सावन के अंतिम दिन साेमवार 3 अगस्त काे रक्षाबंधन मनाई जाएगी। इस बार रक्षाबंधन के दिन 29 साल बाद सर्वार्थ सिद्धि के साथ दीर्घायु का आयुष्मान योग रहेगा, जाे बहनाें के लिए विशेष फलदायी हाेगा। इस योग में राखी बांधने से भाई-बहन को सुख समृद्धि के साथ दीर्घायु की प्राप्ति होगी। इस बार रक्षाबंधन श्रवण नक्षत्र में मनाई जाएगी। श्रवण नक्षत्र की साक्षी श्रवण देवता के पूजन के लिए शुभ मानी गई है। इससे पहले वार, तिथि, योग, नक्षत्र का ऐसा दिव्य संयोग 1991 में बना था।
चाइनीज राखियों का बहिष्कार, भाजपा की महिला टीम बनवा रही राखियां
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भाजपा शहर की महिला टीम द्वारा संचालित ज्योति महिला समिति ने महिलाओं से राखी बनवाई, जो कि उन महिलाओं की आजीविका में मदद कर रही है। भाजपा शहर जिलामंत्री रेखा खेलवाल ने बताया कि 15- 20 महिलाएं परिवार के भरण-पोषण में सक्षम हैं। चाइनीज राखियों का बहिष्कार कर भाजपा आत्मनिर्भर-भारत अभियान के तहत राखियांं बनवाई जा रही है।
भद्रा काल में नहीं बांधी जाएगी राखी
श्रावण पूर्णिमा पर सोमवार के दिन श्रवण नक्षत्र होने से सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। उस दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर श्रवण नक्षत्र लगेगा, जो अगले दिन सुबह 8.12 मिनट तक रहेगा। इस बार यह संयोग 29 साल बाद बन रहा है। सभी वर्गाें के लिए सुख-समृद्धि कारक व कृषि क्षेत्र में लाभकारी व फलदायी हाेता है। सुबह 9.29 बजे के बाद भद्रा काल समाप्त होने पर सर्वार्थ-सिद्धि योग में रक्षाबंधन मनाया जाएगा। भद्रा काल में रक्षा बंधन मनाने का निषेध रहता है। 3 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ श्रावण मास समाप्त हो जाएगा।
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