कस्बे में शनिवार को मुस्लिम समाज ने कोरोना महामारी के चलते सादगी से ईद-उल-जुआ का पर्व मनाया। इस दौरान सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए ईदगाह सहित कस्बे में मस्जिदों में पांच-पांच लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नजरुद्दीन अंसारी ने बताया कि समाज के अन्य लोगों ने घरों पर ही नमाज अदा की। ईदगाह में शहर काजी मोहम्मद इस्हाक ने नमाज अदा कराई। वहीं निचली मस्जिद, काजियों की मस्जिद, फकीरों की मस्जिद, मदरसा गरीबनवाज आदि मस्जिदों में सरकारी गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए ईद की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद घरों पर कुर्बानी की रस्म अदा की गई।
कस्बे में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-उल-ज़ुहा की नमाज अपने-अपने घरों पर ही अदा की। नमाज के बाद लोगों ने कारोनी महामारी से मुल्क और दुनिया को निजात मिलने की दुआ मांगी। अंजुमन कमेटी के सदर अब्दुल साजिद ने बताया कि अंजुमन कमेटी ने भी लोगों से ईद की नमाज घर पर ही पढ़ेने की अपील जारी की थी। अंजुमन कमेटी के सरपरस्त बोर्ड सदस्य और पेंशनर्स समाज के उपशाखा अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद ने बताया कि लोगों ने इस बार सोशल डिस्टेंस की पालना करते हुए एक-दुसरे को मोबइल पर ही ईद की मुबारकबाद पेश की।
कस्बे में मुस्लिम समाज ने ईद-उल-जुहा का पर्व उत्साह से साथ मनाया। इस अवसर पर कुर्बानी दी गई। सलीम अख्तर, नदीम अख्तर ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए ईदगाह में सुबह नौ बजे पांच जनों को ही काजी मुबस्सर अली ने ईद की नमाज अदा कराई। वहीं अन्य लोगों ने घरों पर नमाज अदा की। इसके बाद कुर्बानी की रस्म अदा की। वहीं जीरो मोबिलिटी क्षेत्र अलाव चौक पर ईद के पर्व को लेकर प्रशासन का बंदोबस्त रहा।
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