोडक्ट हो रहे हैं तैयार
जिले में घरेलू आटा के अलावा, सूजी, हलवाई मैदा, रवा, ब्रान, कोरेस ब्रेन, आटा तंदूरी, चक्की आटा, मैदा और बैकर्स मैदा आदि प्रोडक्ट तैयार होते हैं। यहां तैयार होने वाले प्रोडक्ट बिस्कुट फैक्ट्री, बैकरी, स्वीट कैटर्स, मिष्ठान भंडार, शादी व अन्य सामाजिक समारोह में उपयोग में आते हैं।
ये क्षेत्र घरेलू आटा के लिए हैं मशहूर
अजमेर शहर, किशनगढ़, खोड़ा गणेश, केकड़ी, सरवाड़, नसीराबाद और बिजयनगर में आटा की छोटी बड़ी करीब 20 मिलें संचालित हैं। इन सभी में प्रतिदिन करीब 150 टन आटे का उत्पादन होता है। यहां तैयार होने वाला आटे की अधिकांश खपत अजमेर जिला है, लेकिन जिले के बाहर भी जोधपुर और अन्य जिलों को भी भेजा जाता है।
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