आखिर प्रदेश में मानसून की दस्तक के 38 दिन बाद बारिश ने नगर प्रवेश कर लिया। इन 38 दिनों के दरमियान कई बार मेघ बरसे, लेकिन शहर में चंद बूंदें ही टपकीं। जिले के कुछ बेल्टों में जरूर कई दौर की अच्छी बारिश हो चुकी है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से मानसून पश्चिमी राजस्थान पर अब मेहरबान हुआ है। लगातार 3-4 दिन संभाग में बारिश की संभावना है।
शुरुआत शुक्रवार अलसुबह हो गई। शहर में सुबह 5 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। 10. 8 एमएम बारिश हुई। दिनभर बादलों की आवाजाही चलती रही। दोपहर 2-3 बजे के बीच कुछ देर हल्की बारिश हुई। लेकिन शाम को आधे घंटे अच्छी बारिश हुई। 13 एमएम दर्ज की गई। इधर, 24 घंटे में 23.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। अब 3-4 दिन अच्छी बारिश उम्मीद है। मौसम विभाग ने वेबसाइट में यही अपडेट किया है। इस बीच न्यूनतम तापमान 27.5 और अधिकतम 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गंगाशहर: लोगों ने चैंबर खोल दिए, सीवरेज काम ठप

बीकानेर| शहर में जल भराव की समस्या को देखते हुए नालों की सफाई शुरू हुई लेकिन शुक्रवार अल सुबह और शाम को आई बारिश से नालों में उफान ला दिया। पुरानी गिन्नानी, हनुमानहत्था, जूनागढ़, कलेक्ट्रेट, कोटगेट आदि क्षेत्रों में पानी भर गया। सूरसागर वाली सड़क पर सीवरेज चैंबर उठाकर पानी निकाला गया।
बारिश का पानी निकालने में निगम कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई। उधर, गंगाशहर सीवरेज प्रोजेक्ट में एक बड़ी रुकावट पैदा हो गई है। बारिश का पानी निकालने के लिए घड़सीसर क्षेत्र में लोगों ने सीवरेज के चैंबर खोल दिए। चौक में मिलान का काम चल रहा था। पानी आने से वहां बनाया बड़ा चैंबर भर गया। बारिश के कारण चारों तरफ से पानी आया, जिसे रेत की पाल बनाकर रोका गया।
निगम ने फिर किए 10 लाख के टेंडर नालों की सफाई के लिए नगर निगम ने फिर से 10 लाख के टेंडर जारी किए हैं। इसमें 15 ट्रेक्टर, जेसीबी, पोकलेन मशीन, क्रेन आदि संसाधन ठेके पर मांगे गए हैं। पिछले दिनों आपदा प्रबंधन की आड़ में पांच लाख के टेंडर किये थे।
पार्षद जावेद पड़िहार ने निगम के कार्यवाहक आयुक्त मेघराज मीणा से कहा है कि निगम और यूआईटी के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। इसलिए टेंडर उन्हीं मशीनों के किये जाएं, जो हमारे पास नहीं हैं। जावेद ने महापौर के समक्ष भी आपत्ति जताई है।
इधर, भुगतान के अभाव में रुके कचरा वाहनों के पहिये
शहर में कचरा संग्रहण का काम निगम ने ठेके पर दे रखा है। निगम ठेकेदार के 60 ट्रेक्टर 80 वार्डों में 3 ट्रिप करते हैं। ठेकेदार का दो माह का 2 करोड़ का भुगतान अटक गया है। इसलिए शुक्रवार को ट्रेक्टरों ने पूरे ट्रिप नहीं किये। ठेकेदार ने महापौर से भुगतान का आग्रह किया है। इसी प्रकार कई ठेकेदारों के बिल पेंडिंग है। निगम में पूर्णकालिक आयुक्त नहीं होने और कार्यवाहक को वित्तीय अधिकार नहीं होने से ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो पा रहा।
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