जयपुर शहर में भीम बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। जिसके चलते पोल्ट्री फार्म वाले भी सतर्क हो गए हैं। एक तो सर्द मौसम और दूसरा बर्ड फ्लू का डर है जिसकी वजह से पोल्ट्री फार्म में तापमान बढ़ा दिया गया है अभी बॉयलर को 85 से 92 डिग्री तापमान पर रखा जा रहा हैं।
इसके लिए हैलोजन लाइट और गरम भाप फेकने वाली मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। खास बात यह है कि पशु विभाग की नजर में जयपुर शहर में एक भी चिकन पोल्ट्री फार्म है ही नहीं जो भी है वह बैकयार्ड पोल्ट्री जिनमें 5 से लेकर 25 तक की बॉयलर रखे जा रहे हैं।
जयपुर शहर में चिकन मार्केट काफी बड़ा है और करीब हर महीने 12 लाख से ज्यादा चिकन सप्लाई होते हैं। और इसमें 200 से ज्यादा बड़े फार्मर है हालांकि अधिकतर फार्म हाउस जयपुर शहर की सीमा से बाहर हैं और जो दुकानदार हैं वह भी बाहर से ही गाड़ियां मंगवाते हैं। जयपुर शहर में अगर परकोटे के दुकानदारों की बात करें वहां जरूर अवैध वोटिंग होती है जिसकी वजह से गंदगी जरूर सामने आई है।
हालांकि जबसे बर्ड फ्लू चर्चा में आया है तब से चिकन की डिमांड 25 फीसदी तक कम हो गई है। जयपुर के पुराने चिकन फार्मर और वीर चिकन के ओनर गुरमीत सिंह बग्गा ने बताया कि चिकन में हर साल फ्लू आता है लेकिन इसलिए नहीं खेल पाता क्योंकि राजस्थान का तापमान अधिक है बनसपत्त केरल वह अन्य जगह से साथ ही सर्द हवाओं के चलते वर्तमान में चिकन को 85 से 92 डिग्री तापमान पर रखा जा रहा है साथ ही बाडों को कवर कर दिया गया है जिसकी वजह से फ्लू फैलने का खतरा नहीं है।
पशु विभाग ने बर्ड फ्लू पर की खानापूर्ति
पशु विभाग ने बैकयार्ड पोल्ट्री फार्म की सूची कितने की है जिसमें उन लोगों को लिया गया है जो छोटे छोटे दुकानदार हैं और 5 से लेकर 25 तक की बॉयलर उनके पास उपलब्ध रहते हैं। पशु विभाग में आगरा रोड जामडोली के पास स्थित पोल्ट्री फार्म स्टेटस की स्थिति नहीं जाती जहां मुर्गी फार्म में लोग रिहायशी मकान बनाकर रह रहे हैं कई लोगों ने तो छात्रावास तक खोल दिए।
एक्सपर्ट व्यू
^ यह जो फ्लू आया है एच5एन8 हर साल आता है। यह पक्षी से पक्षी में फैलता है पक्षी से मनुष्य में फैलने का कोई रिकॉर्ड नहीं है और दूसरा जो भी चिकन खाता है उसे 75 या 70 डिग्री से ऊपर के तापमान पर पका कर खाना चाहिए जिससे फ्लू से संबंधित डर खत्म हो जाता है।
-डॉ. राजेंद्र गर्ग, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी
बर्ड फ्लू 2013 से लगातार हर साल आता है लेकिन राजस्थान में क्योंकि गर्म प्रदेश है इसलिए ज्यादा असरकारक नहीं है फिर भी यह फ्लू बर्ड से बर्ड में ट्रांसफर होता है बर्ड से मनुष्य में ट्रांसफर हो सकता है लेकिन मनुष्य से मनुष्य में ट्रांसफर नहीं हो सकता है यानी कि जो व्यक्ति संक्रमित तो हो सकता है लेकिन उससे कोई दूसरा संक्रमित नहीं हो सकता। जो चिकन फार्मर 85 से ऊपर तापमान रखते हैं वह सिर्फ बॉयलर को ग्रोथ करने में फायदेमंद है।
-मोहन सिंह चौधरी, रिटायर्ड मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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