केंद्र के कृषि कानून के विरोध में भारत बंद के आह्वान पर मंगलवार को जयपुर में मंडियों और ट्रांसपोर्ट को छोड़कर बंद बेअसर दिखा। हालांकि इस बंद ने सियासत को सड़कों पर ला दिया। बंद के समर्थन में कांग्रेसी नेता-कार्यकर्ता सक्रिय नजर आए। वे जहां भी बंद कराने पहुंचे, वहीं भाजपा कार्यकर्ता सामने आ गए। पांच जगहों पर भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हो गईं। भाजपा मुख्यालय पर झगड़ा व पथराव हुआ, पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें खदेड़ा।
मुहाना फल-सब्जी मंडी में सुबह सब्जी व फलों की आवक नहीं हुई, जिससे कारोबार ठप रहा, जिससे किसानों को करीब 7 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। बाजारों में दुकानें खुली रहीं। ऑटोरिक्शा, मिनी बस, लो-फ्लोर बसें दोपहर तक नहीं चले। रोडवेज की करीब 3 हजार बसें पहली पारी में नहीं चली। दोपहर 3 बजे बाद बसों का संचालन शुरू हो गया। पड़ोसी राज्यों से जयपुर आने वाली करीब 900 बसें भी दोपहर बाद आनी शुरू हुई। ट्रकों से भी माल शाम के बाद ही आया, दोपहर में हाईवे पर वाहन कम ही थे।
किसानों के समर्थन में खूब हुई राजनीति की खेती
जयपुर में परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने ट्रैक्टर चलाकर शहर की सड़कों पर रैली निकाली। न्यू सांगानेर रोड, हसनपुरा, एमआई रोड होते हुए चारदीवारी क्षेत्र में दुकानदारों के बीच गए और किसानों के समर्थन में दुकानें बंद करने की अपील की। सांगानेर में कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज ने ट्रैक्टर रैली निकाली। कांग्रेस नेता धर्मसिंह सिंघानिया व मोहन डागर ने भी ट्रैक्टर रैली के जरिए किसानों के पक्ष में समर्थन मांगा।
कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष आबिद कागजी और आम आदमी पार्टी के नेता अमित शर्मा लियो ने बाजारों में जाकर व्यापारियों को फूल दिया और प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की। मालवीय नगर में कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा की अपील पर व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। राजस्थान सेवा दल की ओर से अध्यक्ष हेम सिंह के नेतृत्व में भी चांदपोल से लेकर बड़ी चौपड़ तक बंद के समर्थन में शांति मार्च निकाला गया। हालांकि जहां जहां कांग्रेस नेता कार्यकर्ता गए, वहां भाजपा से जुड़े लोग भी पहुंचे, बंद का विरोध किया।
भाजपा मुख्यालय पर मोदी विरोधी नारे, एनएसयूआई-भाजयुमो में लात-घूंसे चले
भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर एनयूएसआई कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंचे। वे केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रधानमंत्री का पुतला जलाने लगे और मोदी विरोधी नारे लगाने लगे तो वहां भाजयुमो के कार्यकर्ता आ गए और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से खींचतान शुरू कर दी। दोनों संगठनों के लोग आपस में उलझ गए। दोनों ओर से लात-घूंसे चले। पुलिस दोनों पक्षों को शांत रहने और रोकने का प्रयास करती रही, लेकिन वे नहीं माने।
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद दोनों पक्षों में लात-घूंसे चलते रहे। इसके बाद एनएसयूआई व भाजपाइयों के बीच पत्थरबाजी भी हुई। तब वहां मौजूद पुलिस जाब्ता एक्शन में आया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को बाइस गोदाम सर्किल के पास आइनॉक्स चौराहे तक खदेड़ा और भाजपा कार्यकर्ताओं को मुख्यालय के अंदर भेज दिया। तब यहां शांति हुई।
बरकत नगर के व्यापारी जबरन बंद कराने के विरोध में थाने पहुंच गए
जयपुर व्यापार महासंघ ने बंद के दौरान दुकानें बंद या खुली रखने का निर्णय व्यापारियों और दुकानदारों पर ही छोड़ दिया था। ऐसे में अधिकतर दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान खोले। करीब 20 प्रतिशत बाजार बंद रहा। बरकत नगर बाजार में सुबह 11 बजे बंद समर्थक रैली के रूप में पहुंचे और वहां खुली दुकानों को बंद कराने लगे।
दुकानदारों ने कहा कि वे बंद का समर्थन नहीं करते, वे दुकानें खुली रखना चाहते हैं। इस पर बंद समर्थकों की व्यापारियों से झड़प हो गई और तीन-चार दुकानदारों को हल्की चोटें आ गईं। इससे व्यापारी नाराज हो गए और पुलिस थाने पहुंच गए। शिकायत दर्ज कराई- मारपीट कर जबरन दुकानें बंद कराई जा रही हैं। इसके बाद पुलिस ने कुछ बंद समर्थकों को हिरासत में भी लिया।
दीनानाथजी का रास्ता व पुरोहित जी का कटला में भी बंद का विरोध हुआ
गणगोरी बाजार दीनानाथजी का रास्ता में कांग्रेस कार्यकर्ता किराना व मेवा कारोबारियों की दुकानें बंद करवाने पहुंचे तो वहां मौजूद भाजपाई व्यापारियों के समर्थन में उतर आए, इसके बाद व्यापारियों ने भी जबरन बंद करवाने का विरोध किया और दोनों पक्षों ने नारेबाजी की। इसी तरह की घटना पुरोहित जी का कटला में भी हुई, यहां भी मार्केट बंद नहीं हुआ।
भाजपा शहर अध्यक्ष राघव शर्मा ने कहा है- क्या यह शालीनता है राजनीति की? कांग्रेस को बंद कराना है तो जन सहयोग से कराएं। बंद के दौरान भाजपा कार्यालय पर आकर क्या नई परंपरा डालना चाहते हैं?
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट किया- आखिर इस तरह के प्रदर्शन को बढ़ावा देकर सरकार साबित क्या करनी चाहती है? सरकार खुद अराजकता का माहौल बना रही है।
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