विश्व में ब्राइडल गहनों में अगर नाम लिया जाता है तो वह कुंदन-जड़ाऊ के बगैर शुरू ही नहीं होता। कुंदन-जड़ाऊ का काम भी सदियों से अगर कहीं हो रहा है तो वह बीकानेर व इसके आस-पास के क्षेत्र में। अकेले बीकानेर में इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 10 हजार लोग जुड़े हुए हैं। महीने में करीब करोड़ों रुपए का टर्न ऑवर है इस व्यवसाय का। मांग का अधिकांश गहना बीकानेर के कारीगर ही बनाते हैं। यहां से बने गहने ही देशभर के साथ ही पूरे विश्व के शोरूम में नजर आते हैं।
मगर, कभी बीकानेर को इसकी पहचान नहीं मिल पाई। कारण था, कुंदन-जड़ाऊ गहने बनाने वालों का एकजुट ना होना। अब जब लॉकडाउन आया तो इन व्यापारियों ने भी एकजुटता का निर्णय लिया। कई बार वेबिनार किया। वेबिनार में सभी ने एक स्वर में माना कि शहर में जो भी व्यापारी व कारीगर कुंदन-जड़ाऊ का काम करते हैं, वे सब एकमंच पर आएंगे। बीकानेर को इस क्षेत्र में नया हब बनाएंगे ताकि यहां रोजगार के अधिक से अधिक सर्जन हो सके। कारीगरों को पूरा काम मिल सके और इस आर्थिक मंदी से मिलकर बाहर निकल सके।

जीजेईपीसी बन सकती है मददगार
देशभर के आभूषण का निर्यात करने वाली संस्था है जीजेईपीसी (जैम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल)। यह संस्था आभूषण व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक मदद देने के साथ ही उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण व मशीनरी भी उपलब्ध करवाती है। लॉकडाउन के दौरान इस संस्थान की तरफ से बीकानेर के कारीगरों काे अार्थिक मदद भी दी गई थी। यह संस्था बीकानेर में प्रशिक्षण केंद्र बनाना चाहती है मगर, यहां के व्यापारी इसके लिए एकजुट नहीं हो पा रहे थे। अब उम्मीद बंधी है।

^ हीरे की ज्वैलरी पूरे विश्व में कहीं भी मिल सकती है मगर ब्राइडल कुंदन-जड़ाऊ की ज्वैलरी के लिए राजस्थान ही एकमात्र स्थान है। इसमें भी बीकानेर। अभी इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोग संकट है जिसके लिए समन्वित प्रयास होने चाहिए।
अमित मांडण - आभूषण निर्माता व विक्रेता
^ कुंदन-जड़ाऊ ब्राइडल गहने के विकल्प हैं। पूरे विश्व में यह राजस्थान में ही मिलते हैं और उसमें भी अधिकांश आभूषण बीकानेर के कारीगर व व्यापारी बनाते हैं। जरूरत है कि इस व्यवसाय के लोग एकमंच पर आए।
रामजी कड़ेल - आभूषण निर्माता व विक्रेता
^ हस्तशिल्प का सबसे अच्छा आभूषण अगर ब्राइडल के लिए कुछ होता है तो वह कुंदन-जड़ाऊ ही है। देशभर के शोरूम में हमारे शहर से बने आभूषण ही नजर आते हैं। यह हमारी पहचान है जिसे बचाना जरूरी है।
सुरेंद्र सोनी - आभूषण निर्माता व विक्रेता
^ सदियों से बीकानेर के स्वर्ण व्यापारी ही कुंदन-जड़ाऊ की ज्वैलरी पर अपना हुनर दिखा रहे हैं। हम लोग इसे बनाकर अन्य जगह भेजते हैं और वहां व्यापार होता है। अब यहां से भी व्यापार शुरू होना चाहिए ताकि स्थानीय रोजगार बढ़े।
विनोद लावट - आभूषण निर्माता व विक्रेता
^हर महीने बीकानेर में कुंदन-जड़ाऊ के लिए ही लगभग 125 किलो सोना उपयोग में लिया जाता है। इतनी बड़ी तादाद में यह काम चल रहा था मगर अभी मामला पूरी तरह से बंद है। इस परेशानी से सबको मिलकर लड़ना होगा।
घनश्याम जोड़ा - आभूषण निर्माता व विक्रेता
^ सोने के भाव आसमान छू रहे हैं, इस कारण कुंदन-जड़ाऊ आभूषणों का काम हो ही नहीं पा रहा। कारीगर खाली बैठे हैं। हम सभी व्यापारियों को एकजुट होकर नया बाजार खड़ा करना होगा जिससे यहां काम की कमी ना रहे।
मनीष लांबा - आभूषण निर्माता व विक्रेता



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Bikaner merchants who bring Kundan-Jadau jewelry to every house will unite, create hub, will increase employment
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