शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के नियमों में इस बार बड़ा बदलाव हुआ है। नए सत्र से निजी स्कूलों की प्री प्राइमरी कक्षाएं आरटीई के दायरे से बाहर हो गई हैं। अब निजी स्कूल की केवल फर्स्ट क्लास में ही निशुल्क प्रवेश हो सकेगा। केवल एक ही कक्षा में प्रवेश की बाध्यता के चलते आरटीई में कुल सीटों की संख्या भी इस साल घट सकती है।

पिछले साल तक प्री प्राइमरी और प्राइमरी में प्रवेश दिया जाता था, तब करीब 4 लाख सीटें थी। सत्र 2020-21 के लिए जारी गाइडलाइन के मुताबिक प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 9 जुलाई से प्रारंभ होकर 24 जुलाई तक चलेगी। प्रवेश का वरियता क्रमांक तय करने के लिए 30 जुलाई को लॉटरी निकाली जाएगी।

निकायों में इस बार हुई वार्डों की बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने पेरेंट्स को राहत देते हुए पिछले साल के वार्डों को ही कैचमेंट एरिया माना है। फर्स्ट क्लास के लिए ऑनलाइन आवेदन के समय विद्यार्थी की आयु 5 से 7 साल होनी चाहिए। अधिकतम और न्यूनतम आयु की गणना 31 मार्च 2020 के आधार पर की जाएगी।

अब दुर्बल वर्ग केटेगरी में 2.50 लाख रुपए सालाना या इससे कम आय वर्ग के अभिभावकों के बच्चों का प्रवेश हो सकेगा। जबकि असुविधाग्रस्त केटेगरी में एससी, एसटी, अनाथ, गंभीर रोग से पीड़ित, युद्ध विधवा के बच्चे, निशक्त बालक व बीपीएल केटेगरी के बच्चों का प्रवेश हो सकेगा।

ऐसे कर सकते हैं आवेदन
9 जुलाई से 24 जुलाई तक www.rajpsp.nic.in पर मोबाइल नंबर सहित बालक की पात्रता से संबंधित सूचनाएं अपलोड करेंगे। इसके बाद एक एप्लीकेशन आईडी व पासवर्ड प्राप्त होगा। इसके आधार पर फिर लॉगिन करके बालक व खुद से संबंधित सूचनाएं प्रविष्ट करेंगे। इस दौरान एक विद्यार्थी प्रवेश के लिए अधिकतम 15 निजी स्कूलों की च्वाइस भर सकता है। सभी सूचनाओं को भरने के बाद लॉक करके प्रिंट लेना होगा।



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प्रतीकात्मक फोटो।
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