प्रताप कॉलोनी का 15 वर्षीय एक किशोर पिछले 5 दिन से गायब है। उसके बारे में जानकारी देने वाले अज्ञात लोग उसे घर भेजने के नाम पर परिजनों से दो बार बैंक खातों में पैसा जमा चुके हैं। अभी और पैसा मांग रहे हैं। उनका कहना है कि किशोर ओल्ड फरीदाबाद के चाइल्ड केयर सेंटर में है। लेकिन,वे न तो वीडियो कॉल करवा रहे हैं और न ही खुद अपने बारे में कोई जानकारी दे रहे हैं।

इससे घर वालों का शक गहरा जा रहा है कि उनका बच्चा किसी गैंग के चंगुल में न फंस गया हो. इधर, पुलिस अभी भी इन फोन कॉल्स को फर्जी मान रही है। वह अभी तक पूरे मामले की सच्चाई भी पता नहीं कर पाई है। किशोर के परिजनों ने अब एडिशनल एसपी से मिलकर किशोर रिहान को तलाश कर परिवार को सुपुर्द करने की मांग की है।

पिता मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि उनका 15 वर्षीय बेटा रिहान शर्मा उर्फ कान्हा गत 5 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे से लापता है। वह घर में एक पर्ची भी छोड़ गया है। इस पर लिखा है कि मैं यह घर छोड़कर जा रहा हूं। हमें आशंका है कि वह किसी के बहकावे में आकर कहीं चला गया है। साथ में अपना आधार कार्ड और मार्कशीट भी ले गया है।

इधर, पुलिस के अभय कमांड सेंटर की सीसीटीवी फुटेज में वह कुम्हेर गेट से ऑटो में बैठकर जाता हुआ नजर आया है। ऑटो चालक ने बताया कि वह उस किशोर को रेलवे स्टेशन तक छोड़कर आया था। इसके बाद के सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले हैं। रेलवे स्टेशन पर भी किशोर के पहुंचने के बाद सिर्फ 10 मिनट के फुटेज गायब हैं।

फोन करने वाले हर बार दे रहे अलग-अलग जानकारी
परिजनों का कहना है कि किसी व्यक्ति ने उन्हें 8 सितंबर को फोन पर बताया कि उनका बेटा रिहान 7 सितंबर को फरीदाबाद स्टेशन पर मिला है। पहचान के लिए फोटो मंगवाया। फिर बताया कि उन्होंने इस बच्चे को चाइल्ड केयर सेंटर ओल्ड फरीदाबाद को सौंप दिया है। हम उन्हें आपका नंबर भी हम दे रहे हैं। वे आपसे बात कर लेंगे।

इसके बाद दूसरे फोन से कॉल आया जो अपने आप को केयर टेकर बता रहा था। उसने कहा कि आपका बेटा घर लौटने को तैयार नहीं है। ना ही वह वीडियो कॉलिंग करना चाहता है। वह यहीं पर रहने की जिद करते हुए रो रहा है। बाद में फिर फोन पर सूचना दी कि बाल कल्याण समिति से किशोर को घर भेजने की मंजूरी आ गई है।

हम इसे भरतपुर कोतवाली की सुपुर्दगी में देंगे। लेकिन, किशोर को भरतपुर तक लाने के लिए गाड़ी और रास्ते में खाने-पीने का खर्चा आपको वहन करना पड़ेगा। इस तरह कई बार फोन कर बदमाशों ने एक बार में 5100 और दूसरी बार 2100 रुपए बैंक खाते में डलवा लिए। लेकिन उनका बेटा अभी तक नहीं मिला है। फोन करने वाले अब न तो खुद वीडियो कॉलिंग कर रहा है और न ही बच्चे से बात करवा रहा है।

बच्चा सौंपने के नाम पर परिजनों को लगातार गुमराह कर रहे हैं बदमाश

इसलिए गहराती जा रही है आशंकाः रिहान शर्मा के परिजन गाड़ी लेकर 9 सितंबर को उसे लाने के लिए जब फरीदाबाद गए तो फोन करने वालों ने कहा कि वे उसे लेकर भरतपुर के लिए रवाना हो गए हैं। कभी कहा कि कोसीकलां तक आ गए हैं। कभी कहा कि वे एक ढाबे पर रुके हुए हैं। जब वे ढाबे पर पहुंचे तो वहां उस नाम का कोई ढाबा ही नहीं मिला। फिर उन्होंने फोन पर कहा कि वे चाइल्ड लाइन को सौंपने के लिए मथुरा आ गए हैं। कुछ देर बाद कहा कि वे लोग बल्लभगढ़ वापस आ गए हैं। इस तरह वे उन्हें लगातार गुमराह करते रहे। इस दौरान कई बार उनके फोन भी बंद आए। बालक आज तक भरतपुर नहीं पहुंचा है।

सभी कॉल प्रथम दृष्टया फर्जी हैं, बच्चे को तलाश रहे हैंः एसएचओ
रिहान शर्मा के बारे में जानकारी देने के लिए परिजनों के पास आईं सभी कॉल प्रथम दृष्टया फेकन लगती हैं। पुलिस ने भी इनकी कॉल डिटेल निकलवाई है। इनकी जांच कर रहे हैं। वहीं, लापता किशोर की तलाश भी जारी है।
कैलाश मीणा, एसएचओ, कोतवाली थाना



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