पाकिस्तान से भारत में घुसपैठ कर रही टिड्डियों पर हवाई हमले की तैयारी पूरी कर ली गई है। टिड्डी दलों काे खत्म करने के लिए जैसलमेर व बाड़मेर से लगती पाकिस्तान की सीमा पर हवाई स्प्रे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर जैसलमेर पहुंच चुका है और शनिवार को सीमावर्ती इलाके बांधा में हवाई स्प्रे कर टिड्डियों पर नियंत्रण किया। वहीं दूसरी तरफ एयरफोर्स ने भी अपने तीन एमआई-17 हेलीकॉप्टर को टिड्डी नियंत्रण के लिए दिए हैं।
गौरतलब है कि गत बार जैसलमेर व बाड़मेर जिले में हजारों हेक्टेयर पर उगी फसलों को टिड्डियों ने बर्बाद कर दिया था। किसानों की मांग के बावजूद गत बार हवाई स्प्रे नहीं किया गया। यहां तक कि मई माह से लेकर नवंबर तक टिड्डियों ने कहर बरपाया था। इस बार टिड्डी देश के कई राज्यों यहां तक कि देश की राजधानी तक पहुंच गए तब जाकर हवाई स्प्रे की कार्रवाई शुरू की गई है।
एयरफोर्स का एमआई-17 हेलिकॉप्टर 40 मिनट में ही 750 हेक्टेयर क्षेत्र में 800 लीटर छिड़काव करेगा
गौरतलब है कि निजी हेलीकॉप्टर एक बार में 250 लीटर कीटनाशक स्प्रे 50 हेक्टेयर क्षेत्र में कर सकता है। इसमें पायलट के नीचे दोनों तरफ स्प्रे करने की सुविधा है। कंपनी से हुए करार के तहत 60 दिन में इसकी 100 घंटे की उड़ान अनिवार्य है। इससे पहले एक हेलीकॉप्टर बाड़मेर के उतरलाई एयरबेस पर तैनात है। वहीं शनिवार को जैसलमेर में भी एक हेलीकॉप्टर को तैनात किया गया है।
टिड्डियों के सफाए के लिए इंडियन एयरफोर्स भी आगे आया है। एयरफोर्स ने अपने तीन एमआई-17 हेलिकॉप्टर्स को मॉडिफाइड कर टिड्डी दल पर स्प्रे करने के लिए तैयार कर दिया है। ये हेलीकॉप्टर महज 40 मिनट में 750 हेक्टेयर क्षेत्र में 800 लीटर कीटनाशक का छिड़काव कर देगा। इन तीन में से एक हेलीकॉप्टर को जोधुपर एयरबेस पर तैनात किया जाएगा। शेष दो हेलीकॉप्टर जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन में तैनात रहेंगे।
गत साल भी किसानों को बर्बाद किया
इस बार पाकिस्तान से घुसपैठ कर रहे टिड्डी दलों पर नियंत्रण के लिए आसमान के जरिए नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है। गत बार जमीनी स्तर पर स्प्रे की कार्रवाई की गई थी लेकिन नियंत्रण नहीं हो पाया। ऐसे में अब आसमान से ड्रोन व हेलीकॉप्टर के माध्यम से नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है।
पिछले दिनों जैसलमेर को 7 ड्रोन भी मिले थे। गत बार टिड्डी दलों ने जैसलमेर व बाड़मेर जिलों में आतंक मचाया था। शुरूआती मई माह में ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा लेकिन बाद में सितंबर, अक्टूबर व नवंबर में खेतों में खड़ी करोड़ों की फसलें चट कर दी थी। ऐसे में किसान इस बार ज्यादा चिंतित है।
जिले में दो माह से टिड्डी दल सक्रिय,खरीफ फसलों पर संकट
गत दो माह से टिड्डी दलों के आने का सिलसिला चल रहा है। इस बीच टिड्डी दलों ने कई जिलों तक पहुंच बना ली है। जानकारी के अनुसार इस बार पाकिस्तान में टिड्डी दलों के हजारों झुंड है। वहीं आगामी दिनों में इनके प्रजनन का समय भी आ जाएगा। ऐसे में यदि भारतीय सीमा में फाके हो गए तो उन पर कंट्रोल करना आसान नहीं होगा और करोड़ों के झुंड हो जाएंगे।
हेलीकॉप्टर से टिडि्डयां को मारेंगे
- केंद्र सरकार की ओर से भेजे गया हेलीकॉप्टर जैसलमेर पहुंच चुका है और पहले दिन बांधा 65 आरडी पर टिड्डी दल पर नियंत्रण के लिए रवाना कर दिया है। इस बार भारत सरकार ने नई गाड़ियां व अन्य इक्यूपमेंट भी खरीदे हैं और बेहतर तरीके से प्रयास करने की कार्रवाई चल रही है। वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी जैसलमेर पहुंचने वाले हैं। -राजेश कुमार, प्रभारी, टिड्डी नियंत्रण दल
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