केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति पर कला कॉलेज के प्रोफेसर ने कई सवाल खड़े किए हैं।
डॉ. रमेश बैरवा का कहना है कि नई शिक्षा नीति एक्सेस, इक्विटी, एक्सीलेंस, अफोर्डेबलिटी व अकाउंटेबिलिटी पर जोर देती है। वोकेशनल शिक्षा को बढ़ाने पर जोर देती है। शिक्षा का भारतीयकरण करने की बात करती है और यह शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण व केन्द्रीकरण को बढ़ाएगी।
शिक्षा महंगी हो जाएगी और समाज में सामाजिक व आर्थिक विषमता को बढ़ाएगी। आगामी 30-40 वर्ष के लिए देश की दिशा तय करने वाली इस नीति पर संसद में कोई चर्चा नहीं की गई है। 9 अगस्त को शाम 6 बजे नई शिक्षा नीति को नीतिगत दिशा एवं कॉलेज शिक्षकों पर प्रभाव पर चर्चा के लिए वेबिनार आयोजित की जाएगी।
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