प्रदेश में अनलॉक होने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव-2020 की तैयारियां फिर से शुरू की हैं, लेकिन नवसृजित पंस व ग्राम पंचायतों में पंचायत चुनाव के बाद ही अधिकारियों व कर्मचारियों को लगाया जाएगा। पंचायतीराज के जानकारों की मानें तो बाकी रहे पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव अगस्त-सितंबर में करवाए जाने की संभावना है। वहीं नवसृजित पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों में पंचायतीराज विभाग ने स्थिति क्लियर कर दी है।
कई जिलों से पंचायतीराज विभाग के पास में नवसृजित ग्राम पंचायतों व पंस में वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी करने के सबंध में मार्गदर्शन मांगे गए थे। इस संबंध में विशिष्ट शासन सचिव आरुषि मलिक ने निर्देश दिए हैं कि नवसृजित की गई पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतें चुनाव होने के बाद अस्तित्व में आएंगी।
इनमें अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति बाद में ही होगी। जिले में वर्तमान में कुल 21 पंचायत समितियां हैं। उनमें से पांच पंचायत समितियों केरू, आऊ, चामू, घंटियाली नवसृजित पंचायत समितियों में प्रशासकों की नियुक्ति नहीं हुई है। नवसृजित 5 पंचायत समितियों में कई में सरपंच के चुनाव भी हो गए।
गौरतलब है कि पंचायत चुनावों को कोरोना संकट के कारण टाला गया, अब ग्रामीण इलाकों में लोगों को चुनावों का बेसब्री से इंतजार है। कोरोना काल से पहले जिले में 251 ग्राम पंचायतों के सरपंचों के चुनाव हो गए। जिले की शेष 378 ग्राम पंचायतों के चुनाव करवाए जाने की तैयारी है।
निर्वाचन आयोग ने निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 10 जून को कर दिया है। पहले निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन की तिथि 23 मार्च थी, लेकिन कोरोना के चलते कामकाज प्रभावित होने से अब अंतिम प्रकाशन किया गया।
कुल ग्राम पंचायतें 629
सरपंच चुनाव हो गए 251
सरपंच के चुनाव शेष 378
पंचायत समिति 21(प्रधान के चुनाव शेष)
पंचायत समिति सदस्य 389(चुनाव शेष)
जिला समिति सदस्य 37(चुनाव शेष)
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